विजय सिंह ठकुराय-
“काली पहाड़ी के नीचे लाल गुफा में पाकिस्तान ने अपने सैकड़ों न्यूक्लियर आर्सेनल छुपा रखे हैं। भारत ने इस पहाड़ी पर बम बरसा दिये, जिससे न्यूक्लियर हथियार फटने का खतरा पैदा हो गया। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन और भारत तक में तबाही मच जाती। दुनिया में जलजला आ जाता। इसलिए जंग रोकनी पड़ी।”
इस प्रकार की पोस्ट कर रहे मित्रों को मैं बताना चाहूंगा कि न्यूक्लियर हथियार कोई सुतली बम नहीं है, जो आग का गोला मारने पर फट पड़ेगा। न्यूक्लियर हथियार वास्तव में कोई बम नहीं, बल्कि एक “मशीन” है – जो दर्जनों स्पेसिफिक इवेंट्स और मेकेनिकल चेन्स से नियंत्रित होती है। वास्तव में आप किसी न्यूक्लियर हथियार पर बम गिरा दें अथवा किसी न्यूक मिसाइल को हवा में इंटरसेप्ट करें तो ये चेन बाधित हो जाती है और परमाणु बम के फटने की संभावना शून्य हो जाती है!
लिपाई-पुताई बेहद जिम्मेदारी वाला काम है। थोड़ा पढ़-लिख कर लीपिये। ज्यादा अच्छा रहेगा।
लोग कह रहे हैं कि अमेरिका से कोई टीम पाकिस्तान गयी है। फिलहाल मेरे पास इस खबर की सत्यता जांचने का समय नहीं है। हो सकता है कि वहां कोई रेडिएशन लीकेज हुई हो। पर फिलहाल तो मैं आपको बस इतना बता रहा हूँ कि न्यूक्लियर बम पर दूसरा बम मारने से वह फट नहीं जाएगा, परमाणु विस्फोट नहीं होगा, जैसा कि कई लोग दावा कर रहे हैं। फिलहाल इतना ही ज्ञान ग्रहण करिये।
रेडिएशन लीक भी तो हो सकता है? ये कहने वालों से बस एक बात पूछना चाहता हूँ। आप हमें चूतिया समझते हो क्या?
वैसे यूरेनियम लीकेज से कुछ मीटर के दायरे में ज्यादा समय के लिए रहना नुक़सानदेह होता है, वो भी तब जब आप लीकेज के बाजू में बिस्तर बिछा कर लेट जाएं। लीकेज से कोई मोहल्ला भी खत्म नहीं होगा, शहर तो छोड़ ही दीजिये।
मैं कई दिन से मुम्बई में व्यस्त था। कल टाइम मिलने पर युद्ध के पक्ष में मोदी जी की तारीफ करते हुए जबरदस्त पोस्ट लिखी। पोस्ट करने वाला था कि 5 मिनट पहले ट्रम्प का ट्वीट आ गया।
यह सोच कर मेरे तिरपन कांप जाते हैं कि मेरे पोस्ट करने के बाद ट्रम्प का ट्वीट आता तो क्या ही जबरदस्त पिलाई होती मेरी।
God exists. I believe in him now.
रेडियोएक्टिव सामग्री लीक होने से कुछ मीटर के दायरे में हानिकारक रेडिएशन फैलता है। बड़े दायरे या पूरे शहर में नहीं। लीकेज साइट के नजदीक longterm रहने पर नुकसानदेह है। यह कोई बहुत बड़े लेवल की थ्रेट नहीं है।
चेर्नोबिल में “न्यूक्लियर रिएक्टर” में विस्फोट हुआ था, न्यूक्लियर बम में नहीं। दोनों बहुत अलग अलग बातें हैं।
अभिरंजन कुमार-
पता चल गया है सीजफायर के पीछे का टॉप सीक्रेट!
हमारी महान सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भी यह सवाल अपनी जगह कायम है कि ऑपरेशन सिंदूर के द्वारा जब हम पाकिस्तान को करारी चोट दे रहे थे, तो अचानक सीजफायर क्यों?
