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आज की कई खबरें हेडलाइन मैनेजमेंट पर लिखने की सार्थकता साबित करती हैं

संजय कुमार सिंह

आज के अखबारों की खबरों को कल होने वाले पांचवें चरण के मतदान के लिये प्रचार के रूप में देखा जाना चाहिये। यह ठीक है कि मतदान 49 चुनाव क्षेत्रों में ही है पर अच्छे दिनों में यह नामुमकिन मुमकिन हो चुका है कि एक जगह मतदान चल रहा हो और पास के चुनाव क्षेत्र में पार्टी विशेष के प्रधान प्रचारक की रैली चल रही हो। मीडिया पर सीधा प्रसारण चल रहा है। वैसे भी, दिल्ली में मतदान अगले चरण में यानी 25 मई को है तो अखबारों  अपने पूरे फॉर्म में होना है और आज राहुल गांधी, केजरीवाल सब पहले पन्ने पर हैं। मालीवाल का मामला और जरीवाल के पीए बिभव की गिरफ्तारी की खबर को लीड बनाना हेडलाइन मैनेजमेंट का भाग है लेकिन दिल्ली में मतदान से पहले राहुल और केजरीवाल के कहे तो पहले पन्ने पर जगह मिलना निश्चित रूप से खबर है। खासकर तब जब चुनाव आयोग के सहयोग या चुप्पी के कारण प्रधान प्रचारक ने अपना सब रंग दिखाया। गृहमंत्री अमित शाह सत्तारूढ़ दल के दूसरे नंबर के प्रचारक रहे। इसबार भाजपा के चुनाव प्रचार का मुद्दा सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस विरोध है। ऐसे में भाजपा की पतली समझी जा रही हालत की आज के अखबारों से पुष्टि होती लगती है।

आज के अखबारों में हेडलाइन मैनेजमेंट तो है लेकिन विपक्ष पहले पन्ने पर आ गया है और मजबूती से नजर आ रहा है। आइये आज अलग-अलग अखबारों के पहले पन्ने की खबरों की बात करता हूं। अब जब राहुल गांधी की खबर पहले पन्ने पर है तो आप इसे हेडलाइन मैनेजमेंट पर खबरों का दबाव समझ सकते हैं। स्वाति मालीवाल मामले में अरविन्द केजरीवाल के सहायक की गिरफ्तारी इसी कोशिश का हिस्सा है और जवाब में केजरीवाल का यह एलान कि आम आदमी पार्टी के सभी नेता आज 12 बजे भाजपा मुख्यालय पर उपलब्ध रहेंगे सरकार जिसे चाहे गिरफ्तार करके जेल भेज दे। खबर यह भी है। कैसे छपी है यही हेडलाइन मैनेजमेंट है। आइये देखिये समझने कोशिश करता हूं।

1. द टेलीग्राफ

बिहार में भाजपा उम्मीदवार अपनी स्थिति के लिए प्रधान मंत्री पर निर्भर हैं (फ्लैग शीर्षक)। मुख्य शीर्षक है, मोदी के लोगों के लिए प्रदर्शन की चिंता। दूसरी खबर का शीर्षक है, केजरीवाल ने भाजपा के साथ टकराव का रास्ता चुना। इस खबर में कहा गया है, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को घोषणा की कि वह अपनी आम आदमी पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ भाजपा के केंद्रीय कार्यालय जाएंगे और पार्टी से कहेंगे कि वह जिसे चाहे गिरफ्तार कर ले। मुख्यमंत्री का वेबकास्ट तब आया जब अधिकारियों ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार को पार्टी सांसद स्वाति मालीवाल पर सोमवार को हमला करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। केजरीवाल ने कहा, ”रविवार दोपहर 12 बजे मैं अपने सांसदों, विधायकों समेत सभी बड़े नेताओं के साथ बीजेपी मुख्यालय आ रहा हूं… उन्होंने मुझे, मनीष सिसोदिया, सत्येन्द्र जैन, संजय सिंह को जेल भेज दिया और अब मेरे पीए को जेल में डाल दिया है। उन्होंने आगे कहा: “हमें एक साथ जेल में डाल दीजिये। आप समझते हैं कि हमारे नेताओं को जेल में डालकर आप आम आदमी पार्टी को कुचल देंगे, तब आम आदमी पार्टी खत्म हो जाएगी… अगर आप हमारे  नेताओं को जेल में डालेंगे, तो यह देश सौ गुना ज्यादा नेता पैदा करेगा।

