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डीसीपी की गाड़ी ठोंकने में पेटीएम के मालिक विजय शेखर शर्मा अरेस्ट

संजय कुमार सिंह-

पेटीएम के संस्थापक गिरफ्तार, रिहा खबर और राज… इंडियन एक्सप्रेस ने आज पहले पन्ने पर एक खबर छापी है जिसके अनुसार 22 फरवरी को एक सड़क दुर्घटना के मामले में पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा गिरफ्तार कर रिहा कर दिया गया था। वैसे तो यह खबर उस दिन भी छपती तो पहले पन्ने पर ही छपती क्योंकि पेटीएम और उसके सीईओ की अलग हस्ती है। और उनकी गिरफ्तारी मायने रखती है भले उन्हें रिहा कई दिया गया हो। मुद्दा यह है कि ‘मीडिया’ को यह खबर नहीं मिली। अगर यह खबर नहीं होती तो आज भी क्यों छपती।

इसलिए, कोई शक नहीं है कि यह खबर है और मेरे लिए यह दर्ज करने का मौका कि भारतीय मीडिया या दिल्ली का मीडिया या नोएडा के टेलीविजन चैनलों को सड़क दुर्घटना के हाई प्रोफाइल मामलों की भी खबर नहीं लगती है। यह मामला सार्वजनिक होता तो 20 दिन बाद पहले पन्ने पर नहीं छपता। यह अलग बात है कि मामला कुछ खास नहीं है। खास मामले में तो एफआईआर ही नहीं हुई थी। आपको याद होगा एक महिला पुलिस अधिकारी और तीजहजारी का मामला – अब तो पुराना हो गया।

ताजा मामला यह है कि दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 279 (तेज या लापरवाही से गाड़ी चलाने) के तहत शर्मा को गिरफ्तार किया था और जमानत पर रिहा कर दिया था। मालवीय नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार एक कार ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी की कार को टक्कर मार दी थी। एफआईआर कांस्टेबल दीपक कुमार की शिकायत पर दर्ज हुई थी। दिल्ली पुलिस की प्रवक्ता सुमन नलवा ने पुष्टि की कि पुलिस ने शर्मा को गिरफ्तार किया था और उन्हें जमानत पर रिहा किया गया। डीसीपी बनिता मैरी जैकर ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

कांस्टेबल कुमार ने कहा कि वह डीसीपी (जयकर) के साथ तैनात थे और सुबह करीब 8 बजे गाड़ी लेकर एक पेट्रोल पंप पर ले गए थे। मदर इंटरनेशनल स्कूल के सामने डीसीपी की गाड़ी को टक्कर लगी। दीपक ने कहा था कि वह ड्राइवर को पहचान सकता है और गाड़ी का नंबर नोट कर लिया था जो हरियाणा का था। गाड़ी गुड़गांव की प्राइवेट कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड है। कंपनी ने कहा कि गाड़ी ग्रेटर कैलाश निवासी शर्मा चलाते हैं। उन्हें थाने बुलाया गया जहां गिरफ्तार कर जमानत दे दी गई। अखबार ने लिखा है कि शर्मा का पक्ष जानने की कई कोशिश की गई पर वे नहीं मिले। पुलिस ने कार जब्त कर ली है।

चालक को जमानत मिलने के बाद कार को जब्त कर लिया जाना और शर्मा का मीडिया के समक्ष नहीं आना, खबर का इतने दिनों तक दबे रहना आगे की खबर के लिए पर्याप्त आधार है लेकिन मीडिया अब ऐसी खबरें नहीं करता या कहिए उसके पास करने वाले ही नहीं बचे हैं।

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1 Comment

1 Comment

  1. Anurag

    March 13, 2022 at 11:49 am

    मेरी समझ मे इस मामले में खबर करने जैसा कुछ है भी नही। सड़क पर गाड़ियां चलती है और टक्कर लगना आम बात है। कार बड़े आदमी की है तो आर्टिकल लिखा भी गया है वर्ना वो भी नही लिखा जाता। भारतीय मीडिया को अपनी पत्रकारिता में बदलाव करने की जरूरत है।

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