इस बारे में मुझे एक बेहद गोपनीय बात पता चली है, जो केवल आपको ही बता रहा हूँ। प्लीज़ आप भी किसी को मत बताइएगा।
वह यह कि अगर भारत अभी सीजफायर नहीं करता तो परमाणु खतरा पैदा हो जाता। चूंकि यह बात अभी से पहले भारत को या दुनिया को मालूम नहीं थी कि पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति संपन्न देश है, इसलिए जब भारत ने उसके आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया था, तो इस खतरे के बारे में उसे पता नहीं था।
लेकिन जब भारत ने हमला कर दिया, तब दो तीन दिन बाद विश्व के इस सबसे गोपनीय रहस्य से परदा उठा कि दरअसल 1998 में ही जब भारत ने पांच परमाणु परीक्षण किए थे, तो पाकिस्तान ने छह परमाणु परीक्षण करने का दावा किया था।
चूंकि भारत को दुनिया के इस सबसे गोपनीय रहस्य के बारे में पता ही नहीं था, इसलिए जब भारत के हमले से पहले ही पाकिस्तान के कई नेता परमाणु हथियारों की धमकी दे रहे थे तो भारत में इसे हंसी मजाक में लिया जा रहा था, क्योंकि पाकिस्तान के लोग बहुत मजाकिया स्वभाव के माने जाते हैं।
इसीलिए इन बातों के जवाब में यह कहा जा रहा था कि अगर पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार होंगे भी, तो उसके प्रहार से भारत को थोड़ा बहुत नुकसान होगा, लेकिन जब भारत पाकिस्तान पर परमाणु प्रहार करेगा, तो पूरा पाकिस्तान ही दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा। इसलिए डरने की जरूरत भारत को नहीं, बल्कि पाकिस्तान को है।
लेकिन जैसे ही दोनों देश के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी, तो भारत को अचानक विश्व के इस सबसे बड़े रहस्य का पता चला, तब उसे समझ में आया कि यह मज़ाक नहीं, बल्कि एक सच्चाई है, इसलिए सरकार ने मास्टर स्ट्रोक चलते हुए सीजफायर का फैसला लिया।
अब इस सीजफायर से फायदा यह होगा कि एक रात चुपके से भारत के कुछ परमाणु वैज्ञानिक पक्षी बनकर पाकिस्तान जाएंगे और पाकिस्तान के तमाम परमाणु हथियारों को डिफ्यूज करके उसे परमाणु शक्ति विहीन कर देंगे और उसके बाद फिर से एक निर्णायक युद्ध छेड़ा जाएगा, जिसमें कोई परमाणु खतरा नहीं रहेगा।
इससे दोनों देशों के बीच युद्ध तो होगा, लेकिन दुनिया बुद्ध मुद्रा में बैठी रहेगी। इस प्रकार पीओके तो भारत आ ही जाएगा, पाकिस्तान के चार टुकड़े भी देखते देखते ही हो जाएंगे – पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा।
जब हम पाकिस्तान को करारी चोट दे रहे थे, तो अचानक सीजफायर क्यों? इस सवाल के जवाब में मुझे और कुछ हाइली कॉन्फिडेंशियल बातों की जानकारी मिली है, जो सिर्फ इस शर्त पर आपको बता रहा हूँ कि आप किसी और को मत बताइएगा प्लीज।
दरअसल, भारत ने जब पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए तो उसमें उसके कई दुर्दांत आतंकवादी मारे गए। इन्हीं दुर्दांत आतंकवादियों में से एक के जनाजे में वहां के राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष द्वारा भेजे गए फूल ही न थे केवल, बल्कि पाकिस्तानी आर्मी के बड़े बड़े कमांडर भी मौजूद थे।
पाकिस्तान में गलती से किसी ने इस जनाजे का वीडियो बना लिया, जिससे दुनिया के सामने पाकिस्तान एक्सपोज हो गया कि आतंकवादियों से उसके रिश्ते हैं। इससे पहले दुनिया में किसी को भी इसकी जानकारी नहीं थी कि पाकिस्तान के आतंकवादियों से रिश्ते हैं।
जब अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में घुसकर मारा था, तब भी पाकिस्तान एक्सपोज नहीं हो पाया था। बिना एक्सपोज हुए ही पाकिस्तान के कई व्यक्तियों और संगठनों को संयुक्त राष्ट्र ने अपनी आतंकी लिस्ट में डाल रखा था।
पाकिस्तान के साथ जो चीन, कईं इस्लामी देश और अन्य देश दिखाई देते हैं, वह इसीलिए दिखाई देते हैं, क्योंकि वह एक्सपोज्ड नहीं था। वरना आप तो जानते ही हैं कि ये देश आतंकवाद के कितने खिलाफ हैं। अगर पाकिस्तान एक्सपोज्ड होता तो ये देश कभी उसके साथ खड़े नहीं होते।
अभी जो आईएमएफ ने युद्ध जैसी स्थिति के बीच में पाकिस्तान को एक अरब डॉलर का कर्ज़ दे दिया, वह भी इसीलिए दे दिया, क्योंकि पाकिस्तान को भारत द्वारा एक्सपोज किए जाने की सूचना उस तक नहीं पहुंच पाई थी।
लेकिन अब चूंकि भारत द्वारा पाकिस्तान को एक्सपोज़ किए जाने की सूचना पूरी दुनिया में फैल गई है, इसलिए अब कोई भी पाकिस्तान में नहीं सटेगा। जो सटेगा, वह कटेगा। भारत की ताकत और कूटनीति उसको काटेगी।