मालीवाल के मामले को आप जैसे देखें, तथ्य यह है कि वे आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा की सांसद हैं, इतनी कमजोर नहीं हैं कि उन्हें हमारी सहायता की जरूरत हो और उनके सात जो हुआ है उनके नेता के घर में हुआ है। उनके नेता देख लेंगे। दूसरी पार्टी को हस्तक्षेप करने की जरूरत ही नहीं है और मीडिया के लिए भी ऐसा ही है। बेशक खबर अपनी जगह है पर उन्हें किसी सहायता, प्रचार की जरूरत नहीं है। यही नहीं, स्वाति मालीवाल भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा दर्ज एक अवैध भर्ती मामले में आरोपों का सामना कर रही हैं। मामले में एक प्राथमिकी दर्ज है और यह उस स्तर पर है जहां उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। ऐसे में वाशिंग मशीन पार्टी की भूमिका से कौन इनकार करेगा? वैसे भी, पुलिस अपना काम कर ही रही है। पार्टी का आंतरिक मामला हो या इसमें भाजपा का स्वार्थ हो तो भी मीडिया का काम निष्पक्ष रहने का ही है। जो भी हो, अरविन्द केजरीवाल ने राजनीति का राजनीतिक जवाब दिया है और इस खबर की प्रस्तुति हेडलाइन मैनेजमेंट होगी। टेलीग्राफ का आपने देखा अब अगला अखबार देता हूं।

द टेलीग्राफ में आज पहले पन्ने पर आधा विज्ञापन है। लीड के अलावा दो कॉलम की खबर एक ही है। सिंगल कॉलम की सबसे बड़ी खबर का शीर्षक है, राजभवन की एफआईआर में विशेष कार्य अधिकारी का नाम है। देखना है भाजपा के राज्यपाल और पश्चिम बंगाल के राजभवन की इस खबर को आज कितना महत्व मिला है। यह भाजपा, राजभवन या राज्यपाल का निजी मामला नहीं है। राजभवन की दो महिला कर्मचारियों ने राज्यपाल पर आरोप लगाये हैं। फिर भी कलकत्ता में अभी एफआईआर की ही खबर है (घटना पुरानी है) और आरोपियों से कहा गया है कि वे पुलिस जांच में सहयोग करें। दिल्ली का मामला अलग है। पर खबर के लिहाज से राजभवन की बात अलग है।

2. द हिन्दू

आज मेरे अखबारों में अकेला है जिसने कल पांचवें चरण के मतदान की खबर को  लीड बनाया है। सेकेंड लीड का शीर्षक है, भारत का एक पता डाकघर में तैयार किया जायेगा। इसके साथ एक परिवार की फोटो है जिसका कैप्शन है, निर्णायक दिन : पाकिस्तानी हिन्दू शनिवार को नई दिल्ली के एक डाकघर में इंटरव्यू की अपनी बारी के इंतजार में”। मुझे लगता है कि इतनेसे आप मामला समझ जायेंगे। अखबार की तीसरी बड़ी खबर का शीर्षक है, बलात्कार के मामले में  कोर्ट ने कर्नाटक के सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। आप जानते हैं कि प्रज्जवल भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते हैं और भाजपा की सहयोगी पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं और प्रधानमंत्री ने उनके लिए वोट मांगा था। मतदान के बाद वे फरार हो गये और अभी तक उन्हें विदेश से नहीं लाया जा सकता है। दिलचस्प यह भी है कि केंद्रीय गृहमंत्री कर्नाटक सरकार पर आरोप लगा चुके हैं कि उसने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। जो भी हो, प्रज्वल विदेश में है और अगर उसका पासपोर्ट खारिज कर दिया जाये तो वह लौटने को मजबूर होगा पर अभी तक ऐसा किये जाने की सूचना नहीं है।

अखबार में चार कॉलम में एक जलती हुई बस की फोटो है। इसका कैप्शन है, शनिवार को हरियाणा के नूह जिले में एक बस जिसमें शनिवार को आग लग गई। कम से कम नौ लोग मर गये 20 लोग घायल हुए हैं। अखबार के पहले पन्ने का बॉटम सबसे बड़ा है और शीर्षक से पता चलता है भाजपा-कांग्रेस दोनों की रैली की खबर है। शीर्षक हिन्दी में कुछ इस तरह होता, राजधानी में नरेन्द्र मोदी और राहुल गांधी की चुनावी रैलियों में भ्रष्टाचार ने चुनावी स्थिति हासिल की। दिल्ली में 25 को मतदान है और कल दोनों नेताओं की रैली थी। राहुल गांधी की दोनों यात्राओं की खबर पहले पन्ने पर अमूमन नहीं छपती थी। आज लगभग सभी अखबारों में दोनों की रैली को लगभग 12 जगह दी गई है।

