छत्तीसगढ़ : बस्तर के चार टीवी पत्रकारों की गाड़ी में गाँजा रखकर झूठे केस में फंसाने वाले कोंटा थाना प्रभारी अजय सोनकर को निलंबित करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. सुकमा पुलिस अधीक्षक किरन चव्हाण ने इस कार्रवाई की पुष्टी करते हुए बताया कि टीआई सोनकर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 324 और 331 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है.
बता दें कि हाल ही में टीआई अजय सोनकर पर बस्तर के चार टीवी पत्रकारों धर्मेंद्र, बप्पी, मनीष और नीशू को फंसाने का आरोप लगा था. इन पत्रकारों की गाड़ी में गाँजा रखकर आंध्र प्रदेश पुलिस से गिरफ्तार करवाया गया था. चारों पत्रकारों के साथ हुई इस साजिश का भड़ास4मीडिया ने सबसे पहले खुलासा किया था.
भड़ास में खबर प्रकाशित होते ही छत्तीसगढ़ के पत्रकारों ने हंगामा कर दिया. पत्रकारों ने एकजुटता दिखाते हुए इस मामले को प्रशासन से लेकर सरकार तक उठाया था. मामला इतना तूल पकड़ा की राज्य के उप-मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने तत्काल जांच के आदेश दिए थे.
सुकमा की पुलिस अधीक्षक (एसपी) किरण चव्हाण ने पत्राकरों द्वारा दर्ज की गई शिकायत के बाद जांच के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि, जांच में टीआई सोनकर की साजिश की पुष्टि होने पर मंगलवार 13 अगस्त को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है.
वहीं, पत्रकारों को झूठे केस में फंसाने को लेकर राज्य के पत्रकारों में भारी आक्रोश है. इसे लेकर मंगलवार को सात जिलों के पत्रकारों ने बस्तर जिला पत्रकार संघ भवन में पुलिस की साजिश को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया था. पत्रकारों ने नाराजगी जाहिर करते हुए मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है.
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