अब लगभग इस बात की गारंटी बताई जा रही है कि भारत द्वारा एक्सपोज किए जाने के बाद पाकिस्तान को अपने सारे आतंकवादी ठिकानों को बंद करना होगा और सारे आतंकवादियों को भारत के हवाले करना होगा, क्योंकि यदि वह ऐसा नहीं करेगा, तो पूरी दुनिया की नज़र में वह और भी अधिक एक्सपोज़ हो जाएगा, जिससे उसके लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाएगी।
आप लोग तो जानते ही हैं कि दुनिया के शक्तिशाली देश और वैश्विक संस्थाएं आतंकवाद के कितने विरुद्ध हैं, इसलिए एक्सपोज्ड अवस्था में अब यदि वह भारत की बात नहीं मानेगा, तो संयुक्त राष्ट्र संघ उसे आतंकवादी देश घोषित कर देगा और दुनिया के सारे देश उससे रिश्ता तोड़ लेंगे। विभिन्न देशों में उनके दूतावासों के अधिकारियों को ट्रंप स्टाइल में पाकिस्तान डिपोर्ट कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, उसके बाद कोई भी देश या संगठन पाकिस्तान को कर्ज़ नहीं देगा।
चूंकि भारत ने यह भी कह दिया है कि भविष्य में आतंकवादी हमलों को वह युद्ध की कार्रवाई मानेगा, इसलिए जब भी अगली बार पाकिस्तान ऐसी घटना करेगा, तो भारत द्वारा पाकिस्तान का हाथ बताए जाने पर इसे स्वीकार करना उसकी और दुनिया की मजबूरी होगी। इससे भारत को पाकिस्तान पर हमला करने का अधिकार स्वतः ही प्राप्त हो जाएगा। फिर पूरी दुनिया या तो भारत की तरफ खड़ी हो जाएगी या पाकिस्तान को अकेले छोड़ देगी भारत से मार खाने के लिए।
भारत की इस शर्त के कारण भविष्य में न तो चीन, न कोई इस्लामी देश, न अन्य कोई देश पाकिस्तान का साथ दे पाएंगे। इस कारण भारत जब भी पाकिस्तान पर हमला करेगा तो भारत के सामने खुला मैदान होगा और वह पूरे पाकिस्तान में कबड्डी खेलेगा। फिर उसके कबड्डी खेलते खेलते ही पूरा पाकिस्तान या तो अखंड भारत का हिस्सा बन जाएगा या फिर जैसा कि ऊपर के रहस्योद्घाटन में आपको बताया है पाकिस्तान के चार टुकड़े हो जाएंगे।
ऐसे में इस वक्त पाकिस्तान से लड़ने में इतनी ऊर्जा बर्बाद करने की क्या ज़रूरत थी? इसीलिए सीजफायर का फैसला ले लिया गया। बहुत बातें बहुत सीक्रेट होती हैं, जो लोगों को मालूम नहीं होती हैं।
जब मुझे इन सारे टॉप सीक्रेट्स का पता नहीं चला था, तब मैंने जो कहा था कि पाकिस्तान को भारत के रक्षा उपकरणों की मारक व बचाव क्षमता एवं अपनी कमजोरी का पता चल गया है, जिसके कारण अगली बार उसकी ऐसी तैयारी होगी कि उसके खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करना भी अभी जितना आसान नहीं रह जाएगा, वह बिल्कुल बेबुनियाद था, क्योंकि आपको मैंने पहले ही बता दिया है कि चूंकि अब भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर पूरी तरह से एक्सपोज कर दिया है, इसलिए न तो कोई देश उसे कर्ज देगा, न हथियार देगा, न उससे दोस्ती या संबंध रखेगा।
इसलिए कोई प्रश्न ही पैदा नहीं होता कि वह भारत जैसे सक्षम हथियार खरीद पाएगा। और इसलिए भारत जब चाहेगा, फिर से इतनी ही आसानी से उसकी कुटाई कर पाएगा, बल्कि जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया कि भारत पाकिस्तान में कबड्डी खेलते खेलते या तो उसे अखंड भारत का हिस्सा बना लेगा या फिर उसके चार टुकड़े करा देगा।
उम्मीद है कि अब आप समझ गए होंगे कि जब हम पाकिस्तान को करारी चोट दे रहे थे, तो अचानक सीजफायर क्यों?
चलते चलते एक और गोपनीय बात। विश्व के दो परमाणु शक्ति सम्पन्न देशों को युद्ध के मैदान से बाहर खींच लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को नोबेल पुरस्कार मिलेगा। धन्यवाद।
आपकी frustration जायज़ है, हम सभी एक निर्णायक युद्ध चाहते थे। पर जो शीर्ष पर हैं उन्हें विषय वस्तु की ज्यादा बेहतर समझ होगी शायद। इतना लंबा पोस्ट बेवजह जान पड़ता है। खैर, आपकी ऊर्जा और संयम को नमन है। -Chandan Jha
महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू भी शीर्ष पर थे। कोई सवाल उठाने वाला नहीं था। उन्हें भी विषय वस्तु की ज़्यादा बेहतर समझ थी शायद। इसके बावजूद आज 78 साल बाद भी उनकी ही आलोचना में लगे रहने वाले लोग भी बहुत फ्रस्ट्रेटेड होंगे शायद। याद रखिए, इतिहास बार बार अवसर नहीं देता है। कुछ मौके जो चले जाते हैं, वे दोबारा नहीं आते। अब पाकिस्तान से जब भी अगला युद्ध होगा, अब से ज्यादा कठिन, चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा होगा। धन्यवाद। -Abhiranjan Kumar


