
जयपुर की पत्रकारिता पर बड़ा कलंक! पिंक सिटी प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष और दैनिक नवज्योति के वरिष्ठ संवाददाता अभय जोशी के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली और गुंडागर्दी का मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि जोशी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक निर्माण स्थल पर ₹1 लाख की रिश्वत मांगते हुए धमकी दी और विरोध करने पर मारपीट व अभद्रता पर उतारू हो गए। यह घटना न सिर्फ पत्रकारिता की साख पर गहरी चोट है, बल्कि प्रेस क्लब जैसी संस्था की गरिमा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
पढ़ें भड़ास को भेजी गई यह शिकायत…
सेवा में,
संपादक महोदय, भड़ास 4 मीडिया,
विषय: पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली और गुंडागर्दी — पिंक सिटी प्रेस क्लब की साख पर दाग; पूर्व अध्यक्ष अभय जोशी के ख़िलाफ़ गंभीर धाराओं में मुक़दमा दर्ज।
मान्यवर,
सविनय निवेदन है कि मैं, रोशन शर्मा, निवासी ए-166, विनायक सरोवर, मानसरोवर, जयपुर, एवं पिंक सिटी प्रेस क्लब का सक्रिय सदस्य, विगत 15 वर्षों से विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्यरत रहा हूं। आपके माध्यम से एक अत्यंत गंभीर, आपराधिक प्रकृति की तथा पत्रकारिता की मर्यादा को कलंकित करने वाली घटना को सार्वजनिक करना चाहता हूं।
दिनांक 30 अगस्त 2025, लगभग सायं 4:30 बजे, एक नेक्सॉन ईवी वाहन (RJ45-CR-0990) से दो व्यक्ति मेरे निवास स्थल पर चल रहे निर्माण कार्य पर पहुंचे। बिना किसी वैधानिक पहचान या अधिकारिक पत्र के उन्होंने पूछताछ शुरू की और निर्माण कार्य को अवैध बताते हुए आपत्ति जताई। उन्होंने स्वयं को जयपुर विकास प्राधिकरण का अधिकारी बताते हुए कहा कि निर्माण के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
इसके पश्चात उन्होंने मेरे छोटे भाई विकास शर्मा को धमकाते हुए कहा कि ₹1 लाख की व्यवस्था करो, अन्यथा निर्माण कार्य बंद करवा दिया जाएगा व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने एक मोबाइल नंबर (9799927289) देते हुए कहा कि यह हाईकोर्ट के वकील साहब का नंबर है, उनसे बात कर लो और मामला तुरंत सुलझा लो।
जब मेरे भाई ने उनसे पहचान पत्र दिखाने को कहा और बातचीत की रिकॉर्डिंग करने की कोशिश की, तो वे बौखला गए, श्रीमान ने अशोभनीय भाषा का प्रयोग करने लगे और हाथापाई पर उतारू हो गए। संपूर्ण घटनाक्रम CCTV फुटेज में रिकॉर्ड हो गया। और मोबाइल में भी उक्त घटना के फोटोग्राफ रिकॉर्ड हो गए।
उक्त घटना के बाद जब मैने व्यक्तियों की पहचान की गई, तो उनमें से एक व्यक्ति अभय जोशी निकले, जो कि पिंक सिटी प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष तथा वर्तमान में दैनिक नवज्योति के वरिष्ठ संवाददाता हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री जोशी पहले भी निर्माण स्थल पर जाकर इसी प्रकार की अवैध वसूली के प्रयास कर चुके हैं।
जब मैंने श्री अभय जोशी से इस विषय पर सीधे संपर्क किया, तो उन्होंने उल्टा मुझ पर ही बदनाम करने और राजनीतिक द्वेष रखने का आरोप लगाने का प्रयास किया।
महोदय, यह संपूर्ण प्रकरण न केवल पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि यह पिंक सिटी प्रेस क्लब जैसी गरिमामयी संस्था की साख पर भी सीधा आघात है। पत्रकारिता की आड़ में गुंडागर्दी, ब्लैकमेलिंग और भयादोहन जैसे कृत्य न केवल कानूनी रूप से आपराधिक हैं, बल्कि इससे समाज में पत्रकारों की छवि भी नकारात्मक रूप से प्रभावित होती है।
यदि इस प्रकार के अपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्ति पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार पेशे में सक्रिय रहेंगे, तो यह पेशा अपनी नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व से भटक जाएगा। अतः यह हम सभी का नैतिक और पेशागत दायित्व बनता है कि ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त, सार्वजनिक और निष्पक्ष कार्यवाही की मांग करें।
आपसे निवेदन है कि इस पूरे प्रकरण को प्राथमिकता और गंभीरता से लेते हुए, इसे जनता और पत्रकार समुदाय के समक्ष उजागर करें, जिससे सत्य सामने आ सके और पत्रकारिता की साख की रक्षा हो।
शिकायत की प्रति भी देखें….





