नई दिल्ली। सार्वजनिक प्रसारक दूरदर्शन (Doordarshan) ने अपने प्रसारण ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 4K (अल्ट्रा हाई डेफिनिशन-UHD) प्रोडक्शन इकोसिस्टम विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए करीब 14.5 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य पूरे दूरदर्शन नेटवर्क में अत्याधुनिक डिजिटल उत्पादन प्रणाली स्थापित करना है।
दूरदर्शन महानिदेशालय (Directorate General, Doordarshan) ने हाल ही में “DD Network के लिए एंड-टू-एंड UHD फाइल-बेस्ड वर्कफ्लो फैसिलिटी” की स्थापना के लिए टेंडर जारी किया है। इस परियोजना के तहत केवल नए उपकरण खरीदने के बजाय एक ऐसा एकीकृत डिजिटल सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिससे कंटेंट निर्माण से लेकर प्रसारण तक की पूरी प्रक्रिया 4K तकनीक के अनुरूप हो सके।
क्या है फाइल-बेस्ड UHD वर्कफ्लो?
मौजूदा पारंपरिक प्रसारण व्यवस्था में कंटेंट प्रोडक्शन के विभिन्न चरण अलग-अलग तरीके से संचालित होते हैं। नई फाइल-बेस्ड UHD वर्कफ्लो प्रणाली में वीडियो सामग्री सीधे केंद्रीय स्टोरेज में पहुंचेगी, जहां कई एडिटर एक साथ एक ही कंटेंट पर काम कर सकेंगे। इसके अलावा क्वालिटी कंट्रोल, आर्काइव प्रबंधन और प्रसारण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और अधिक तेज़ हो जाएगी।
इससे 4K गुणवत्ता वाले कार्यक्रमों का निर्माण और प्रसारण अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
छह महीने में पूरा होगा प्रोजेक्ट
करीब 14.5 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना को छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे संकेत मिलता है कि दूरदर्शन अपने पूरे नेटवर्क के लिए एकीकृत 4K प्रोडक्शन बैकबोन तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
टेंडर की तारीख बढ़ाई गई
पहले इस टेंडर की तकनीकी बोलियां 17 जुलाई 2026 को खोली जानी थीं, लेकिन प्रशासनिक कारणों से आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब बोलियां 21 जुलाई 2026 को खोली जाएंगी। हालांकि टेंडर की अन्य सभी शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अत्याधुनिक कैमरों की भी होगी खरीद
इसी दिन दूरदर्शन ने एक अन्य टेंडर भी जारी किया है, जिसमें रोबोटिक कैमरे, रोबोटिक हेड, ट्रैक डॉली विद एलिवेशन कॉलम और फुल-फ्रेम मिररलेस कैमरों की खरीद के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
इन दोनों परियोजनाओं से स्पष्ट है कि दूरदर्शन केवल स्टूडियो उपकरणों को ही आधुनिक नहीं बना रहा, बल्कि 4K प्रसारण के लिए आवश्यक डिजिटल बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित कर रहा है। इस पहल से भविष्य में दूरदर्शन के कार्यक्रमों की तकनीकी गुणवत्ता और प्रसारण क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।



