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सियासत

केंद्रीय मंत्री जुअल ओराम ने BJP नेताओं पर लगाया छवि खराब करने का आरोप, कहा- ‘मुझे मंत्रिमंडल से हटाने की साजिश’

Newspaper article about Union Tribal Affairs Minister Jual Oram alleging Odisha BJP members plot to oust him; photo of Oram in the center.

नई दिल्ली/भुवनेश्वर: केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता जुअल ओराम ने अपनी ही पार्टी के भीतर उनके खिलाफ साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है। ओराम ने शुक्रवार को कहा कि कुछ लोग पैसे खर्च कर उनकी छवि खराब करने और उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटवाने की कोशिश कर रहे हैं।

ओडिशा के सुंदरगढ़ से सांसद जुआल ओराम ने पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से दुष्प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इशारों-इशारों में उन नेताओं पर निशाना साधा, जो दूसरे राजनीतिक दलों से BJP में शामिल हुए हैं।

ओराम ने कहा, “कुछ लोग पैसे खर्च कर मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं और मेरी छवि खराब करने के लिए दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि अगर मुझे केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटा दिया गया तो उनके लिए अवसर पैदा होगा।”

‘हाथ काटकर फेंक देने’ की दी चेतावनी

किसी नेता का नाम लिए बिना केंद्रीय मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो उनके पास उसका जवाब देने की ताकत है।

ओराम ने कथित तौर पर कहा कि जो लोग उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ वह सख्त रुख अपना सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक रूप से अस्थिर करने की कोशिश करने वालों को चुनौती देने से वह पीछे नहीं हटेंगे।

पार्टी के संगठन महामंत्री से की शिकायत

ओडिशा BJP के गठन के शुरुआती दौर से ही पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे जुअल ओराम ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी पार्टी के महासचिव (संगठन) मानस मोहंती को दे दी है।

उन्होंने कहा, “अगर राज्य स्तर पर इस मामले का समाधान नहीं हुआ और मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं इसे केंद्रीय नेतृत्व के सामने भी उठाऊंगा।”

ओराम ने कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए अपना खून-पसीना बहाया है और दूसरे दलों से BJP में आए कुछ नेता उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “पार्टी ने मुझे अब तक जो पद, जिम्मेदारी और सम्मान दिया है, उससे मैं संतुष्ट हूं, लेकिन मेरे खिलाफ इस तरह की कोशिशों की मैं निंदा करता हूं।”

चुनाव न लड़ने का फैसला बदला, विरोधियों को दी चुनौती

वरिष्ठ BJP नेता जुअल ओराम ने पहले घोषणा की थी कि वह अब कोई प्रत्यक्ष चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि, अब उन्होंने अपना रुख बदलते हुए कहा है कि वह फिर से चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने अपने विरोधियों को राजनीतिक मैदान में मुकाबला करने की चुनौती देते हुए कहा कि जो लोग उनके खिलाफ काम कर रहे हैं, वे सामने आकर चुनावी लड़ाई लड़ें। ओराम ने कहा कि उन्हें राजनीतिक रूप से अस्थिर करने की कोशिश करने वालों को इसके परिणाम देखने को मिलेंगे।

प्रतिनिधि की गिरफ्तारी के बाद आया बयान

जुअल ओराम का यह बयान ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले राउरकेला पुलिस ने उनके प्रतिनिधि प्रकाश पासवान को गिरफ्तार किया था।

पुलिस के अनुसार, प्रकाश पासवान ने सर्किट हाउस में सात लोगों के लिए कमरे बुक कराए थे। इन लोगों को हाल ही में पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया था।

इस घटना को लेकर ओराम ने हाल ही में सोशल मीडिया पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की थी।

हालांकि, जुअल ओराम के इन गंभीर आरोपों पर ओडिशा BJP इकाई की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कौन हैं जुअल ओराम?

जुअल ओराम देश के प्रमुख आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं। वह ओडिशा की सुंदरगढ़ लोकसभा सीट से छह बार सांसद चुने जा चुके हैं। उन्होंने पहली बार वर्ष 1998 में लोकसभा चुनाव जीता था।

अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान, वर्ष 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उन्हें जनजातीय कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर उन्हें फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। वर्ष 2024 में भी वह दोबारा केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा बने।

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के केंदुदीही गांव में एक गरीब आदिवासी परिवार में जन्मे जुअल ओराम ने वर्ष 1982 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में नौकरी की।

उन्होंने वर्ष 1989 में पहली बार राज्य विधानसभा का चुनाव जीता और इसके बाद राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1998 से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले जुएल ओराम सुंदरगढ़ सीट से केवल एक बार चुनाव हारे हैं। वर्ष 2009 में उन्हें तत्कालीन ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार हेमानंद बिस्वाल ने हराया था।

अब अपनी ही पार्टी के भीतर साजिश और छवि खराब करने के आरोपों के बाद जुएल ओराम का बयान ओडिशा BJP की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।

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