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मोदी सत्ता की चरण वंदना में ‘नवभारत टाइम्स’ भी टाइम से ड्यूटी बजा रहा है!

पत्रकारों के सवाल पर विदेश मंत्री का पूरा बयान ही पलट दिया!

Navbharat Times article page: headline in Hindi about Modi press conference and the foreign minister answering a journalist's question.
Prime Minister Narendra Modi speaking at a press conference with Indian flags in the background.

मनीष दुबे-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने को लेकर न्यूजीलैंड में पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट) रुद्रेंद्र टंडन के जवाब को लेकर नवभारत टाइम्स की रिपोर्टिंग सवालों के घेरे में है। आलोचकों का कहना है कि मंत्रालय के मूल बयान में “ग्रामीण मतदाताओं” और “मीडिया के बजाय सीधे संवाद” का संदर्भ था, लेकिन नवभारत टाइम्स ने इसे “मोदी जनता से सीधे संवाद करना पसंद करते हैं” के रूप में पेश किया, जिससे बयान का मूल आशय बदलता हुआ नजर आता है।

विदेश मंत्रालय के सचिव रुद्रेंद्र टंडन से न्यूजीलैंड में एक पत्रकार ने पूछा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरों के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते।

जवाब में टंडन ने कहा कि एक सिविल सेवक के रूप में प्रधानमंत्री की राजनीतिक कार्यशैली पर टिप्पणी करना उनके लिए उचित नहीं होगा। इसके बाद उन्होंने यह तर्क दिया कि भारत की जनता ग्रामीण है, इसलिए भाषण पसंद करती है!

हालांकि, नवभारत टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट का शीर्षक दिया—”पीएम मोदी प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते? विदेश मंत्रालय ने पत्रकार के सवाल का दिया दो टूक जवाब”। खबर में आगे लिखा गया कि “मोदी एक ऐसे भारतीय नेता हैं, जो मीडिया के बजाय सीधे जनता से संवाद को प्राथमिकता देते हैं।”

आलोचकों का कहना है कि यह प्रस्तुति विदेश मंत्रालय के बयान का केवल एक हिस्सा सामने लाती है, जबकि उस तर्क का आधार—यानी भारत की बड़ी ग्रामीण आबादी और मतदाताओं की पसंद—शीर्षक और शुरुआती प्रस्तुति से लगभग गायब है। उनका कहना है कि इससे पाठकों के सामने यह संदेश जाता है कि प्रधानमंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए नहीं करते क्योंकि वे सिद्धांततः सीधे जनता से संवाद को प्राथमिकता देते हैं, जबकि मूल बयान में इस बात को भारतीय मतदाताओं की प्रकृति और संचार शैली के संदर्भ में रखा गया था।

मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी आधिकारिक बयान को उद्धृत या संक्षेपित करते समय उसके संदर्भ को बनाए रखना पत्रकारिता की मूल जिम्मेदारी है। संदर्भ बदलने या अधूरा प्रस्तुत करने से पाठकों के बीच अलग धारणा बन सकती है।

मूल खबर…

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