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दिल्ली

डीवाई चंद्रचूड ने डाइनामाइट न्यूज़ के नए अत्याधुनिक स्टूडियो का उद्घाटन किया

Man in a white shirt cuts a red ribbon at a ribbon-cutting ceremony, surrounded by smiling colleagues and guests in a festive setting.

नई दिल्ली: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता और सवाल पूछने का अधिकार लोकतांत्रिक समाज के सर्वोच्च मूल्य हैं, लेकिन इनका प्रयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।

डॉ. चंद्रचूड़ ने यह बात डाइनामाइट न्यूज़ के हाईटेक स्टूडियो के उद्घाटन के अवसर पर कही।

उन्होंने कहा, “लोकतांत्रिक समाज में प्रेस की स्वतंत्रता का सर्वाधिक महत्व है। स्वतंत्र और पूर्ण रूप से स्वतंत्र प्रेस के बिना किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र के अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती।

डॉ डीवाई चंद्रचूड़ भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण फैसले दिए।

डॉ चंद्रचूड़ ने कहा, “प्रेस को स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि वह अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाए। जब प्रेस अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करता, तब वह प्रेस की स्वतंत्रता नहीं, बल्कि प्रेस की अव्यवस्था बन जाता है, जो लोकतांत्रिक समाज के लिए अच्छा संकेत नहीं है। प्रेस की स्वतंत्रता का कभी दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।”

प्रेस द्वारा शक्तिशाली संस्थानों से सवाल पूछने के अधिकार संबंधी एक प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा “सवाल पूछने का अधिकार किसी भी लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में कानून के शासन (रूल ऑफ लॉ) का मूल आधार है और भारतीय संविधान इस अधिकार की गारंटी देता है।”

डाइनामाइट न्यूज़ ने अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित एक नया स्टूडियो स्थापित किया है, जहाँ से 24×7 बहुभाषी समाचार और कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण शुरू किया गया है।

डाइनामाइट न्यूज़ के संस्थापक एवं प्रधान संपादक मनोज टिबड़ेवाल आकाश ने इस अवसर पर कहा, “हमने आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं और जेन-ज़ी से जुड़े विषयों पर समाचार और कार्यक्रम प्रस्तुत करने की शुरुआत की है।”

फेक न्यूज़ की बढ़ती चुनौती पर डॉ डी वाई चंद्रचूड़ ने युवा पत्रकारों को सलाह दी कि किसी भी समाचार को प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पूरी जांच करें और सच्ची व फर्जी खबर के बीच अंतर करना सीखें। उन्होंने कहा, “ज़्यादा दर्शक, पाठक या व्यूज़ (आईबॉल्स) हासिल करने की होड़ में कभी भी तथ्यों से समझौता नहीं करना चाहिए।”

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