सत्येंद्र पी एस-
एक लड़की और लड़के में प्रेम हो गया। लड़का यौन सम्बन्ध बनाने तक सीमित रहा और लड़की ने जब विवाह के लिए दबाव बनाया तो भाग गया। लड़की ने उसके ऊपर मुकदमा कर दिया। लड़की कुछ अपना काम करके जीवन यापन करती है।
एक लड़की की शादी उसके मां बाप ने की। शादी के बाद से ही वह लड़का उसे पीटने लगा। लड़की ने घर वालों के बताया लेकिन उन्होंने कोई हेल्प नहीं की। लड़की ने पति पर मुकदमा कर दिया। कुछ काम करके जीवन यापन करती है।
दोनों लड़कियां कचहरी में मुकदमा लड़ने आती थीं, एक दूसरे से सुख दुख साझा करती थीं। दोनों ने आपस में विवाह कर लिया। और जब विवाह कर लिया तो उनके परिजनों ने विरोध जताया। समाज भी विरोध में ही होगा। उसके पहले वे किस हाल में थीं, शायद ही कोई पूछने वाला हो।


पति पत्नी सम्बन्ध अत्यंत जटिल है। यही प्यार के चरम वाला सम्बन्ध है। उसमें कोई सामाजिक, भौतिक रिश्ता नहीं होता कि आप किसी की बहन, मां, बुआ, मौसी, ताई, दादी होती हैं। स्त्री पुरुष में स्वाभाविक आकर्षण और प्रेम होता है। जो सुख इस रिश्ते में मिलता है, वह किसी अन्य रिश्ते में नहीं मिलता है। यह विश्व का सबसे बड़ा आकर्षण है। यह भौतिक जगत का सबसे बड़ा सुख है।
इसी रिश्ते में सबसे ज्यादा टकराव भी होता है। अगर पुरुष स्त्री के बीच से पति पत्नी का रिलेशन या यौन आकर्षण निकाल दें तो पुरुष और स्त्री के किसी अन्य सम्बन्ध में टकराहट शायद ही मिले। लेकिन इस टकराहट के बीच भी स्त्री पुरुष का प्रेमालाप कम नहीं होता।
समलिंगी में भी यौन आकर्षण हो सकता है। इसके अनेक तर्क हैं। इस पर कई बार सोशल मीडिया और व्यक्तिगत चर्चाएं हुई हैं। लेकिन मुझे कभी समझ में न आया। यह स्त्री और पुरुष के यौन आकर्षण का कभी विकल्प नहीं बन सकता। मेल और फीमेल में जो आकर्षण है, वह प्राकृतिक, नैसर्गिक और स्वाभाविक है। हर जीव में होता है।
तो आप इस सम्बंध को बनाए और बचाए रखें, तभी जीवन सुखी है। और किसी रिश्ते में यह सुख मिलने वाला नहीं है। इस रिश्ते में जितना अधिक प्यार होगा, उतना ही अधिक जीवन का मजा है, उतना ही अधिक जीवंतता है। इसका कोई मशीनी, वैज्ञानिक शोधों वाला विकल्प दुनिया ने अब तक नहीं खोजा है। ये इमोशंस, मनोदशा, भावनाओं से जुड़ा रिलेशन है। इसका सुख भी नैसर्गिक है। जितना ज्यादा प्रेम, उतना ज्यादा सुख। इसका कोई ऑप्शन है ही नहीं दुनिया में।


