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सियासत

मराठी लिबास में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के घर पहुंचे मोदी, देखें वीडियो और चर्चाएं!

शीतल पी सिंह-

मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म व्हाट्सएप पर भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और उनकी पत्नी कल्पना दास की एक तस्वीर वायरल की गई है। तस्वीर के ऊपर लिखा है, “सीजेआई चंद्रचूड़ की वर्तमान पत्नी डॉ एसपी दास, आर्थोपेडिक सर्जन और पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्यमंत्री के निजी चिकित्सक से संबंधित हैं। साथ ही, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ और अभिषेक बनर्जी मलेशिया और बैंकॉक में साथ-साथ अपनी छुट्टियाँ बिताते हैं!”

दरअसल कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की बलात्कार/हत्या के बाद असंख्य अफवाहों के ज़रिए ममता बनर्जी के ब्रांड को राजनीतिक अखाड़े में तहस नहस कर दिया गया है। आजकल पूरा बंगाली समाज इन अफवाहों को सच मानकर आगे बढ़ा रहा है।

संयोग से आज ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी अचानक गणपति उत्सव की पूजा में शामिल होने देश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ के घर जा पहुंचे। यह असाधारण कदम है, औसतन सुप्रीम कोर्ट के पदेन मुख्य न्यायाधीश और प्रधानमंत्री निजी समारोहों में एक दूसरे को कृतार्थ करने से बचते रहे हैं, भले ही सार्वजनिक मंचों पर यदा-कदा मिल जांय।


प्रशांत टंडन-

आज बुलडोज़र संविधान पर ही चल गया. शक्तियों के पृथक्करण भारत के संविधान का डिज़ाइन है. संविधान निर्मता जानते थे और इस बात को लेकर सजग थे कि सरकार के पास अपार शक्तियां होती हैं और उसे जवाबदेह बनाने के लिए न्यायपालिका और संसद स्वतंत्र और ताकतवर होना ज़रूरी है.

सरकार और न्यायपालिका के बीच संविधान ने जो दीवार बनाई थी आज मोदी और चंद्रचूड़ ने उस पर बुलडोज़र चला दिया.

चीफ़ जस्टिस और प्रधानमंत्री सिर्फ सार्वजनिक और औपचारिक कार्यक्रमों में ही एक दूसरे से मिलते हैं. अब तक सभी प्रधानमंत्रियों और मुख्य न्यायाधीशों ने संविधान की बनाई इस दीवार को कभी नहीं लांघा.

अब सुप्रीम कोर्ट के जिस भी फैसले में सरकार या बीजेपी पक्ष दिखाई देगा ये तस्वीर शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत के मलबे को याद करायेगी. भारत के लोकतंत्र के लिये एक अफ़सोसनाक दिन.


आईपी सिंह-

कुछ बात समझ में आयी मेरे देशवासियों? सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री डीवाई चंद्रचूड़ के घर प्रधानमंत्री जी।

https://twitter.com/bhadasmedia/status/1834134330320339247?t=7zTZFRjG8a5jBs0ct-ZfLA&s=08

मौक़ा गणेश पूजन का था…आपसी PR…. विधायिका और न्यायपालिका के बीच।

प्रभु देश के लोकतंत्र की रक्षा करना। ऐसे दृश्य 75 वर्षो में कभी देखने को नहीं मिला।


संजय राउत-

संविधान के घर को आग लगी घरके चिराग से….

  1. EVM को क्लीन चीट
  2. महाराष्ट्र में चलरही संविधान विरोधी सरकार के सुनवाई पर 3 साल से तारीख पे तारीख
  3. प. बंगाल बलात्कर मामले मे suemoto हस्तक्षेप लेकिन महाराष्ट्र रेप कांड का जिक्र नहीं.
  4. दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल के

जमानत पर तारीख पे तारीख. ये सब क्यों हो रहा है? क्रॉनॉलॉजी समझ लीजिये…भारत माता की जय!


रणविजय सिंह-

नरेंद्र मोदी ने ‘महाराष्ट्र’ में जैसी पोशाक पहनी जाती है, वैसी पोशाक पहनी है. जज साहब भी ‘महाराष्ट्र’ से हैं.

बाकी ये संयोग है कि महाराष्ट्र में कुछ महीनों में चुनाव होंगे.


ट्राइबल आर्मी-

भारत के चीफ जस्टिस Dy चंद्रचूड़ का पीएम मोदी के साथ गणपति पूजा में भाग लेना धर्मनिरपेक्षता और न्यायिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाता हैं। सत्ताधारी प्रमुख राजनीतिक व्यक्तियों के साथ धार्मिक आयोजनों में शामिल होना न्यायपालिका की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता को कमजोर करता हैं।

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