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सांसद प्रिया सरोज ने समाचार प्लस OTT को भेजा 10 करोड़ का कानूनी नोटिस!

नई दिल्ली। मछलीशहर (उत्तर प्रदेश) से सांसद प्रिया सरोज ने डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म समाचार प्लस OTT को 10 करोड़ रुपये के हर्जाने का कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मनोज के. मिश्रा के माध्यम से 16 जुलाई 2026 को भेजा गया है।

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि समाचार प्लस OTT ने सांसद प्रिया सरोज के खिलाफ कई झूठी, भ्रामक और मानहानिकारक खबरें व वीडियो प्रकाशित और प्रसारित किए हैं। इनमें उनके निजी और राजनीतिक जीवन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए, जिनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। नोटिस के मुताबिक, संबंधित खबरें प्रकाशित करने से पहले न तो सांसद का पक्ष लिया गया और न ही पत्रकारिता के बुनियादी मानकों का पालन किया गया।

नोटिस में कहा गया है कि इन खबरों के कारण सांसद की सार्वजनिक छवि, राजनीतिक साख और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 356 (आपराधिक मानहानि), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 तथा डिजिटल मीडिया आचार संहिता के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है।

सांसद की ओर से समाचार प्लस OTT से मांग की गई है कि उनके खिलाफ प्रकाशित सभी कथित मानहानिकारक सामग्री को वेबसाइट, OTT प्लेटफॉर्म, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से तत्काल हटाया जाए। साथ ही, उसी प्रमुखता के साथ बिना शर्त सार्वजनिक माफीनामा जारी किया जाए और मानसिक उत्पीड़न व प्रतिष्ठा को हुई क्षति के लिए 10 करोड़ रुपये का मुआवजा अदा किया जाए। इसके अलावा सात दिनों के भीतर लिखित आश्वासन भी मांगा गया है कि भविष्य में इस प्रकार की सामग्री प्रकाशित नहीं की जाएगी।

कानूनी नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर इन मांगों का पालन नहीं किया गया, तो समाचार प्लस OTT के खिलाफ सक्षम न्यायालय में दीवानी और आपराधिक दोनों प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

देखें नोटिस…

Legal notice letter on letterhead from Manoj K. Mishra dated 16.07.2026, with recipient details and formal body text.
Scanned legal document page with sections 3–8, discussing allegations, defamation, and responses; blue signature at bottom right.
Formal legal notice page listing demands (a–d), warning of civil/criminal action, signed by Manoj K. Mishra, Advocate, Supreme Court of India.
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