3. इंडियन एक्सप्रेस 

फ्लैग शीर्षक है, अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई चल रही थी तभी विभव को गिरफ्तार कर लिया गया, पांच दिन की हिरासत में भेजा गया। मुख्य शीर्षक है, हमले के लिए सहायक को गिरफ्तार किया गया, केजरीवाल ने कहा आज भाजपा मुख्यालय तक मार्च करेंगे। इंट्रो है, मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार मालीवाल को गालों पर और जांघों में रोंच के निशान हैं। इसके साथ एक और खबर है जिसका शीर्षक है, मु्ख्यमंत्री ने कहा, आप के एक और नेता को जल्दी ही गिरफ्तार किया जायेगा; पार्टी ने मालीवाल पर हमला बढ़ाया। पहले पन्ने की एक और खबर का शीर्षक है, प्रधानमंत्री ने आप, कांग्रेस पर हमला किया; दुनिया एक भ्रष्ट को दूसरे के मुकाबले देख रही है (शायद उसे इलेक्टोरल बांड का खेल मालूम नहीं है)। इस खबर का उपशीर्षक है, तुष्टिकरण की अपनी राजनीति से इंडिया समूह दिल्ली को नष्ट करने में लगा है। अखबार में एक सूचना है कि अंदर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का इंटरव्यू है। सिंगल कॉलम की एक खबर का शीर्षक है, “मोदी के तीसरी बार पीएम बनने के छह महीने के अंदर पाक अधिकृत कश्मीर भारत में होगा : योगी”। लीड के नीचे और इस खबर के साथ कश्मीर में हिंसा की खबर है। फ्लैग शीर्षक है, श्रीनगर में रिकार्ड मतदान के कुछ ही दिन बाद (मुख्य शीर्षक है) पूर्व सरपंच की गोली मार कर हत्या, जयपुर के दंपत्ति को घाटी में गोली मारी गई

राहुल गांधी या विपक्ष की खबरों में एक शीर्षक है, राहुल ने कहा मोदी के साथ बहस के लिए तैयार हूं पर वे नहीं आयेंगे। यह दिल्ली में लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में उनकी पहली रैली की खबर है। नीरजा चौधरी का कॉलम पहले पन्ने पर है। इसका शीर्षक है, “सीबीआई ईडी को बंद कर दिया जाना चाहिये …. इंडिया ब्लॉक की पार्टियों से प्रस्ताव करूंगा : अखिलेश”। एक और खबर का शीर्षक है, उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में कल्याणकारी योजनाओं की सुरक्षा जाल के बावजूद लाभार्थी और चाहते हैं : रोजगार, समय पर परीक्षा”। सांसद और पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने झिड़का – खबर खूब छपी है।

4. हिन्दुस्तान टाइम्स

पहले पेज पर आज आधा विज्ञापन है। बदले में पहले पन्ने से पहले का अधपन्ना है। इसपर लीड है, स्वाति मालीवाल पर हमले के मामले में केजरीवाल के पीए विभव गिरफ्तार। इसके साथ की खबर का शीर्षक है, मेडिकल में हमले की पुष्टि होने पर भाजपा ने मुख्यमंत्री पर हमला बोला; आप ‘जेल भरो’ का आयोजन करेगा। बस में आग लगने से नौ मरे – यहां भी फोटो है। पूर्व सरपंच की हत्या की खबर छोटी सी सिंगल कॉलम में है। दिल्ली में तापमान बढ़ने के अंदेशे से रेड अलर्ट। पहले पन्ने की लीड का शीर्षक है, सप्ताहांत में मोदी, राहुल की रैली ने राजधानी में चुनावी गर्मी बढ़ाई। कहने की जरूरत नहीं है कि दोनों रैलियों की खबर एक साथ है और दोनों को बराबर महत्व दिया गया है। फोटो भी बराबर है। यह खबरों के लिए उपलब्ध आठ कालम की जगह में से पांच कॉलम में है। बाकी के तीन कॉलम में जेपी नड्डा और प्रियंका गांधी की खबर है। नड्डा जी ने कहा है, प्रो इनकमबेंसी हमारी सीटों की संख्या बढ़ायेगी। प्रियंका ने कहा है, लोगों की ढेरों समस्याएं हैं, भाजपा के खिलाफ गुस्सा बढ़ा है। इसमें किसने क्या कहा से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि दोनों दलों को बराबर जगह मिली है। निश्चित रूप से यह हेडलाइन मैनेजमेंट की दिशा में विकास है।

