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नफ़रती न्यूज़ चैनलों को अब RSS वाले भी खुलकर गरियाने लगे! देखें प्रोफ़ेसर राकेश सिन्हा का ये वीडियो

एंकर ने मुझसे कहा: आपको डिबेट के दौरान मुसलमानों की दाढ़ी और टोपी को लेकर अपशब्द बोलने हैं। मैं बीच-बचाव का नाटक करूंगा, इससे हमारी TRP बढ़ जाएगी।

मुकेश माथुर-

राज्य सभा सदस्य और आरएसएस से जुड़े राकेश सिन्हा बता रहे हैं कि न्यूज़ एंकर ने उनसे कहा- “आपको डिबेट के दौरान मुसलमानों की दाढ़ी और टोपी के बारे में अपशब्द बोलना है। आप बहुत शांत रहते हैं आपको पैनलिस्ट से लड़ना है। शो हिट जाएगा। आप भी ट्रेंड करेंगे हम भी ट्रेंड करेंगे।” सिन्हा बताते हैं कि तब से वे इस चैनल पर कभी नहीं गए।

देखें वीडियो-

https://x.com/yashbhadas/status/1880309259159982148?s=46


अरविंद चोटिया-

सैल्यूट सिन्हा साहब

हम जो टीवी चैनलों पर हिंदू-मुस्लिम झगड़ों की कड़वी बहस देखते हैं, वो सब प्रायोजित होती हैं। ऐसे कोई पढ़े-लिखे लोग खुद से थोड़े ही कर सकते हैं। इसलिए हिन्दू मुस्लिम बहस जब भी देखें तो समझ लीजिए ये सब अपनी अपनी टीआरपी बढ़ाने और हमारा दिमाग खराब करने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

राज्य सभा सदस्य और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक राकेश सिन्हा ने जबरदस्त खुलासा किया है। एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि न्यूज़ एंकर ने उनसे कहा कि आपको डिबेट के दौरान ‘मुसलमानों की दाढ़ी और टोपी’ के बारे में अपशब्द बोलना है। आप बहुत शांत रहते हैं आपको पैनलिस्ट से लड़ना है। शो हिट जाएगा। आप भी ट्रेंड करेंगे हम भी ट्रेंड करेंगे।‘

सिन्हा बताते हैं कि तब से वे इस चैनल पर कभी नहीं गए।

पहली बात तो इस तरह शो छोड़ने का लालच नहीं छोड़ पाता। दूसरी बात, इतनी बेबाकी से कोई यह खुलासा भी नहीं कर पाता।

आपका आभार


राकेश कायस्थ-

अद्धुत! गोदी मीडिया प्रायोजित सांप्रादायिकता का ओवरडोज आरएसएस तक को पसंद नहीं है। जिस दिन भी समाज से नफरत का नशा कम होगा, जनता के दुश्मन नंबर वन के रूप में न्यूज चैनल ही चिन्हित होंगे और अपनी गति को प्राप्त होंगे।


युगल शर्मा-

जिन्हें मुख्यधारा का मीडिया कहा जाता है उन्हें 60+ का संघी समर्थन है…. वरना युवा वर्ग तो समानांतर चैनल और सोशल मीडिया साइट्स पर ही खबर देख और समझ रहा है। दस साल में इस तथाकथित मुख्यधारा मीडिया की दुकानों के आसपास कुत्ता भी नही फटकेगा। जर्नलिज्म के कोर्स करने वाले इसे कालखंड के रूप में पढा करेंगे।


नवेद शिकोह-

RSS नेता राकेश सिन्हा ने बताया टीवी डिबेट का काला सच

न्यूज़ एंकर ने मुझसे कहा: आपको डिबेट के दौरान ‘मुसलमानों की दाढ़ी और टोपी’ को लेकर अपशब्द बोलने हैं।

मैं बीच-बचाव का नाटक करूंगा, इससे हमारी TRP बढ़ जाएगी।


यासर शाह-

एक पुराने संघ के सदस्य हैं उनसे एक दिन बात हो रही थी, उन्होंने कहा के RSS की विचारधारा हमेशा से भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की रही लेकिन उसने कभी देश के मुसलमानों को मुख्यधारा से काटने का प्रयास नहीं किया क्यूंकि वो जानते हैं के देश की 25% जनता अगर अलग थलग पड़ गई तो देश का कितना नुक़सान होगा।
मुसलमानों के प्रति नफ़रत और डर फैलाने का काम RSS के राजनैतिक घटक BJP ने करना शुरू किया, शुरुआत में धीरे धीरे और अब खुल कर ये काम किया जाने लगा जिसका कारण बस एक है और वो है 75% लोगों के जज़्बात भड़का कर उनका वोट हासिल करना और सत्ता में बने रहना।

BJP को इस बात की चिंता नहीं है के देश किस दिशा में जा रहा है जब तक के उनका और उनके चुनिंदा लोगों का मतलब निकल रहा है।
पहले एक हद पार करने के बाद RSS अपने राजनैतिक घटक को रोक दिया करती थी लेकिन अब BJP इतनी बड़ी हो चुकी है के वो RSS के कंट्रोल से बाहर निकल चुकी है, अब अगर संघ BJP को रोकेगा तो उसके अपने अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह लग जाएगा।

ये वीडियो देख कर उनकी बात याद आ गई तो लिख दिया।


अशोक कुमार पांडेय-

राकेश सिन्हा राज्यसभा मेम्बर बन गए तो डिबेट में जाना छोड़ दिया। उसके पहले की जहरीली डिबेट्स के अंदर या बाहर कभी विरोध नहीं किया। एक बयान न दिया मीडिया के इस खेल पर।

फिर मुसलमानों के एक आयोजन में एक कहानी सुना दी और लोग लहालोट हो गए। ऐसे ही किसी दिन संगीत रागी भी संत बन जाएंगे।

कमाल है!


सौम्य चतुर्वेदी-

मुख्य धारा की पत्रकारिता को इस नग्नता पर यही नंगे तो लेकर आए हैं. ये खुद के अंदर तो झांके कितने झूठ बोले हैं और उन्हीं का प्रचार प्रसार करवाया है, दबाव बना कर या धन से मुंह बंद करके मीडिया का. अब ये सब इन्हीं पर भारी पड़ने लगा है इसलिए किनारा करने की चेष्टा कर रहे हैं.

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