

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज शेखर यादव कल विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में सिटिंग जज साहब हिंदू-मुस्लिम के मुद्दे पर बोलकर नई लकीर खींच आए हैं. नई लकीर इसलिए, क्योंकि अब से पहले शायद ही किसी मौजूदा जस्टिस ने किसी पार्टी के कार्यक्रम में इस तरह की स्पीच दी हो!
कार्यक्रम में उन्होंने जो कुछ बोला, कहा- नीचे बताया गया है. पढ़ें…
रणविजय सिंह-
इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज शेखर यादव कल ‘विश्व हिंदू परिषद’ के एक कार्यक्रम में गए.
जज साहब ने वहां कहा –
- मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि भारत अपने बहुसंख्यकों की इच्छा के अनुसार चलेगा.
- क्या आपने अपनी आँखों से राम मंदिर देखने की कल्पना की थी? हमारे कई पूर्वजों ने रामलला को मुक्त देखने और एक भव्य मंदिर का निर्माण देखने की आशा में बलिदान दिया. वे इसे देख नहीं सके लेकिन उन्होंने अपना काम किया, लेकिन अब, हम इसे देख रहे हैं.
- हिंदू, मुसलमानों से उनकी संस्कृति का पालन करने की अपेक्षा नहीं करते हैं, बल्कि वे चाहते हैं कि वे उसका अनादर न करें.
- हम अपने बच्चों को जन्म से ही सहिष्णुता और दया सिखाते हैं. हम उन्हें जानवरों और प्रकृति से प्रेम करना सिखाते हैं. हम दूसरों के दर्द से दुखी होते हैं. लेकिन आप ऐसा महसूस नहीं करते. ऐसा क्यों है? जब आप अपने बच्चों के सामने ही जानवरों का वध करेंगे तो वे सहिष्णुता और दयालुता कैसे सीखेंगे?
- केवल आरएसएस, वीएचपी या हिंदू ही यूसीसी की वकालत नहीं करते हैं. देश की शीर्ष अदालत भी इसका समर्थन करती है.
जाकिर अली त्यागी-
हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट के सिटिंग जज शेखर कुमार यादव विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित एक प्रोग्राम में शामिल हुए और उन्होंने मुस्लिमों के ख़िलाफ़ ज़हर उगला है.
जज ने कहा “आप उस महिला का अपमान नहीं कर सकते जिसे हमारे शास्त्रों और वेदों में देवी का दर्जा दिया गया है। आप चार पत्नियाँ रखने, हलाला करने या तीन तलाक़ का अभ्यास करने का अधिकार नहीं मांग सकते”
आप लोकतंत्र के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कर सकते है क्योंकि सिटिंग जज उसकी लगातार हत्या कर रहे हैं!


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