नोएडा। वरिष्ठ पत्रकार और फॉरेंसिक विशेषज्ञ इंद्रजीत राय ने नोएडा के सेक्टर-73 स्थित एंथोरियम टॉवर में एक अत्याधुनिक फॉरेंसिक प्रयोगशाला की शुरुआत की है। यह प्रयोगशाला केवल वैज्ञानिक परीक्षणों का केंद्र नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां विज्ञान और सत्य का मिलन होता है, जहां सबूत बोलते हैं और जहां तकनीक न्याय को सशक्त करती है।
इंद्रजीत राय ने इस प्रयोगशाला के बारे में जानकारी साझा करते हुए कहा, “यह सिर्फ एक लैब नहीं, बल्कि न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और वैज्ञानिक सटीकता सुनिश्चित करने की दिशा में हमारा एक छोटा लेकिन ठोस कदम है।”
‘LAXHAR Forensic Lab’ नामक यह सुविधा अपराध जांच, साइबर फॉरेंसिक, क्राइम सीन एनालिसिस, फिंगरप्रिंट, डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन और डिजिटल एविडेंस एनालिसिस जैसी सेवाएं प्रदान करेगी।
इस लैब की स्थापना एक ऐसे समय में हुई है जब भारत में वैज्ञानिक जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं और पुलिस/न्यायिक प्रक्रिया में विशेषज्ञता की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। इंद्रजीत राय का मानना है कि फॉरेंसिक साइंस का उपयोग केवल अदालतों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मीडिया, प्रशासन और आम जनता को भी इसकी बारीकियों से परिचित होना चाहिए।
कौन हैं इंद्रजीत राय?
इंद्रजीत राय देश के उन गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जिन्होंने पत्रकारिता और फॉरेंसिक साइंस – दोनों क्षेत्रों में समान दक्षता हासिल की है। वह कई प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनलों (जैसे ज़ी न्यूज़, एबीपी, न्यूज़ नेशन आदि) में क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग कर चुके हैं। इसके साथ ही, वे फॉरेंसिक साइंस में पीएचडी, दो पोस्ट ग्रेजुएट डिग्रियाँ और साइबर क्राइम व एंटी-करप्शन में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण भी ले चुके हैं।
हाल ही में उन्हें ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) और फ्रांस की संसद में ‘फॉरेंसिक जर्नलिज्म’ में योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।
इच्छुक लोग लैब की वेबसाइट www.Laxhar.com पर जाकर प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली, वहां कार्यरत विशेषज्ञों और उनके मिशन के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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