हिमांशु कुमार-
इंटरव्यू में मुंह चलाने के लिए माहिर हैं गडकरी जी।
एवरेज आप और हम चेक नहीं कर सकते। एश्योरेंस के सर्विस सेंटर में जाइए। वहां एक मशीन होता है। उसमें एवरेज और माइलेज चेक होता है। ऐसे हर कोई एवरेज और माइलेज नहीं बता सकता।
बाबा आदम जमाने के ज्ञाता साहेब को ये भी नहीं पता कि अब गाड़ियां हर एक बार स्टार्ट और बंद होने के बीच की माइलेज बता देती है। इनको कुछ पता हो तब तो। और ये बना रहे हैं पॉलिसी?
पर मैडम बिना विचलित हुए सवाल पूछती रहीं इसलिए उनके लिए तालियां बनती हैं।
ये बात करेंगे टेक्नोलॉजी पे कि मैं चाहता हूं कि गाड़ी में पानी डालूँ, उससे हाइड्रोजन बने और उस हाइड्रोजन से गाड़ी चले। अरे ज्ञाता जी, पानी से हाइड्रोजन बनाते समय अगर लीक हुआ ना तो ना गाड़ी बचेगी ना उसका ड्राइवर। हाइड्रोजन बहुत ज्यादा इंफ्लेमेवल गैस है और हवा के संपर्क में आते ही बम की तरह फटता है।
खुद एक जमाने में टोयोटा की हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी वाले गाड़ी में बैठ गए और उसकी एक PPT प्रेजेंटेशन देख लिए तो सोचे अब मैं ज्ञाता हो गया। अब इन्हें कौन बताए कि हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली गाड़ी में हाइड्रोजन चार्ज्ड सेल्स होते हैं। हाइड्रोजन एक प्रेशराइज्ड टैंक में स्टोर होता है, रिक्वायरमेंट के हिसाब से फ्यूल cell में जाता है और एक प्रॉपर केमिकल प्रोसेस होती है उस cell को चार्ज करने की। जिससे बाद में इलेक्ट्रिसिटी मोटर में ट्रांसफर और कंज्यूम होती है। CNG की तरह सीधा इंजेक्टर में नहीं जाता। गाड़ी में बैठने से कोई उसका ज्ञाता नहीं हो जाता।
बड़बोलेपन की एक सीमा होती है, जिसको धीरे धीरे गुरुजी तोड़ते जा रहे हैं। आपका अपना रोड धंस रहा है उसी को संभाल लीजिए काफी है। वरना दिन बहुत खराब आने वाले हैं देश के। आपका क्या है, रिटायरमेंट एज क्रॉस हो गया है, बेटा जी सेटल हो गए हैं। अब जनता को माफ करिए, कुर्सी किसी और कम बेवकूफ को ट्रांसफर कर दीजिए।
और किसी को चुप कराने के लिए डिफेमेशन सूट नामक शब्द तो ऐसे इस्तेमाल करते हैं जैसे खुद जो बोलते हैं वो हमेशा सत्य होता है।
जो इंसान टोयोटा नहीं बोल सकता एक बार, हर बार टोयोटो टोयाटो करते रहते हैं उन्हें गाड़ियों की पॉलिसी बनाने का हक नहीं। कहीं टोयोटा न डिफेमेशन सूट डाल दे।
आप किसी भी स्टॉक ब्रोकरिंग वाले वेबसाइट पे जाइए, CIAN agro का प्रॉफिट और लॉस स्टेटमेंट देखिए। जो कंपनी मार्च 2024 में 4 करोड़ का सालाना प्रॉफिट घोषित करती थी वो मार्च 2026 में 223 करोड़ का प्रॉफिट घोषित की है। और कब से आया भारत में ethanol 20%. किसको गदहा समझ रहे हैं पता नहीं? वैसे समझना भी बनता है। डेमोक्रेसी में जिसके सपोर्टर ज्यादा, सयाना वही बनता है। और कहते हैं कि बेटे की कंपनी पे हजार करोड़ का लोन है। 4 करोड़ की कंपनी को हजार करोड़ का लोन बिना जान पहचान के नहीं मिलता ज्ञाता जी। क्या बच्चों जैसी बातें कर रहे हो?
Screener नाम की वेबसाइट का सब इस्तेमाल करते हैं किसी स्टॉक के टेक्निकल के लिए, उसका स्क्रीनशॉट लगा है। देखिए और अपने ऊपर हंसिए।
और फिर जब कुछ हथकंडा काम न आया तो माइलेज, E 20 और इन सब मामलों पे सारे सवाल पुरी साहब से पूछने को बोल दिया। सिर्फ एक ढंग का सवाल पूछा जाने वाला इंटरव्यू, और साहेब ढनमना गए।
इसके तुरंत बाद माइक मिल गया फेंकने वाला तो हवा में उड़ने वाला बस लाने की बात फेंक गए। हालांकि ये ताना था जनता को कि देख तू मुझपे सवाल करता है और मैं तेरे लिए क्या क्या कर रहा हूं।
योगीजी खिसियानी हंसी हंस रहे थे, उन्हें डर है तो इसी आदमी से।
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