खेल की दुनिया में भी विश्व गुरू का हाल जानने लायक है। आज टाइम्स ऑफ इंडिया में पहले पन्ने पर खेल की दो खबरें हैं। ब्रज भूषण शरण सिंह के खिलाफ मामला दैनिक भास्कर में पहले पन्ने पर है चंपत राय के सरकारी गवाह बनने के साथ तरुण तेजपाल के खिलाफ सरकार के प्रयास की खबर भी देशबन्धु में है।
संजय कुमार सिंह
नरेन्द्र मोदी की सरकार अपने सबसे मुश्किल समय में है। आज के अखबारों की खबरों में देश भर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की खबर शायद पहली बार है। इस सरकार की चल रही थी तो एक प्रदर्शन होना मुश्किल था और जो हुआ उसे दिल्ली के अखबारों में पहले पन्ने पर जगह मिलना भी उतना ही मुश्किल रहा। इनमें मणिपुर के आंदोलन शामिल हैं। देश भर में सरकार विरोधी प्रदर्शन की खबर आज कई अखबारों में पहले पन्ने पर है। बाहरी समर्थन पर टिकी सरकार के सहयोगियों ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त की मनमानी के संबंध में सवाल किए हैं। यह भी पहले पन्ने पर है। उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग के कार्यक्रम टाल दिए गए हैं। सीजेपी ने आंदोलन की चेतावनी दी है और चुनाव बायकाट का ‘आईडिया’ भी। एक साथ इतनी खबरें सरकार की मुश्किलें बताती हैं तो राहत की खबर भी है, टीएमसी के बागी सांसदों को राहत। लेकिन यह सिर्फ देशबन्धु में चार कॉलम में प्रमुखता से छपी है।
अमर उजाला, नवोदय टाइम्स और दि एशियन एज में पहले पन्ने पर छपी खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल भजन क्लबिंग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सरकारी वेतन पाने वाले एक प्रचारक ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है, भारतीय संस्कृति और संगीत नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपना उच्च स्थान रिक्लेम कर रहे हैं। वामपंथ के प्रभाव में भारतीय संस्कृति, संगीत आदि को लेकर अवमानना या अपराध बोध की सृष्टि की गई थी। इसे पिछड़ेपन की निशानी बताया जाता रहा। प्रधानमंत्री की सांस्कृतिक दृष्टि ने इस बदल दिया है। जाहिर है, इस कार्यक्रम में भागीदारी और इसके प्रचार में सरकार की राजनीति है और अखबारों में इसे पहले की तुलना में कम महत्व मिला है जबकि विरोध की खबरें पहले पन्ने पर छपी हैं। अमर उजाला में सरकारी खबर लीड है। इसका शीर्षक है, जिनकी सोच मृत हो चुकी है उन्हें देश का विकास दिखाई नहीं देता : शाह।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन करते हुए गृहमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश निवेश का केंद्र बन चुका है। यह नवोदय टाइम्स में पहले पन्ने पर तीन कॉलम की खबर है। साथ ही एक खबर से पता चला कि डबल इंजन वाले बिहार में जमुई, समस्तीपुर के बाद अब बांका में युवती से छेड़छाड़ की खबर है। मुझे मोतियाबिन्द का नाम मोदियाबिन्द कर दिया जाना याद आ रहा है। आप जानते हैं कि बाहरी समर्थन पर टिकी केंद्र सरकार सत्ता संभालने के बाद से खुद को मजबूत करने में लगी हुई है। चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट भी मददगार रहा है। यह सब सर्वविदित है। सत्ता में रहते हुए सरकार ने बाहरी समर्थन से मुक्त होने के उपाय किए और उसमें कामयाब भी रही है। शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के सांसदों को तोड़ कर अपनी ओर कर लेना सिर्फ सत्तारूढ़ दल के फायदे के लिए नहीं है। दल बदल करने वालों का स्वार्थ भी है। इनमें राघव चड्ढा और सायोनी घोष जैसे लोग शामिल हैं जो चड्ढा और घोष होने का फायदा या कमजोरी बताते रहे हैं।
