एक्सिस फाइनेंस, आईडीबीआई बैंक और आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज ने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के साथ जी एंटरटेनमेंट के विलय को मंजूरी देने वाले एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी के समक्ष दायर अपनी याचिकाएं वापस ले ली हैं.
एनसीएलएटी ने याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति देते हुए कहा कि एनसीएलटी ने इस महीने की शुरूआत में 10 अगस्त 2023 के अपने पहले के आदेश को पहले ही वापस ले लिया था, जिसमें सोनी पिक्चर्स के साथ जी एंटरटेनमेंट के विलय को मंजूरी दी गई थी.
एनसीएलएटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक भूषण और सदस्य वरुण मित्रा की पीठ ने कहा, अपीलकर्ताओं के वकील का कहना है कि एनसीएलटी ने पहले ही विलय योजना वापस ले ली है. इसलिए अपीलकर्ता प्रार्थना करते हैं कि उन्हें अपील वापस लेने की अनुमति दी जाए. इस दिप्पणी के साथ ही अनुमति दे दी गई.
बता दें कि इस महीने की शुरूआत में, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मुंबई पीठ ने 10 अगस्त, 2023 को पारित अपने आदेश को वापस ले लिया, जिसमें उसने जी एंटरटेनमेंट के सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के साथ विलय को मंजूरी दी थी.
बिजनेस स्टैंडर्ड की वेबसाइट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ZEE द्वारा वापसी के लिए आवेदन करने के बाद एनसीएलटी ने आदेश वापस ले लिया था. इसने समग्र योजना प्रस्तुत की थी, इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए निष्पादित विलय सहयोग समझौता समाप्त हो गया है और तदनुसार, समापन तिथि नहीं हुई है तथा योजना ने कोई प्रभावशीलता नहीं पाई है.
27 अगस्त को ज़ी एंटरटेनमेंट और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने 10 अरब डॉलर के असफल विलय को मंजूरी दे दी थी, जिससे देश में 10.5 बिलियन डॉलर की मीडिया इकाई बन सकती है.
आईडीबीआई बैंक और एक्सिस फाइनेंस ने एनसीएलटी की मुंबई पीठ के 10 अगस्त, 2023 के आदेश को चुनौती दी है. विलय को मंजूरी देते हुए, एनसीएलटी ने अपने आदेश में इस कदम का विरोध करने वाले वित्तीय संस्थानों द्वारा दायर कुछ आवेदनों को खारिज कर दिया था. जिसमें आईडीबीआई ट्रस्टीशिप, आईडीबीआई बैंक, एक्सिस फाइनेंस जैसी फ्लावर्स एसेट रिकंट्रक्शन कंपनी और आईमैक्स कॉर्प शामिल थे.
इसे आईडीबीआई और एक्सिस फाइनेंस ने एनसीएलएटी के सामने मंजूरी दी थी.
इस साल जनवरी में, सोनी ने भारतीय फर्म द्वारा कुछ समापन शर्तों को पूरा करने में विफलता का हवाला देते हुए ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के साथ प्रस्तावित 10.5 बिलियन डॉलर के विलय से हाथ खींच लिया था. इस विलय पर ज़ी और सोनी ने 22 दिसंबर, 2021 को विलय पर सहमति व्यक्त की थी.


