अमेजन प्राइम पर ‘जलसा’ : रिपोर्टर बिक जाता है लेकिन क्या संपादक अपना जमीर जिंदा रख पाता है?

Rajat Amarnath-

आज अमेज़न प्राइम ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्म “जलसा” देखी. बड़े ही महीन तरीके से यह दिखा दिया की अपनी जरुरतों के लिए तो रिपोर्टर बिक जाता है, पर बड़ी से बड़ी गलती होने के बाद भी सबसे ऊपर बैठा संपादक वह अपना जमीर जिंदा रखता है. क्या वाकई ऐसा होता है?

इसमें दिखाया है कि पुलिस वाले भी किस तरीके से दूसरे की की गई गलती से भी किसी तीसरे से कैसे वसूली कर लेते है, मौके का कैसे फायदा उठाते हैं. खुद गलत होने पर भी दूसरे को किस तरह बलि का बकरा बनाते हैं….

बाकी बहुत कुछ है इस मूवी पर लिखने के लिए, जो नेरेटिव सेट किया है वह भी. पर वह लिखकर किसी व्यक्ति या धर्म पर उंगली नहीं उठाना चाहता. कंट्रोवर्सी से दूर ही रहना बेहतर होता है.

वरिष्ठ पत्रकार रजत अमरनाथ की एफबी वॉल से.



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