नई दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण (I&B) क्षेत्र के नियमों को आसान बनाने की दिशा में नीति आयोग (NITI Aayog) ने बड़ी पहल शुरू की है। आयोग मीडिया से जुड़े 114 अनुपालन (Compliance) नियमों की समीक्षा कर रहा है, जिनमें से 31 नियमों को सरल बनाने की तैयारी है। इसी प्रक्रिया के तहत टीवी चैनलों पर लागू 10+2 मिनट विज्ञापन सीमा (Ad Cap) को हटाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
हाल ही में नीति आयोग ने मीडिया उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन (NBF), न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (NBDA), इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) और ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) सहित कई संगठनों ने हिस्सा लिया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
टीवी चैनलों ने विज्ञापन सीमा हटाने की मांग की
बैठक में टीवी प्रसारकों ने कहा कि प्रति घंटे 10 मिनट विज्ञापन और 2 मिनट सेल्फ प्रमोशन की मौजूदा सीमा से खासकर न्यूज और फ्री-टू-एयर चैनलों की कमाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि इन चैनलों की आय का मुख्य स्रोत विज्ञापन है और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के बीच यह नियम उनके लिए आर्थिक चुनौती बन गया है।
ब्रॉडकास्टर्स ने यह भी कहा कि टीवी चैनलों पर विज्ञापन और कंटेंट को लेकर कड़े नियम लागू हैं, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसी पाबंदियां नहीं हैं। इसलिए दोनों के बीच समान नियामकीय व्यवस्था होनी चाहिए।
114 नियमों की समीक्षा, 31 होंगे आसान
नीति आयोग ने प्रिंट मीडिया, टीवी, रेडियो, केबल, डीटीएच, डिजिटल मीडिया और फिल्म प्रमाणन से जुड़े 11 कानूनों और दिशानिर्देशों की समीक्षा की है। इनमें से 31 नियमों को सरल बनाने का प्रस्ताव है।
प्रस्ताव के अनुसार, कम जोखिम वाले मामलों में पूर्व अनुमति (Prior Approval) की अनिवार्यता कम की जा सकती है। लाइसेंस प्रक्रिया आसान बनाने, बार-बार दस्तावेज जमा करने की बाध्यता खत्म करने, ऑनलाइन और सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने तथा छोटे और तकनीकी उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने पर भी विचार किया जा रहा है।
डिजिटल मीडिया और प्रिंट भी दायरे में
समीक्षा केवल टीवी तक सीमित नहीं है। डिजिटल मीडिया, प्रिंट मीडिया, रेडियो, केबल टीवी, डीटीएच और फिल्म प्रमाणन से जुड़े नियमों का भी अध्ययन किया जा रहा है। डिजिटल मीडिया के लिए आईटी नियम-2021, शिकायत निवारण व्यवस्था और छोटे डिजिटल प्रकाशकों पर पड़ने वाले अनुपालन बोझ की भी समीक्षा की जा रही है।
अभी कोई अंतिम फैसला नहीं
नीति आयोग ने सभी उद्योग संगठनों और हितधारकों से लिखित सुझाव मांगे हैं। इन सुझावों का अध्ययन करने के बाद आयोग अपनी सिफारिशें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भेजेगा। फिलहाल विज्ञापन सीमा हटाने या अन्य नियमों में बदलाव पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
यदि सरकार इन सिफारिशों को स्वीकार करती है, तो मीडिया उद्योग में लाइसेंसिंग, अनुपालन, विज्ञापन, डिजिटल संचालन और प्रसारण से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।



