
नोएडा : सहारा इंडिया टीवी नेटवर्क, नोएडा में कार्यरत कर्मचारियों ने वर्षों से लंबित वेतन भुगतान को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन, श्रम विभाग और सहारा प्रबंधन को एक पत्र सौंपते हुए 17 जुलाई 2025 से टीवी चैनल परिसर के बाहर शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी है।
कर्मचारियों का आरोप है कि जनवरी 2014 से उन्हें नियमित वेतन नहीं मिला है। इस दौरान केवल “टोकन मनी” के रूप में नाममात्र की राशि दी गई, जो अब घटकर 30-40% रह गई थी और बीते तीन महीने से वह भी पूरी तरह बंद है।
श्रम विभाग के निर्देशों की भी अवहेलना
पीड़ित कर्मचारियों ने पत्र में लिखा है कि उप श्रमायुक्त (नोएडा) ने अप्रैल और मई 2025 के बकाया वेतन भुगतान के लिए स्पष्ट आदेश जारी किए थे, लेकिन सहारा प्रबंधन ने उसे भी नजरअंदाज कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी निष्ठा से कभी समझौता नहीं किया, फिर भी उनके साथ बेरुखा और अमानवीय व्यवहार हो रहा है।
मानसिक दबाव बनाकर त्यागपत्र दिलाने की कोशिश
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन का रवैया ऐसा प्रतीत होता है मानो वे जानबूझकर मानसिक दबाव बनाकर कर्मचारियों को इस्तीफा देने पर मजबूर कर रहे हैं। लेकिन त्यागपत्र देने या सेवा समाप्त किए जाने की स्थिति में भी फुल एंड फाइनल सेटलमेंट नहीं किया जा रहा।
श्रम न्यायालय में मामला विचाराधीन
इस विवाद को लेकर कर्मचारी पहले ही श्रम न्यायालय का दरवाजा खटखटा चुके हैं, लेकिन त्वरित न्याय न मिलने के कारण उन्होंने अब लोकतांत्रिक और संवैधानिक मार्ग अपनाने का निर्णय लिया है।
जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
कर्मचारियों ने जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर और उप श्रमायुक्त, नोएडा से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए अपील की है कि सहारा प्रबंधन को कर्मचारियों की लंबित राशि का तत्काल भुगतान करने का निर्देश दिया जाए।
धरने की जानकारी पूर्वसूचना स्वरूप दी गई है ताकि प्रबंधन भविष्य में किसी कर्मचारी पर अनुशासनहीनता या अशोभनीय व्यवहार का आरोप न लगा सके। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संविधान सम्मत होगा।
धरने पर जमे तमाम कर्मचारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ वेतन नहीं, बल्कि मजदूरों की गरिमा और सम्मान से जुड़ा हुआ है, जिस पर अब और चुप रहना संभव नहीं रहा।



ये भी पढ़ें…
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी! सहारा ने करोड़ों की जमीन बेचकर SEBI को 1 रुपया नहीं दिया



