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सियासत

राहुल गांधी को पीएम आवास से उठा फेंका, पुलिस के हाथों घसीटे जाने पर नाक से खून निकला! देखें तस्वीरें

Crowded scene of men helping a man on the ground, several arms grip his limbs in a tense moment.
Crowd of uniformed responders surround a man seated on the ground, reaching in to assist.
Man in a light blue shirt restrained by a crowd of uniformed men in a tight circle.
Man in a white shirt covers his face with his hands while surrounded by a crowd, with a police officer in khaki beside him.
Bearded man in a light blue shirt is restrained by a uniformed officer as a photographer films the scene in a crowded outdoor area.
Dense crowd of men in a street protest, several arms interlocked as people push forward toward a goal.
Crowded scene of journalists and security surrounding a man in a white polo shirt during a media scrum.
Crowded scene of reporters and photographers surrounding a yellow bus, filming and pushing to get closer to the door.

विश्व दीपक-

राहुल गांधी की यह तस्वीर इस देश की सामूहिक याददाश्त में लंबे समय तक ज़िंदा रहेगी. उनको गिरफ्तार की गया है या हिरासत में लिया गया है यह स्पष्ट नहीं. दिल्ली पुलिस उन्हें लेकर कहां गई है यह भी नहीं पता.

अभी मोदी सरकार कल के झटके से उबर भी नहीं पाई थी कि आज राहुल गांधी ने भयानक वाला सरप्राइज अटैक कर दिया.

युद्ध की तरह राजनीति में भी एलिमेंट ऑफ सरप्राइज काफी मायने रखता है. मोदी सरकार जंतर-मंतर के मोर्चे पर ही हांफ रही थी. राहुल ने लोककल्याण मार्ग पर मौजूद मोदी जी के आवास के सामने एक नया मोर्चा खोल दिया.

जब प्रधानमंत्री आवास के सामने नेता प्रतिपक्ष अपनी टीम के साथ धरने पर बैठ जाए तो समझिए कि बात बहुत आगे बढ़ चुकी है.

सत्ता पक्ष से संवाद की स्थिति खत्म हो चुकी है. लड़ाई आर-पार की है. कांग्रेस अब मोदी जी के घर में घुसकर जवाब मांग रही है. उनके भागने विकल्प
दिन ब दिन कम होते जा रहे हैं.

पहले धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगा जा रहा था. अब बात मोदी और शाह के इस्तीफे तक पहुंच चुकी है. प्रधानमंत्री को जवाब देना ही होगा.

मुझे याद नहीं आ रहा कि इससे पहले संसदीय इतिहास कब नेता प्रतिपक्ष ने पीएम आवास का घेराव किया था? मनमोहन सिंह के दौर में भी जबकि अन्ना आंदोलन चरम पर था – यह नौबत नहीं आई थी.

टीवी मीडिया चाहे जितनी दलाली कर ले अब इस जन आक्रोश को रोक पाना असंभव है. उन्हें मज़बूरी में यह खबर दिखानी पड़ेगी. इंटरनेशनल मीडिया में भी छपेगा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री के घर का घेराव किया. मोदी जी का पुराना रिकॉर्ड भी निकलेगा.

याद रखिये मोदी जी के भागने विकल्प दिन ब दिन कम होते जा रहे हैं. काउंटडाउन 20 जुलाई 2026 को शुरू हो चुका है.


पुष्प रंजन-

छात्रों पर लठबाज़ी और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के सवाल को राहुल ने कसकर पकड़ लिया। अब लगता है, ये कॉकरोच नेताओं को पीछे कर देंगे।

ठीक से देखिये, तो शतरंज की बिसात पर गोट कांग्रेस खेलने लगी. चढ़ावा चोरी पर सरकार को घेरना होगा बाद में. अब मुख्य मुद्दा छात्रों पर हुआ ज़ुल्मों-सितम है. पीएमओ पर कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने कहा, “छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वे बिना जवाब दिए और बिना किसी नतीजे के बच निकलेंगे। वे ऐसा नहीं कर सकते। इस बार नहीं। मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्र न्याय के हकदार हैं – प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने में हमारे साथ शामिल हों। भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा।”

राहुल गांधी ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार न तो कोई ज़िम्मेदारी लेना चाहती है और न ही परीक्षा में गड़बड़ियों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर संसद में कोई बहस करना चाहती है। प्रधानमंत्री कार्यालय में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह विरोध स्थल पर पहुंचे और उन्हें राहुल गांधी से थोड़ी देर बातचीत करते देखा गया। हालांकि, बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला।

दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन में शामिल कुछ कांग्रेस नेताओं को तड़ातड़ी हिरासत में ले लिया। कांग्रेस की मांग यह है कि गृह मंत्री संसद में इस पर स्थिति स्पष्ट करें और सदन में इस मुद्दे पर चर्चा हो। हम चाहते हैं कि वे लोकतंत्र और हमारे संविधान की हत्या और छात्रों पर हो रहे अत्याचारों के बारे में बयान दें। हम 45 दिनों से शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.”

यह विरोध तब हुआ जब विपक्ष ने NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा क्षेत्र के अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की, जिसके बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। कल राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल ने पुलिस कार्रवाई में घायल हुए स्टूडेंट प्रोटेस्टर्स से मुलाकात की थी। कांग्रेस ने कहा कि पीएम मोदी को देश के युवाओं के खिलाफ “बर्बरता” के लिए माफी मांगनी चाहिए।

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