गिरीश मालवीय-
बिग ब्रेकिंग… देश में पहली बार बड़े उद्योगपति खुलकर एक दूसरे के आमने सामने आ गए है हम बात कर रहे है सुभाष चंद्रा और मुकेश अंबानी की …..अभी कुछ देर पहले सुभाष चंद्रा ने जी नेटवर्क पर एक बयान जारी कर खुले तौर पर मुकेश अंबानी का नाम लिया है
चंद्रा ने आरोप लगाया कि Network18 और CNBC के जरिए उनके बारे में गलत बातें प्रचारित की गईं. उन्होंने कहा,”मैंने मुकेश अंबानी से सीधे इस मामले में दखल देने और कथित प्रोपेगेंडा रोकने की अपील की थी. इस संबंध में अंबानी को फोन भी किया था.
डॉ. चंद्रा ने आरोप लगाया कि मुकेश अंबानी की ओर से Zee को अपने कंट्रोल में लेने की कोशिश की गई.इस पूरे घटनाक्रम में उनके खिलाफ माहौल बनाया गया. उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई. डॉ. चंद्रा ने दावा किया कि Zee के शेयरों में गिरावट के पीछे भी अंबानी के नेटवर्क की भूमिका रही है.
अंबानी को संबोधित करते डॉ सुभाष चंद्रा ने कहा “मेरे पास अब खोने के लिए कुछ नहीं है, जबकि आपके पास बहुत कुछ खोने के लिए है.
“समझ रहे हो विनोद”
देश के दो बड़े उद्योगपतियों में आपस में मार हो गई है। सुभाष चंद्रा और मुकेश अंबानी खुलकर एक दूसरे के खिलाफ आ गए हैं।
मुकेश ने अपने टीवी चैनल पर सुभाष के खिलाफ कुछ भी खबर चलाने को फ्री हैंड दे दिया है। वहीं सुभाष चंद्रा ने जी नेटवर्क पर एक बयान जारी कर खुले तौर पर मुकेश अंबानी का नाम लिया है और कहा है कि अंबानी मेरा चैनल खरीदने की कोशिश कर रहे थे,अब बदनाम कर रहे हैं…
-मनीष यादव, वरिष्ठ पत्रकार
कृष्णन अय्यर-
सुभाष चंद्रा की 22,000 करोड़ की क़र्ज़ माफ़ी ने “मोदी की चोर मंडली” में आपस में झगड़ा करवा दिया है..
“चोर ख़ानदान” मुकेश अंबानी और चोर मंडली वाले सुभाष चंद्रा के दरम्यान गंदा झगड़ा चल रहा है..वैसे दोनों के दरम्यान यह झगड़ा काफ़ी पुराना है
मसला कुछ ऐसा है- CNBC ने सुभाष चंद्रा की 22,000 करोड़ की क़र्ज़ माफ़ी की ख़बर चलाई.. पूरी दुनिया में ख़बर है मोदी बैंक लुटवा रहा है.. इसमें कुछ ग़लत नहीं था..
सुभाष चंद्रा कल से ख़ुद को ईमानदार साबित बता रहा है.. कहता है कि 22,000 करोड़ की माफ़ी नहीं उस ने 43,000 करोड़ का क़र्ज़ चुकाया है..अबे
सुभाष चंद्रा कहता है कि मुकेश अंबानी फ़र्ज़ी ख़बर चला रहा है.. सुभाष चंद्रा तुम ख़ुद फेक न्यूज़ से कमाते हो।
सुभाष चंद्रा कहता है कि 2019 में मुकेश अंबानी ने Zee के शेयर को एक दिन में 40% तोड़ दिया था : यह सही ख़बर है..मगर इस का 22,000 करोड़ की लूट से क्या मतलब?
सुभाष चंद्रा कहता है उसने मुकेश अंबानी को Zee बेचने की पेशकश की थी.. मगर मुकेश अंबानी ने Zee को हथियाने की कोशिश की थी : यह भी सही ख़बर है.. मगर बेमानी है।
सुभाष चंद्रा ने मुकेश अंबानी को “देख लेने” की धमकी भी दी है.. वैसे ये डायरेक्ट मोदी को ही धमकी है।
अगर सुभाष चंद्रा के पास “CD जैसी कुछ वस्तु” नहीं होती तो मुकेश अंबानी 2019 में Zee को खा लेता.. मगर मोदी ने Zee को बचाया.. क्योंकि सुभाष चंद्रा मोदी को नुक़्सान पहुंचा सकता था.. ये सब समझते हैं।
अब भारत का बच्चा बच्चा 22,000 करोड़ की क़र्ज़ माफ़ी जान चुका है.. सब कह रहे हैं कि 22,000 करोड़ में कितनी हिस्सादारी है? मुकेश अंबानी की ख़बर से मोदी को नुक़्सान हो रहा है.. और अगर सुभाष चंद्रा ने मुकेश अंबानी की पोल खोल की तो भी नुक़्सान मोदी का ही है।
इस वक़्त मुकेश अंबानी के ख़िलाफ़ इतना कुछ है कि अगर कोई एक मीडिया हाउस शिद्दत के साथ मुकेश के पीछे पड़ जाए तो लेने के देने पड़ जाएंगे.. Zee तुम संघर्ष करो, मुकेश का पर्दाफ़ाश करो।


