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यूट्यूब पॉलिटिकल कमेंट्री में 129 मिलियन व्यूज के साथ 4PM फिर नंबर वन!

यूट्यूब पर पॉलिटिकल कमेंट्री के क्षेत्र में 4PM ने जनवरी 2026 में एक बार फिर बाज़ी मार ली है। ‘डाटाबीइंग्स’ (DataBeings) की जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 4PM ने जनवरी में अपलोड किए गए वीडियो पर 22 फरवरी 2026 तक कुल 129 मिलियन व्यूज हासिल किए, जो उसे 9% मार्केट शेयर के साथ पहले स्थान पर रखता है।

रिपोर्ट में मुख्यधारा मीडिया को शामिल नहीं किया गया है और केवल जनवरी में अपलोड वीडियो के व्यूज को गिना गया है।

टॉप 5 में कौन-कौन?

4PM – 129.0 मिलियन व्यूज (9%)
Ulta Chasma UC – 111.3 मिलियन (8%)
Dhruv Rathee – 91.7 मिलियन (7%)
The Jaipur Dialogues – 86.9 मिलियन (6%)
Unite India – 73.9 मिलियन (5%)

विश्लेषण

4PM की बढ़त यह दिखाती है कि डिजिटल पॉलिटिकल कंटेंट में उसकी पकड़ लगातार मजबूत बनी हुई है। 9% मार्केट शेयर के साथ वह अपने निकटतम प्रतिस्पर्धी ‘Ulta Chasma UC’ से लगभग 18 मिलियन व्यूज आगे है।

ध्रुव राठी तीसरे स्थान पर हैं, जबकि ‘The Jaipur Dialogues’ और ‘Unite India’ भी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

टॉप-10 में ‘DB Live’, ‘The Live TV’, ‘NMF News’ और ‘Jai Maharashtra News’ जैसे चैनल भी शामिल हैं, जिससे साफ है कि डिजिटल पॉलिटिकल स्पेस में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी है।


4पीएम न्यूज़ नेटवर्क के संपादक संजय शर्मा ने क्या कुछ लिखा है- पढ़ें

इस महीने भी हम देश में पहले स्थान पर. तीन साल … लगातार तीन साल देश में पहले स्थान पर रहना सिर्फ एक उपलब्धि नहीं है. यह एक लड़ाई की कहानी है.

जब हमने शुरुआत की थी तब लोग हँसते थे. कहते थे कि बिना सत्ता के सहारे कोई इतना आगे नहीं जा सकता. कहा गया कि कुछ महीनों में थक जाओगे. दब जाओगे. समझौता कर लोगे.

लेकिन इन तीन सालों में हमने क्या नहीं देखा. मुकदमे, एफआईआर, कानूनी नोटिस, दबाव, जाँच, धमकियाँ, चरित्र पर हमले… कई बार लगा कि रास्ता आसान नहीं है. कई रातें ऐसी थीं जब पूरी टीम चिंता में थी. परिवार ने भी पूछा कि क्या यह सब ज़रूरी है. लेकिन हर बार एक ही जवाब था. अगर सच बोलना छोड़ दिया तो फिर शुरू ही क्यों किया था.

न बड़े कॉरपोरेट का सहारा था. न सरकारी विज्ञापन की गारंटी. सिर्फ आप थे. आपके व्यू . आपका भरोसा. आपकी दुआ.

आज जब हम लगातार तीन साल से नंबर एक हैं तो यह किसी सिस्टम की मेहरबानी नहीं है. यह जनता का फैसला है. यह उन लोगों का समर्थन है जिन्होंने हर दबाव के बीच हमारा साथ नहीं छोड़ा.

हमें डराने की कोशिश हुई. झुकाने की कोशिश हुई. तोड़ने की कोशिश हुई. लेकिन शायद उन्हें नहीं पता था कि 4PM एक चैनल नहीं है. यह एक विश्वास है. और विश्वास को मुकदमों से हराया नहीं जा सकता.

ये नंबर एक की पोज़ीशन हमारे लिए जश्न से ज्यादा जिम्मेदारी है. हम पहले भी सच के साथ थे. आज भी हैं. और कल भी रहेंगे.

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