
मुंबई: ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के शेयरधारकों ने कंपनी के बोर्ड में दिव्या करणी को स्वतंत्र निदेशक और सौरव अधिकारी को गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किए जाने को मंज़ूरी दे दी है। यह मंज़ूरी रिमोट ई-वोटिंग के माध्यम से हुए पोस्टल बैलट के ज़रिए प्राप्त हुई।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह मंज़ूरी ज़ाहिर करती है कि शेयरधारकों को ज़ी के बोर्ड पर भरोसा है और वे इसके भविष्य के विकास व मूल्य निर्माण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का समर्थन करते हैं।
ज़ी मैनेजमेंट के मुताबिक, बोर्ड का ध्यान लगातार गवर्नेंस को मजबूत करने और प्रबंधन को बहुआयामी विशेषज्ञता वाले सदस्यों के माध्यम से बेहतर मार्गदर्शन देने पर केंद्रित रहा है। बोर्ड में अनुभवी पेशेवरों को शामिल करना इसी रणनीति का हिस्सा है।
बयान में कहा गया, “दिव्या करणी और सौरव अधिकारी की नियुक्ति से प्रबंधन को रणनीतिक विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में व्यापक दिशा-निर्देश मिल सकेंगे।”
दिव्या करणी: मीडिया और विज्ञापन जगत की दिग्गज दिव्या करणी को इस क्षेत्र में तीन दशक से भी अधिक का अनुभव है। वे डेंटसू मीडिया साउथ एशिया की सीईओ रह चुकी हैं, जहां उन्होंने 12 साल से ज़्यादा वक्त तक नेतृत्व किया। फिलहाल, वे कुल्फी कलेक्टिव की चेयरपर्सन और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, जो कंटेंट, कॉमर्स और कल्चर के क्षेत्र में काम करने वाला एक आधुनिक मीडिया नेटवर्क है।
सौरव अधिकारी: तकनीक, एफएमसीजी और कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्रों में 30 वर्षों से ज़्यादा अनुभव रखने वाले अधिकारी एचसीएल, यूनिलीवर और पेप्सीको जैसे बड़े संस्थानों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा चुके हैं। वर्तमान में वे ‘इंडस टेक एज फंड I’ के फाउंडर और सीनियर पार्टनर हैं, जो भारत की टेक्नोलॉजी को वैश्विक मंच पर ले जाने पर केंद्रित है। वे एआई आधारित फिनटेक, हेल्थकेयर, एनालिटिक्स, आईओटी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में सलाहकार और निवेशक की भूमिका में भी हैं।
ज़ी एंटरटेनमेंट के चेयरमैन आर. गोपालन ने कहा, “हम आभारी हैं कि शेयरधारकों ने करणी और अधिकारी की विशेषज्ञता को पहचाना। उनका व्यवसायिक दृष्टिकोण और रचनात्मक समझ कंपनी के प्रबंधन को मज़बूत मार्गदर्शन प्रदान करेगी। हमारा उद्देश्य कंपनी को मज़बूत बनाना और शेयरधारकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।”
कंपनी ने यह भी कहा कि ये नियुक्तियां ज़ी की रणनीतिक योजनाओं का अहम हिस्सा हैं, जो बदलते कारोबारी परिदृश्य में सफलता प्राप्त करने की दिशा में की गई हैं।



