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हरियाणा बैंक घोटाला: लपेटे में छह IAS अफसर, किसी के घर 50 लाख पहुंचाने तो किसी के लिए होटल में ‘मुजरा पार्टी’ कराने का दावा!

Collage of six men’s portraits under a Hindi news headline about allegations, from Amar Ujala. (No names identified)

हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और संस्थाओं में करीब 504 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई ने साकेत कुमार, आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन को मामले में आरोपी बनाया है।

अमर उजाला के पास मौजूद चार्जशीट के अनुसार, जांच एजेंसी ने अधिकारियों पर निजी बैंकों में सरकारी धन के निवेश में नियमों की अनदेखी, बैंक चयन की प्रक्रिया को दरकिनार करने, तय वित्तीय सीमाओं से अधिक रकम जमा कराने, दस्तावेजों में कथित हेरफेर और बैंक अधिकारियों से कथित अनुचित लाभ लेने जैसे आरोप लगाए हैं। चार्जशीट में होटल बुकिंग, सीसीटीवी फुटेज, यूपीआई लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों को भी जांच का हिस्सा बताया गया है।

हालांकि, ये सभी जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोप हैं और अदालत में इनका साबित होना बाकी है।

पंकज अग्रवाल के लिए होटल, महिलाओं और ‘मुजरा पार्टियों’ की व्यवस्था का आरोप

सीबीआई की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव और बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल पर निजी बैंक अधिकारी से कथित तौर पर अनुचित लाभ लेने का आरोप है।

चार्जशीट के मुताबिक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तत्कालीन अधिकारी रिभव ऋषि ने पंकज अग्रवाल के लिए होटल में ठहरने, महिलाओं और मनोरंजन की व्यवस्था की। जांच एजेंसी का दावा है कि नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच जीरकपुर के होटल जेड मैनर में चार बार कथित ‘मुजरा पार्टियां’ आयोजित की गईं। इनमें डांस कलाकारों, खानपान और शराब का खर्च रिभव ऋषि द्वारा उठाए जाने का आरोप है।

चार्जशीट में 24 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ के ट्रिब्यून चौक स्थित होटल नोवोटेल में एक महिला को बुलाए जाने का भी उल्लेख है। इसका भुगतान रिभव के करीबी बताए गए अभय कुमार ने यूपीआई के जरिए किया था।

इसी तरह 10 जनवरी 2026 को मोहाली के होटल वाइंडम में एक सुइट बुक कर दूसरी महिला को बुलाने और इसके लिए 75 हजार रुपये रिभव ऋषि के पैसों से दिए जाने का आरोप है। सीबीआई के मुताबिक, रिकॉर्ड में पंकज अग्रवाल की होटल में मौजूदगी और बाद में उबर कैब से घर लौटने का भी जिक्र है।

चार्जशीट में अक्टूबर 2025 में दिल्ली के एयरोसिटी स्थित एंडाज बाय हयात होटल की बुकिंग का भी उल्लेख है, जो कथित तौर पर रिभव ऋषि के क्रेडिट कार्ड से की गई थी। इसी महीने पंकज अग्रवाल की पत्नी के लिए चंडीगढ़ के नोवोटेल में आयोजित पार्टी का 19,399 रुपये का बिल भी रिभव ऋषि द्वारा नकद चुकाए जाने का दावा किया गया है।

साकेत कुमार पर ‘सीन’ लिखकर बैंक खाते खुलवाने का आरोप

चार्जशीट के अनुसार, साकेत कुमार 16 जून 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव रहे। उनके पास हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के एमडी का अतिरिक्त प्रभार भी था।

सीबीआई का आरोप है कि बैंक खाते खोलने के प्रस्ताव पर साकेत कुमार ने केवल ‘सीन’ यानी देख लिया लिखकर मंजूरी दे दी, जबकि बैंक का चयन करने का अधिकार डायरेक्टर जनरल के पास था। जांच एजेंसी के अनुसार, न तो कोटेशन मंगाए गए और न ही वित्त विभाग से आवश्यक मंजूरी ली गई।

