राजेश साहू-
बहन संभवतः अभी नौकरी में आई है या फिर ग्राउंड पर जल्दी ही उतरी हैं। आसपास भीड़ थी, जो पत्रकार को टारगेट कर रहे थे। फिर जिस परिस्थिति में यह अभिजीत से बात कर रही थी, ऐसी परिस्थिति में कई बार पत्रकार नर्वस हो जाता है, उससे गलती हो जाती है। चूंकि हम लोग भी फील्ड में भीड़ के बीच रहते हैं, इसलिए इस चीज को समझते हैं।
कोई भी इंकलाब जिंदाबाद के नारे को गलत नहीं मानता। यह 5वीं के बच्चे को भी पता हो जाता है। बहन को भी पता होगा लेकिन उनके मुंह से गलती से निकल गया। निकलते ही वहां मौजूद भीड़ और अभिजीत का रिएक्शन एकदम बदल गया।
महिला पत्रकार और ज्यादा नर्वस हो गई। फिर उसकी हिम्मत तोड़ने के लिए कुछ और नारे लगने लगे। तमाम लोग मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। कुल मिलाकर पत्रकार एकदम टूट सी गई।
अभी यह किस परिस्थिति में होंगी, इसे मैं बखूबी समझता हूं। मैं बस इतना कह सकता हूं कि बहन यह एक फेज है, गड़बड़ी हो गई, जितनी जल्दी इससे उभर सको उतना बेहतर है। कोशिश करो कि सोशल मीडिया 4-5 दिन देखो ही नहीं।
तुमसे एक गलती हुई, अब तुम्हारे उस वीडियो से बहुत सारे लोग बहुत सारी गलतियां करेंगे। ट्रोल करेंगे। उन्हें रोका भी नहीं जा सकता। हम तुम्हारे साथ हैं। उम्मीद है कि तुम इन चीजों से उभरकर नई ऊर्जा के साथ पूरी तैयारी के साथ ग्राउंड पर उतरोगी। शुभकामनाएं।
सही कहा राजेश आपने…एक रिपोर्टर दिन भर में कई खबरों पर रहता है…वो भी जब रिपोर्टर ऐसी भीड़ से घिरी हो तो नर्वस होना आम है…इसमें आप की कोई गलती नहीं है…फील्ड में बेधड़क रिपोर्ट करिए ये सब चलता रहता है…
-रवीश रंजन शुक्ला, पत्रकार एनडीटीवी
रुद्र यादव-
सच कहूं तो कितने मूर्ख लोग हैं, जो बिना पूरी बात समझे ही वीडियो वायरल कर देते हैं।
जंतर-मंतर पर ABP News की एक रिपोर्टर कवरेज करने पहुंची थी।
उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि यहां अलग-अलग तरह के नारे लग रहे हैं, जैसे “इंकलाब जिंदाबाद…” लेकिन वह अपनी बात पूरी करतीं, उससे पहले ही वीडियो का वही हिस्सा काटकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
अरे भाई, किसी भी वीडियो का फैसला करने से पहले उसकी पूरी बात तो सुन लिया करो। आधी-अधूरी क्लिप देखकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।
मेरी नजर में यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक सेटअप जैसा नजर आता है।
फिरोज नाइक मिर्जा-
दिल्ली: जंतर-मंतर में CJP के प्रदर्शन के दौरान ABP News की एक रिपोर्टर को एक युवक ने घेर लिया और पूछा, “‘इंकलाब ज़िंदाबाद’ के नारे से आखिर क्या दिक्कत थी?”
दरअसल, आज ही रिपोर्टिंग के दौरान इसी रिपोर्टर ने CJP के मुख्य अभिजीत दीपके से कहा था कि यहां देश-विरोधी नारे लगाए जाते हैं। इस पर अभिजीत दीपके ने पूछा, “कौन-से नारे?” रिपोर्टर ने जवाब दिया, “‘इंकलाब ज़िंदाबाद’ जैसे।”
मूल खबर…
पहली बार किसी रिपोर्टर को ‘इंकलाब ज़िंदाबाद’ जैसे नारे पर एतराज हुआ, देखें वीडियो


