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आयोजन

साक्षी जोशी ने पत्रकार पिता उमेश जोशी को समर्पित किया Hurun India-Candere अवार्ड, बोलीं- “सत्ता से सवाल करना मुश्किल है, इसलिए असाधारण माना जा सकता है मेरा काम!”

77 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार पिता उमेश जोशी ने रिकॉर्ड किया बेटी के सम्मान का वीडियो, साक्षी बोलीं- आज अगर यहां खड़ी हूं तो उनकी बदौलत!

Two people smiling for a selfie at an event, with a blue backdrop reading 'The Moment of Lift Summit & Awards'.

वरिष्ठ पत्रकार साक्षी जोशी को Hurun India और Candere by Kalyan Jewellers की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में ‘The Moment of Lift 2026’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के बाद साक्षी ने अपने माता-पिता और दर्शकों के प्रति आभार जताया। लेकिन इस सम्मान के मौके पर उनके भाषण का सबसे अहम हिस्सा उस पत्रकारिता की मुश्किलों से जुड़ा था, जिनका सामना आज सच बोलने और सत्ता से सवाल करने वाले पत्रकारों को करना पड़ता है।

Three people on a stage at an awards ceremony; a woman in a red dress receives a trophy from a man in a beige suit, with another man beside them on the right.
Turquoise letter 'M' sculpture on a gray base with a plaque reading 'The Moment Of Lift Award 2026' and the recipient's name, Sakshi Joshi.
Round circular badge with 'INDULGE BEYOND CONCIERGE' and dedication 'For Sakshi Joshi' held in a hand at an event/venue.

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के साथ साक्षी जोशी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय मां-पिता को दिया। उन्होंने अपनी मां को याद करते हुए लिखा कि उनकी मां स्वर्ग से यह देखकर बहुत खुश हो रही होंगी और आशीर्वाद दे रही होंगी। उन्होंने Hurun India और Candere by Kalyan Jewellers का आभार जताया कि उन्होंने आज के दौर में उनके काम को विशेष मानकर सम्मानित किया।

साक्षी का मानना है कि वो कोई Extraordinary काम नहीं करतीं हैं लेकिन वो ये भी जानती हैं कि उनके काम को अलग क्यों माना जाता है।

साक्षी ने आगे कहा, “आज के दौर में जहाँ सच बोलना और सत्ता से सवाल करना इतना मुश्किल हो गया हो, जहाँ पत्रकारों पर मुक़द्दमे दर्ज हो जाते हों वहाँ मेरा काम Extraordinary माना जा सकता है।”

उनकी इस बात का अर्थ साफ है। वह अपने काम को किसी असाधारण व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में नहीं मानती क्योंकि सत्ता से सवाल करना ही असली पत्रकारिता है, लेकिन आज के दौर में जहाँ मीडिया अपने सबसे निचले स्तर पर हो, वहाँ स्वतंत्र पत्रकारिता, सच बोलना और सत्ता से सवाल करना extraordinary माना जा सकता है। और इसलिए वो इस पुरस्कार को स्वीकार करती हैं।

पिता को समर्पित किया सम्मान

Woman in a pink lace saree holding a microphone on a stage with a dark backdrop showing event logos.

साक्षी जोशी ने इस अवॉर्ड को अपने पिता को समर्पित किया, जो स्वयं वरिष्ठ PIB पत्रकार हैं। समारोह में जब बेटी को सम्मान मिल रहा था, तब 77 वर्षीय पिता श्री उमेश जोशी जी उनका वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे।

साक्षी ने अपने भाषण में कहा, “और मैं ये अवॉर्ड अपने पिता श्री उमेश जोशी जी को dedicate करती हूँ जो खुद वरिष्ठ पत्रकार हैं और मेरा वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं। आज अगर मैं यहाँ खड़ी हूँ तो उनकी बदौलत।”

इस पूरे प्रसंग में पिता और बेटी के बीच पत्रकारिता की साझा विरासत का भाव दिखाई देता है। एक वरिष्ठ पत्रकार पिता का अपनी बेटी के सम्मान के क्षण को कैमरे में दर्ज करना और बेटी का मंच से उसी पिता को अपनी उपलब्धि समर्पित करना इस अवसर को निजी और भावनात्मक अर्थ देता है।

साक्षी ने अपने दर्शकों के प्रति भी आभार जताया। उनका कहना था कि दर्शकों ने लगातार उन पर भरोसा किया है और उनके समर्थन के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं होती।

सम्मान समारोह का वीडियो

साक्षी द्वारा साझा किए गए वीडियो में वह Chantilly Lace Saree और ब्लैक ब्लाउज पहने मंच की ओर जाती दिखाई देती हैं। मंच पर Hurun India, Candere Lifestyle Jewellery और The Moment of Lift 2026 का नाम नजर आता है। वहां उन्हें ट्रॉफी प्रदान की जाती है और वह मंच से अपनी बात रखती हैं।

वीडियो के साथ लिखे संदेश में साक्षी ने अपने माता-पिता के योगदान को याद किया और अपने दर्शकों को भी इस उपलब्धि का हिस्सा बताया। पोस्ट के अंत में उन्होंने विशेष रूप से लिखा कि वीडियो रिकॉर्ड करने वाले उनके पिता की उम्र 77 वर्ष है।

क्या है Candere Hurun India Women Leaders List?

Hurun India और Candere by Kalyan Jewellers की 2026 Women Leaders List में विभिन्न क्षेत्रों की 117 महिलाओं को 12 श्रेणियों में शामिल किया गया है। इसमें कारोबार, उद्यमिता, खेल, साहित्य, मीडिया और सामाजिक प्रभाव जैसे क्षेत्रों में योगदान देने वाली महिलाओं को जगह मिली है। 2025 की सूची में 97 महिलाएं थीं। इस साल सूची का दायरा बढ़ाया गया। ।

साक्षी जोशी के लिए यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का क्षण नहीं है। उनके अपने शब्दों में इसकी अहमियत उस पत्रकारिता से जुड़ी है जिसमें सच बोलना, सत्ता से सवाल करना और उसके परिणामों का सामना करना शामिल है।

उनका संदेश भी इसी बात पर केंद्रित है कि किसी काम को असाधारण कहे जाने की वजह केवल उसे करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि वह दौर और परिस्थितियां भी होती हैं जिनमें वह काम किया जा रहा होता है।

साक्षी का वीडियो देखने के लिए क्लिक करें-

https://x.com/sakshijoshii/status/2115291801183748279/video/1?s=46

कार्यक्रम की कुछ अन्य तस्वीरें-

Three adults stand indoors at an event: a smiling woman in a black dress on the left, a woman in a pink lace saree holding a phone in the center, and an older man in a black shirt on the right, with a restroom sign and colorful mural in the background.
Group of four professionally dressed women in a lobby, one in a pink lace dress showing a card to two colleagues.
Five professionals posing for a photo at an event in front of a blue backdrop with brand logos; center man wears a light-blue suit.
Three people standing around a table with drinks, conversing at an indoor event: woman in blue patterned dress left, woman in pink saree center, man with white hair and glasses right; event logos visible bottom right.
Three people in formal attire posing with an award on a stage, backdrop reads 'The Moment of Lift 2026' with sponsor logos.
Three adults in a banquet hall chat and smile during a formal event, with round tables and a camera setup in the background for a jewelry launch or reception at Hurun/Candere.
Speakers on stage at The Moment of Lift 2026, with a woman in the center holding a microphone and two men beside her.
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