चार्जशीट में दावा किया गया है कि पंचायत विभाग के पूर्व अधिकारी नरेश कुमार के माध्यम से आईडीएफसी बैंक के पूर्व अधिकारी रिभव ऋषि की सिफारिश साकेत कुमार तक पहुंची और इसके बाद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक तथा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में खाते खुलवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

29 दिसंबर 2025 को HPGCL पेंशन फंड ट्रस्ट से 25 करोड़ रुपये निकालकर आईडीएफसी बैंक में जमा कराने की कथित साजिश का भी चार्जशीट में उल्लेख है। सीबीआई के मुताबिक, साकेत कुमार बैंक अधिकारियों के एक व्हाट्सएप ग्रुप में भी शामिल थे।

आरके सिंह पर घर में 50 लाख और बेटे को 2 करोड़ देने का आरोप

पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त आरके सिंह को लेकर सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 11 जनवरी 2026 को उनके घर पर 50 लाख रुपये पहुंचाए गए।

चार्जशीट में दावा है कि इसके बाद 22 जनवरी को दिल्ली में उनके बेटे प्रशांत सिंह को तीन किश्तों में कुल 2 करोड़ रुपये दिए गए। ये रकम एक करोड़, 50 लाख और 50 लाख रुपये की तीन किश्तों में दिए जाने का आरोप है। पहचान की पुष्टि के लिए 10 रुपये के नोट के नंबर का मिलान किए जाने की बात भी चार्जशीट में कही गई है।

आरके सिंह पर आईडीएफसी बैंक में अलग-अलग ब्याज दरों के बावजूद एफडी कराने का भी आरोप है। चार्जशीट के अनुसार, जब सेक्शन ऑफिसर अनिल कुमार ने कोटेशन मंगाने का सुझाव दिया तो उन्हें कथित तौर पर डांटा गया। बाद में उन्हें पद से हटाए जाने का भी उल्लेख है।

सीबीआई ने कालका नगर परिषद का बैंक खाता करीब 30 किलोमीटर दूर सेक्टर-32, चंडीगढ़ की शाखा में खुलवाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं, जबकि पास में दूसरी शाखा उपलब्ध थी।

विनीत गर्ग के घर सोने के सिक्के पहुंचाने का आरोप

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष विनीत गर्ग पर भी निवेश से जुड़े मामलों में प्रक्रियागत अनियमितताओं के आरोप हैं।

चार्जशीट के मुताबिक, उनके कार्यकाल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को कई निवेश मामलों में प्राथमिकता दी गई। 24 अक्टूबर 2025 को सदस्य सचिव ने 25-25 करोड़ रुपये इंडसइंड बैंक और आईडीएफसी बैंक में निवेश करने की सिफारिश की थी, लेकिन बाद में पूरी 50 करोड़ रुपये की रकम आईडीएफसी में लगाने का निर्णय लिया गया।

सीबीआई ने 6 मई 2025 को आईसीआईसीआई बैंक से 3.50 करोड़ रुपये निकालकर आईडीएफसी में जमा कराने के मौखिक निर्देश दिए जाने का भी आरोप लगाया है।

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि दीपावली से पहले रिभव ऋषि के माध्यम से विनीत गर्ग के घर 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के पहुंचाए गए। जांच एजेंसी ने इसके समर्थन में कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों सहित अन्य साक्ष्यों का उल्लेख किया है।

मोहम्मद शाइन पर 108 करोड़ की एफडी समय से पहले तुड़वाने का आरोप

HPGCL के तत्कालीन प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष मोहम्मद शाइन पर भी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।