5. टाइम्स ऑफ इंडिया

मालिवाल मामले में मुख्यमंत्री के सहायक गिरफ्तार, बचाव में आप ने नये वीडियो का हवाला दिया। इंट्रो है, विभव की तलाश मुख्यमंत्री के घर पर पूरी हुई। खबर की खास बातों वाले बॉक्स का शीर्षक है, लोकेशन छिपाने के लिए फोन कहीं और भेज दिया था? केजरीवाल की जवाबी कार्रवाई की खबर सिंगल कॉलम में है। शीर्षक है, हम सबों को गिरफ्तार कर लीजिये : केजरीवाल भाजपा मुख्यालय तक मार्च का नेतृत्व करेंगे। कश्मीर की खबरें यहां सेकेंड लीड है। पूर्व में उल्लिखित खबर के अलावा जो खबर यहां है उसमें एक है, राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में वे आम आदमी पार्टी को वोट देंगे और केजरीवाल कांग्रेस को। आप जानते हैं कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी का कांग्रेस के साथ गठजोड़ है और दोनों एक दूसरे के उम्मीदवारों का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में राहुल गांधी का नाम जिस मतदाता सूची में है वहां आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ रही है और जहां अरविन्द केजरीवाल का नाम है वहां कांग्रेस चुनाव लड़ रही है। समझौते के अनुसार ऐसा होगा। कल दिल्ली की अपनी रैली में राहुल गांधी ने मतदाताओं औऱ कार्यकर्ताओं के लिए इसे स्पष्ट किया। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इसे पहले पन्ने पर छापा है – यह महत्वपूर्ण है। टाइम्स ऑफ इंडिया में एक और खबर उल्लेखनीय है। ममता बनर्जी ने कहा है, रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के कुछ साधु दिल्ली के आदेश पर भाजपा के लिए काम कर रहे हैं

6. अमर उजाला

स्वाति मालीवाल की खबर यहां भी लीड है। शीर्षक है, स्वाति से मारपीट में केजरीवाल के निजी सचिव बिभव सीएम आवास से गिरफ्तार। उपशीर्षक है, घटना के छठे दिन गिरफ्तारी, मालीवाल की मेडिकल रिपोर्ट में पिटाई की पुष्टि, सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर रिकार्डिंग सील। अखबार ने हाईलाइट करके बताया है कि दायें गाल, बाएं पैर व आंख के नीचे चोट के निशान हैं। इसके साथ ही एक खबर है, नड्डा बोले – भाजपा का हाथ नहीं उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। पर सीधी सी बात है कि भाजपा का हाथ (असल में दिलचस्पी) नहीं होता तो यह खबर ही नहीं बनती और हमलोग पहलवान बेटियों से लेकर संदेशखाली और पश्चिम बंगाल के राजभवन की घटनाओं का हाल देख चुके हैं। यही नहीं, आम आदमी पार्टी से भाजपा की परेशानी सर्वविदित है। वैसे भी, किसी मुख्यमंत्री के घर में उसी पार्टी की महिला सांसद को पुरुष अधिकारियों द्वारा पीट दिया जाये यह सामान्य बात नहीं है। बाद में जिस तरह इसे खबर बनाया जा रहा है वह जबरदस्त किस्म की राजनीति है और इस तथ्य के बावजूद है कि स्वाति मालीवाल अभी भी पार्टी में हैं और अरविन्द केजरीवाल उनके नेता हैं। अगर पिटाई हुई है, उनके पीए ने किया है तो वे देख लेंगे। खरोंच और निशान जैसे मामले में फांसी तो होनी नहीं है, मतदान से पहले बदनाम किया जा सकता है, किया जा रहा है।