भाजपा जिन्हें गाली देती रही है, जिन्हें भ्रष्टाचारी, गुंडों का समर्थक कहती रही है उनका साथ लेने, उन्हें टिकट देने या मंत्री-मुख्यमंत्री बनाने में संकोच नहीं करती है। सिस्टम यह सब होने देता रहा है। आज खबर है कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के मामले में फैसला फिर टल गया है। उन्हें आठ अक्तूबर तक राहत मिली है। भाजपा ने नैतिकता की बात कभी की हो तो मुझे याद नहीं है लेकिन बाकी लोगों ने भी नैतिकता का ख्याल नहीं रखा है। ऐसे में स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में चिराग पासवान का खुलकर सामने आना और बाकी लोगों का चुप्पी साधे रहना, मदद करना सार्वजनिक है। अब जब चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की मनमानी सामने आई है तो राजग के सहयोगियों ने भी सवाल किए हैं। आप जानते हैं कि अब राजग के विरोध का खास मतलब नहीं है क्योंकि सरकार ने तृणमूल के 20 सांसदों का समर्थन खरीद लिया है। दूसरे दलों में भी तोड़फोड़ करके संसद में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। भले प्रधानमंत्री और गृहमंत्री संसद की कार्यवाही से अनुपस्थित रहे हों।
द हिन्दू की खबर के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जीतन राम माझी ने कहा है कि एससी/ एसटी सासंदों को संसद में बोलने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता है। द टेलीग्राफ की खबर के अनुसार भाजपा को सहयोगियों से दर्द मिल रहा है। रामविलास पासवान के एलजेपी, चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी और उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी (आरएलएम) ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है। दि एशियन एज की लीड का शीर्षक है, चिराग के स्पष्टीकरण मांगने से ज्ञानेश विवाद बढ़ा; उत्तर प्रदेश के कार्यक्रम टले। दि इंडियन एक्सप्रेस की लीड का शीर्षक है – “राजग साझेदारों ने ईसी से कहा : स्पष्ट करें, अगर लोग चुनाव प्रक्रिया पर शक करने लगे तो समस्या हो सकती है।”
इंडियन एक्सप्रेस की एक और खबर के अनुसार, चुनाव आयोग के अंदर विभाजन ने बंगाल के कट्टर प्रतिद्वंद्वियों टीएमसी, सीपीएम को एकजुट किया। खबर के अनुसार ममता बनर्जी ने एमए बेबी से बात की और राहुल गांधी से अपील की है कि अगले हफ्ते इंडिया ब्लॉक की मीटिंग बुलाएं। टाइम्स ऑफ इंडिया की लीड का शीर्षक है, भाजपा के तीन सहयोगियों ने कहा कि चुनाव आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, लोगों का भरोसा नहीं खो सकते हैं। सीईसी विवाद में विपक्ष के प्रदर्शन की खबर हिन्दुस्तान टाइम्स में सेकेंड लीड है। इसके साथ एक फोटो है। कैप्शन के अनुसार यह दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किए जाने की है। यह खबर देशबन्धु में पांच कॉलम की लीड है। शीर्षक है – देश भर में ज्ञानेश के खिलाफ हल्लाबोल।
अखबार में आज भाजपा की कार्यशैली से जुड़ी एक और खबर है। इसका शीर्षक है, चंपत राय, अनिल मिश्र व गोपाल राव बने सरकारी गवाह। यहां उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने हाल में चुनाव आयोग के कारनामों का खुलासा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को सरकारी गवाह बनने की पेशकश की है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, हॉकी इंडिया में अंदरूनी कलह बढ़ी, प्रेसिडेंट दिलीप तिर्की ने चार अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। यह शिकायत, “आपराधिक विश्वासघात, चोरी, आपराधिक साजिश, जान जोखिम में डालने और गलत तरीके से काम छोड़ने” के आरोपों पर है और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। 24 सितंबर को डीसीपी (साउथ दिल्ली) को दी गई शिकायत में टिर्की ने हॉकी इंडिया के पूर्व डायरेक्टर जनरल आरके श्रीवास्तव, फाइनेंस मैनेजर सुबोध कुमार, ड्राइवर हरमिंदर सिंह और भूषण कुमार (शिकायत में हॉकी इंडिया का डायरेक्टर बताया गया है) के नाम शामिल किए हैं।