सीबीआई के अनुसार, शाइन ने बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रिभव ऋषि को अधिकारियों से मिलवाने से लेकर आईडीएफसी में 50 करोड़ रुपये जमा कराने और बाद में बैंक में सरकारी जमा की 50 करोड़ रुपये की सीमा हटाने तक भूमिका निभाई।

चार्जशीट में रिभव ऋषि द्वारा होटल और रेस्तरां के करीब 1.67 लाख रुपये के बिल चुकाने तथा शाइन के घर कई बार जाने का भी उल्लेख है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, नवंबर 2024 में इंडसइंड बैंक में HPGCL की करीब 108.46 करोड़ रुपये की एफडी समय से पहले तुड़वाई गई और इसमें से 50 करोड़ रुपये आईडीएफसी बैंक में जमा कराए गए। इससे HPGCL को करीब 1.66 करोड़ रुपये के ब्याज का नुकसान होने का आरोप है।

प्रदीप कुमार पर ब्याज दरों में गड़बड़ी का आरोप

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन सदस्य सचिव प्रदीप कुमार पर निवेश प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी कर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को फायदा पहुंचाने का आरोप है।

चार्जशीट के अनुसार, प्रदीप कुमार को जानकारी थी कि आईडीएफसी बैंक में अधिकतम 50 करोड़ रुपये जमा किए जा सकते हैं, लेकिन बैंक में जमा रकम बढ़कर 163.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

सीबीआई का आरोप है कि एक मामले में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की 8.45 प्रतिशत ब्याज दर को गलत तरीके से 8.25 प्रतिशत दिखाया गया, जिससे आईडीएफसी बैंक की ब्याज दर तुलनात्मक रूप से ज्यादा दिखाई दी। बिना हस्ताक्षर और मुहर वाले आईडीएफसी के ब्याज दर दस्तावेज को भी स्वीकार किए जाने का आरोप है।

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि 140.87 करोड़ रुपये की दो HARCO एफडी का दोबारा निवेश नहीं किया गया। सीबीआई के मुताबिक, इन कथित अनियमितताओं के कारण बोर्ड को ब्याज सहित 159.86 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

504 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले की जांच

सीबीआई की चार्जशीट में इन छह अधिकारियों के अलावा बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी धन को निजी बैंकों में निवेश कराने के लिए नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई और कुछ अधिकारियों को इसके बदले कथित तौर पर नकद, महंगे उपहार, होटल और मनोरंजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

मामले में सीबीआई ने होटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग और यूपीआई लेनदेन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों समेत विभिन्न साक्ष्यों का हवाला दिया है।

गौर करने वाली बात यह है कि चार्जशीट में दर्ज आरोप अभी न्यायिक रूप से साबित नहीं हुए हैं। संबंधित अधिकारियों का दोष अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होगा।


Front page of a Hindi newspaper (Amar Ujala) with a large bold headline about four parties and women leaders; six profile photos numbered 1–6 below the headline.

ये जो तस्वीरें देख रहे इस खबर में। ये सब हरियाणा के IAS अधिकारी हैं। इनके कुकर्म पढ़ लो।
और ये जिन पंकज का नाम लिखा है हेडिंग में, ये IAS हैं, इनके शौक देख लो, ज़ीरकपुर से लेकर चंडीगढ़ और दिल्ली के ऐयरो सिटी के फाइव स्टार होटल में मुजरा करवाया गया साहब के लिए। साहब को महिलाएं भिजवाई गईं।
एक से बढ़कर एक कांड किए अधिकारियों ने। करोड़ों की डील हुईं। खूब भ्रष्टाचार हुआ।
लेकिन खून नहीं खौलना चाहिए लोगों का। हमने मान लिया है कि यही व्यवस्था है।
पढ़िए खबर को। और कर भी क्या सकते हैं। क्यूँकि करने वाले सब अपने अपने हिस्से को बटोरने में लगे हैं।
इस सच्चाई को सामने लाने के लिए Vijay Gupta सर को और उनकी टीम को बधाई।
-आशीष तिवारी

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