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सुख-दुख

75 की उम्र में प्रभु चावला ने तो कमाल कर दिया!

अंकित माथुर-

युवा पत्रकारों को राज चेंगप्पा, सचिन कालबाग, रजत शर्मा जैसे वरिष्ठ व बुजुर्ग पत्रकारों से भी सबक लेने की जरूरत है!

भारत में तनाव के मामले में पत्रकारिता शीर्ष दस व्यवसायों में से एक है. अत्यधिक तनाव की परिणति अंततः स्वास्थ्य और प्रदर्शन में भारी गिरावट के रूप में सामने आती है. इन सबके पीछे TRP में आगे बढे रहना, कम पारिश्रमिक मिलने पर भी अत्यधिक मेहनत, आफिस की राजनीति में अपने को बचा कर बनाये रखना, काम का कोई निश्चित वक्त ना होना, बाज़ार में निम्न स्तरीय भोजन करना, कभी कभी फांका भी करना अदि और भी न जाने कितने ही अनगिनत कारण हैं जो कि हमारे युवा पत्रकारों को एक गहरे अवसाद और तनाव की ओर धकेलती जा रही है.

युवा पत्रकार नशा, शराब आदि व्यसनों में पड़कर अपने जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, परन्तु इस तनावपूर्ण स्थिति से अपने को बचा कर रखने के लिए जो एक चीज़ युवा पत्रकार नज़र अंदाज़ कर रहे हैं, वो है व्यायाम।

चाहे कितने भी व्यस्त हों, दिन में अगर आधा घंटा भी अपने लिए निकाल लिया जाये तो इस तनाव रूपी महिषासुर का मर्दन किया जा सकता है.

मिसाल के तौर पर 75 वर्षीय वरिष्ठ संपादक एवं पत्रकार प्रभु चावला को ही लें, वे प्रतिदिन अपने फार्म हाउस में औसतन 20 कि० मी० की सैर करते हैं, नए साल की शुरुआत में उन्होंने ट्वीट में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग कर के सबको बताया कि उन्होंने साल के पहले दिन 51,547 कदम चले. साथ ही उनका कहना ये भी है, कि यदि तनाव से दूर होकर खुश और स्वस्थ जीवन व्यतीत करना है तो रोज़ाना खूब पैदल चलें.

वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और वर्तमान में इंडिया टुडे ग्रुप के एडिटोरियल डायरेक्टर (पब्लिशिंग) राज चेंगप्पा को ही लीजिये, उन्होंने अपने जन्मदिवस पर लगातार 108 सूर्य नमस्कार किये, और कहा कि इसके पीछे उनकी माता जी की प्रेरणा है. उनका भी यही मानना है, कि युवा पत्रकारों में तनाव रहित जीवन के लिए अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है.

युवा पत्रकार सचिन कालबाग को जब मई 2019 में 100 किलो वज़न होने पर ये बताया गया कि वे ओबेसिटी (मोटापा) के शिकार हो चुके हैं, जिसके कारण उनको गंभीर बीमारियां कभी भी घेर सकती हैं, उन्होंने भी गज़ब की जिजीविषा दिखाते हुए योग, दौड़ लगाना और वेट ट्रेनिंग आदि कर के अपना वज़न तीस किलो घटाकर 73 किलो तक ले आये.

एक मज़ेदार किस्सा है, एक बार इंडिया टीवी के मशहूर शो आपकी अदालत में सलमान खान और रजत शर्मा में शर्त लगी कि कौन ज़्यादा पुश अप करेगा, मालूम चला कि रजत शर्मा ने सलमान खान को पछाड़ दिया और उनसे ज़्यादा पुश अप्स कर डाले।

इन सब उदाहरणों से ये साफ परिलक्षित होता है कि हमारे देश के युवा पत्रकारों के बजाय वरिष्ठ पत्रकारों में स्वास्थ्य और तनाव रहित रहने के प्रति ज़्यादा जागरूकता है, वे बखूबी जानते हैं कि इस उहापोह, भागमदौड़ और तनावपूर्ण व्यवसाय में यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो योग, पैदल चलना दौड़, आदि अन्य व्यायाम अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं.

अंकित माथुर ब्लागर, पत्रकार, टेक्नोक्रेट और ट्रेवलर हैं. अंकित भड़ास ब्लाग और भड़ास4मीडिया डॉट कॉम के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. उनसे संपर्क [email protected] के जरिए किया जा सकता है.

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