सौमित्र राय-
बहुत अंदरूनी सूत्रों से खबर है कि अजित पवार आज सुबह जब मुंबई से बारामती के लिए निकले तो उनके हाथ में बीजेपी के खिलाफ एक मोटी फाइल थी।
विमान हादसे के बाद ग्राउंड जीरो से जो पहली तस्वीरें आई हैं, वे यहां दिखाने लायक नहीं हैं। पर हां, हादसे की जगह पर सरकारी कागज़ बिखरे पड़े मिले।
कुछ डायरियां भी मिली हैं। बड़ा सवाल यह है कि अजित गुट के 41 विधायकों का क्या होगा?
कुणाल शुक्ला-
सिर्फ़ बतला रहा हूँ,याद रखिएगा। अहमदाबाद में क्रैश हुए एयर इंडिया के विमान AI 171 की उड़ान से ठीक पहले उसकी फिटनेस टैस्ट करने वाले इंजीनियर का डिटेल और रिपोर्ट मुझे आजतक RTI के ज़रिए नहीं मिला है। सिर्फ़ दो हफ़्ते पहले महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा था “बीजेपी के भ्रष्टाचार की फ़ाइल मेरे पास है”, और आज उनका विमान हादसे में निधन हो गया। रामराज में इस तरह के हादसों का शिकार हुए लोगों की लिस्ट बड़ी लंबी है।
आवेश तिवारी-
अजीत दादा जिस एयरक्राफ्ट के क्रैश होने की वजह से मरे हैं मैं उसी को इनवेस्टिगेट कर रहा था। जिस विमान LEARJET 45XR ने उनकी जान ली वो तो मुंबई एयरपोर्ट पर महज दो साल पहले सितंबर 2023 में बुरी तरह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। जिसमें तीन लोग घायल हुए थे। उसकी रिपोर्ट नीचे है।
तमाम खामियों के शिकार इस सीरीज के विमान को फिर से उड़ान की अनुमति कैसे दी गई? किसने दी? डीजीसीए क्या कर रहा था?
जो जानकारी मिल रही है कि जिस ऑपरेटर VSR VENTURES का यह जहाज है वह पुराने रद्दी किस्म के विमानों को वीवीआईपी ड्यूटी में लगवाती रही हैं।
दिल्ली के महिपालपुर में इसका ऑफिस है। कई बार फोन कर चुका है न इसका मालिक कैप्टन रोहित सिंह अपना मोबाइल उठा रहा न इसके ऑफिस का कोई बंदा फोन उठा रहा। अजीत दादा के मौत की सही जांच बहुत जरूरी है।

अश्विनी कुमार श्रीवास्तव-
जिस विमान कंपनी के विमान क्रैश में अजित पवार मारे गए, उस कंपनी पर अब सोशल मीडिया में लोग भ्रष्टाचार से सत्ता गठजोड़ करके वीवीआईपी लोगों को घटिया विमान सेवा देने का आरोप लगा रहे हैं। यहां देखने वाले बात यह है कि खुद पवार पर भी जीवन भर येन केन प्रकारेण सत्ता में रहने और अरबों खरबों के भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।
यानी यह साफ है कि भ्रष्टाचार दागी नेताओं के लिए भी उतना ही जानलेवा है, जितना देश के ईमानदार लोगों के लिए। पवार अब इस दुनिया में नहीं रहे। विमान कंपनी के भ्रष्ट गठजोड़ और उसके घटिया विमान की चर्चा तथा जांच पवार की मौत की जांच के साथ तेजी पकड़ेगी। लेकिन कोई नहीं जानता कि कोई और भ्रष्ट नेता, अफसर, जांच संस्था अथवा शासन प्रशासन के लोग में से कोई भ्रष्ट व्यक्ति इस कंपनी को भारी घूस लेकर क्लीन चिट दे दे या कम नुकसान का कोई विकल्प मुहैया करा दे।
ताकि इस कंपनी और सत्ता का भ्रष्ट गठजोड़ यूं ही फलता फूलता रहे। भ्रष्टाचार से देश और जनता को हो रहे गंभीर और जानलेवा नुकसान की ताजा कड़ी संभवतः पवार की मौत है।
लेकिन खुद पवार जब सत्ता में थे तो सत्ता हथियाने के अलावा भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के साथ जिस तरह का उनका दागी राजनीतिक जीवन रहा है, खुद उन्होंने इस कंपनी या ऐसे किसी भ्रष्ट तंत्र को रोकने में कितना योगदान दिया होगा, यह तो उनके समर्थक या विरोधी ही बेहतर जानते होंगे।
बहरहाल, पवार दागी छवि के राजनेता रहे हों या ईमानदार, ऐसे भयावह हादसे में हुई उनकी मृत्यु बेहद दुखद है। यहां वह जैसे भी थे अच्छे या बुरे, भारतीय संस्कृति में और यूं भी किसी के निधन के बाद उसे बुरा कहने की प्रथा नहीं है।
ईश्वर को या स्वर्ग नर्क को मानने वाले लोग यही मानते हैं कि अच्छाई या बुराई का न्याय ईश्वर मृत्यु के बाद करता ही है। कोई भी इंसान अपने जीते जी न्याय के सवालों पर जैसे उसके साथ अन्याय हुआ, या उसने किसके साथ अन्याय किया आदि पर कोई परिणिति पर पहुंच ही नहीं पाता। लिहाजा मृत्यु के बाद ईश्वर जरूर न्याय की अवधारणा को पूर्ण और सटीक रूप से पूरा करता होगा, ऐसी उम्मीद के अलावा रास्ता भी क्या है हम इंसानों के पास …
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