The Indian Express की एक रिपोर्ट ने कांग्रेस संगठन के भीतर कथित संवादहीनता और टिकट वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, गौरव कुमार नाम के एक व्यक्ति ने खुद को राहुल गांधी का “प्राइवेट सेक्रेटरी” बताकर कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से पैसे वसूले।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने पार्टी टिकट दिलाने और संगठन में पद दिलवाने के नाम पर नेताओं से संपर्क किया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कांग्रेस नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच कमजोर संवाद व्यवस्था का फायदा उठाकर इस कथित ठगी को अंजाम दिया गया।
सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक पोस्ट में कहा गया कि राहुल गांधी और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद की कमी “जगजाहिर” है और यही कारण रहा कि कोई भी तुरंत सत्यापन नहीं कर पाया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि किसी सामान्य राजनीतिक दल में एक फोन कॉल से ही इस तरह का फर्जीवाड़ा पकड़ा जा सकता था, लेकिन कांग्रेस की “अपारदर्शी व्यवस्था” के चलते मामला बढ़ता चला गया और उत्तराखंड में संकट जैसी स्थिति बन गई।
रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस संगठन की आंतरिक कार्यप्रणाली और टिकट वितरण प्रक्रिया को लेकर नई बहस छिड़ गई है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
द देशभक्त नामक एक्स हैंडल इस प्रकरण पर लिखता है-
Brilliant story on the front page of Indian Express today. The sheer ingeniousness and simplicity of the plan!
Now Rahul Gandhi’s lack of connect with his own party workers is legendary. No one really knows who is privy to the Congress high command…Gaurav Kumar used this communication gap pose as the ‘private secretary’ of Rahul. He then proceeded to extract money from various Congress leaders on the pretext of getting them tickets or party positions.
In a normal party – one call to the party leader or his team would have exposed the scam – but the opaque system resulted in a crisis situation developing in Uttarakhand!