आज खेल की दुनिया की खबरें पहले पन्ने पर हैं।चार महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह और पूर्व सेक्रेटरी विनोद तोमर को यौन उत्पीड़न के मामले में बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। उन्होंने इस आदेश को “कानूनी रूप से टिकने लायक नहीं” और “रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों की साफ तौर पर गलत और चुनिंदा व्याख्या” पर आधारित बताया है। इस याचिका पर शनिवार को सुनवाई होनी है। आदेश में कहा गया था, “आरोप… रटे-रटाए और सोचे-समझे लगते हैं, साथ ही पहले से तय किए गए लगते हैं, खासकर तब जब शिकायतें काफी समय बाद दर्ज कराई गई हों।” बृजभूषण सिंह और महिला कुश्ती का मामला आप जानते हैं। तमाम आरोपों के बावजूद सिंह गिरफ्तार भी नहीं हुए। उनका टिकट जरूर कटा पर उनके बेटे को मिल गया और बेटा सांसद बन गया। पहली बार के सांसद को दिल्ली में छोटा मकान मिलता है लेकिन उन्हें वही मिल गया जिसमें बृजभूषण सिंह रहते थे।
जाहिर है इस सरकार में मामला कानून-व्यवस्था, राजनीति या पत्रकारिता का ही नहीं, खेल का भी है। सरकार अगर अभी तक सांसद को बचाती आई है तो पत्रकार तरुण तेजपाल को निचली अदालत से बरी किए जाने के खिलाफ अपील की। 10 साल की सजा हुई तो उसे बढ़वाने की भी अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार को राहत नहीं दी और समर्पण करना पड़ा। आज देशबन्धु में खबर है, सुप्रीम कोर्ट ने गोवा सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई चल रही है। एक तरुण तेजपाल की है जो बताती है कि उनके खिलाफ मामला राजनीतिक है और दूसरा सरकार की ओर से सजा बढ़ाने की अपील और इसी से साबित हो सकता है कि मामला राजनीतिक है लेकिन वह तो कुश्ती महासंघ के मामले में भी साबित है। खेल क्षेत्र की इन दो खबरों से याद आया कि जापान में 20वें एशियाई खेलों का आयोजन किया गया है। समापन 4 अक्तूबर को है।
इस संबंध में मैंने गूगल जेमिनाई से पूछा, भारत के अभी तक के प्रदर्शन पर आज किसी अंग्रेजी या हिन्दी अखबार में अच्छी रिपोर्ट है क्या? पेश है, जवाब का संपादित और संक्षिप्त रूप, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट का शीर्षक है, भारत को छह मेडल मिलने के बाद भी रैंकिंग बेहतर नहीं हो रही है क्योंकि चीन 100 स्वर्ण पदक की ओर बढ़ रहा है। शुक्रवार को भारत ने 6 पदक (1 गोल्ड, 2 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज) जीते। इसके बावजूद पदक तालिका में भारत 12वें स्थान पर ही बना रहा। इसका मुख्य कारण यह है कि रैंकिंग स्वर्ण पदकों की संख्या के आधार पर तय होती है और शीर्ष देश (चीन और जापान) तेजी से गोल्ड जोड़ रहे हैं। दैनिक जागरण / लाइव हिंदुस्तान (हिन्दी) के अनुसार , “एशियन गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, मैराथन और शूटिंग में मिले नए मेडल”। चीन 104 स्वर्ण पदकों के साथ मेडल तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि मेजबान जापान 30 स्वर्ण पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है। भारत को सिर्फ दो पदक स्वर्ण मिले हैं। एक महिला क्रिकेट में और दूसरा शूटिंग मिक्स्ड टीम को। आज टाइम्स ऑफ इंडिया में यह खबर सेकेंड लीड है।
राजधानी दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति से संबंधित एक खबर नवोदय टाइम्स में पहले पन्ने पर है। खबर के अनुसार, मुखर्जी नगर सरेआम किडनैपिंग की कोशिश में, गृह मंत्रालय सख्त। खबर के अनुसार 164 डार्क स्पॉट हैं और चार दिन में भी स्थिति नहीं बदली है। खबर यह भी है कि पुलिस आयुक्त ने सख्त पुलिसिंग के निर्देश दिए हैं।

मैं रोज चार हिन्दी और छह अंग्रेजी, कुल दस, कई बार इससे भी ज्यादा अख़बार देखकर उसकी खास बातें लिखता हूँ। अंग्रेजी की खबरों के खास अंशों का अनुवाद करता हूं। वह भी लिखता हूं जो अखबार नहीं लिखते या नहीं लिख सकते हैं। जो लिखता हूं उसमें बहुत कुछ याद से लिखा होता है। एआई का सहयोग होता है। कुछ अंग्रेजी अखबारों की खबरों का अनुवाद होता है। इसलिये भूल-चूक की आशंका है। कृपया कहीं उल्लेख करने या हवाला देने से पहले अपने स्तर पर पुष्टि कर लें।