7. नवोदय टाइम्स

पहले पन्ने पर धुंआधार विज्ञापन है। दो खबरें हैं दोनों के शीर्षक से आप समझ जायेंगे कि खबरों के मामले में भाजपा की स्थिति अब पहले जैसी नहीं है। पहली खबर का शीर्षक है, दिल्ली को तबाह कर रहा इंडी गठबंधन : मोदी”। दूसरी खबर का शीर्षक है, प्रधानमंत्री का ‘बाय-बाय’ होने जा रहा है : राहुल”। अखबार के दूसरे पहले पन्ने पर विभव की गिरफ्तारी की खबर लीड नहीं है लेकिन लीड के ऊपर टॉप की खबरों में है। चार कॉलम की इस बर का शीर्षक है, विभव गिरफ्तार, जमानत भी नहीं। लीड  शीर्षक है, “पांचवें चरण के लिए प्रचार खत्म, कल मतदान”। यह दूसरी पहला पन्ना है और इसके साथ दो खबरें बराबर में हैं। एक का शीर्षक है, मालीवाल के बाएं पैर  गाल पर चोट के निशान”। दूसरी खबर का शीर्षक है, पीएम जेल का खेल बंद करें : केजरीवाल”। यहां भी केजरीवाल की खबर को महत्व दिया गया है। जो गौरतलब है।

नवोदय टाइम्स के इस दूसरे पहले पन्ने की एक खबर उल्लेखनीय है। शीर्षक है, चार साल में गायब हुए 50 लाख पेड़। एजेंसी के हवाले से यह खबर बताती है कि भारत में 2018 से 2022 के बीच बड़ी कृषि भूमि के 50 लाख से अधिक पेड़ आंशिक रूप से बदली हुई कृषि प्रथाओं के कारण गायब हो गये जो चिन्ताजनक है। यह बात एक पत्रिका नेचर ससटेनेबलिटी में प्रकाशित एक नये शोध में सामने आई है। द हिन्दू में कल यानी शनिवार, 18 जून को यह खबर इसी प्रमुखता से छपी थी। थोड़ा अंतर है लेकिन पत्रिका यही है। पर मुख्य मुद्दा यह है कि अंग्रेजी में छपी ऐसी खबरों का हिन्दी अनुवाद अब नहीं दिखता था। हो सकता है, अंदर के पन्नों पर छपता हो इसलिए मुझे नहीं दिखा हो। लेकिन वर्षों बाद सरकार विरोधी अंग्रेजी की किसी खबर को अगले दिन हिन्दी अखबार में देखा। पहले हमलोग ढूंढ़-ढूंढ़ कर छापते पर अब यह रिवाज खत्म हो गया लगता था। कहने की जरूरत नहीं है कि यह मालीवाल पर हमले के मुकाबले बहुत गंभीर मामला है और बड़ी खबर है लेकिन अखबारों में बिभव की गिरफ्तारी ऐसे छपी है जैसे मुख्यमंत्री को फिर गिरफ्तार कर लिया गया हो। अमर उजाला में यह खबर तो नहीं ही है, जो है उसका शीर्षक है, दुनिया में भारत जैसा जीवंत लोकतंत्र कहीं नहीं। व्हाइट हाउस ने की तारीफ, कहा – मतदान करने की भारतीयों की क्षमता जगजाहिर। हालांकि, अमर उजाला में आज राहुल गांधी और केजरीवाल दोनों पहले पन्ने पर एक साथ हैं और शीर्षक भी साधारण नहीं है। पांचवें चरण के मतदान के पहले इस तरह का शीर्षक हेडलाइन मैनेजमेंट पर लिखने की मेरी सार्थकता साबित करता लगता है। एक शीर्षक है, संविधान नष्ट करने पर तुली भाजपा, हमारा लक्ष्य इसे बचाना : राहुल”। दूसरा शीर्षक है, हमारी तरह सुविधाएं नहीं दे सकते इसलिए गिरफ्तार कर रहे : केजरीवाल”।  

द हिन्दू की खबर का शीर्षक था, लगभग 60 लाख पेड़ खेती की जमीन से गायब हो गये : अध्ययन”। खबर के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच भारत में 5.8 मिलियन के करीब खेती की जमीन में खड़े पूरे बड़े पेड़ नष्ट हो गये होंगे। यह उपग्रह से ली गई तस्वीर के आधार पर विश्लेषण करने वालों ने कहा है। कोपनहैगन विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने नेचर ससटेनेबिलिटी में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह बात कही है। यही नहीं 2010-11 के दौरान जो पेड़ देखे गये थे वे उनमें से 11 प्रतिशत अब दिखाई नहीं दे रहे हैं। यह काम 2018 से 2022 के दौरान किया गया औऱ इस आधार पर निष्कर्ष निकाला गया है कि वे गायब हैं। कायदे से सरकार को अपना पक्ष रखना चाहिये। संभव है सरकार की अनुमति से कटे या जो भी बात हो वह सामने आनी चाहिये।

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