आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने आज यूपी के डीजीपी को पत्र भेजकर कुचर्चित कफ सिरप मामले में जौनपुर से पूर्व सांसद धनंजय सिंह की भूमिका की जांच की मांग की है.
अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि उन्होंने कुछ दिन पूर्व इस मामले में शुभम जायसवाल के पीछे जौनपुर के अमित सिंह टाटा का हाथ होने की बात कही थी.
कल एसटीएफ द्वारा अमित सिंह टाटा को गिरफ्तार कर इसे 100 करोड रुपए से अधिक का मामला होने के साथ शुभम जायसवाल, गौरव जायसवाल और वरुण सिंह के दुबई भाग जाने की बात स्वीकार की गई है.
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि इस मामले में अमित सिंह टाटा के पीछे जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह की भूमिका लगातार सामने आ रही है, जो उनकी इस मामले में नामित अभियुक्तों के साथ सामान्य से कहीं अधिक निकटता के कारण प्राथमिक रूप से स्पष्ट दिख रही है.
अतः उन्होंने इस मामले में धनंजय सिंह की भूमिका की जांच की मांग की है.
साथ ही उन्होंने एसटीएफ और यूपी पुलिस के आधुनिक सर्विलांस सुविधा से लैस होने के बाद भी तीन अभियुक्तों के विदेश भाग जाने को गंभीर बताते हुए इस मामले में उत्तरदायित्व निर्धारण की मांग की की है.
ये है धनंजय सिंह का पक्ष-
नमस्ते प्रिय साथियों।
मुझे पता है कि कफ़ सिरफ़ के मुद्दे पर मेरे कुछ राजनैतिक विरोधियों ने पत्रकार बंधुओं को गुमराह कर के मेरे बारे में भ्रामक्ता फैलाने का कृत्य किया है।
इस सम्बन्ध में मैं आपको अवगत कराना चाहता हूँ कि प्रकरण काशी/वाराणसी से जुड़ा होने के कारण कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं के द्वारा झूठे आरोप लगाकर माननीय प्रधानमंत्री जी के छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस प्रकरण की जाँच राज्य सरकार द्वारा गहनता से विभिन्न एजेंसियों के द्वारा कराई जा रही है जिससे प्रकरण की सत्यता सबके सामने आ जायेगी।
चूँकि यह मामला अंतर्राजीय है अतः माननीय प्रधानमंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि इस मामले की व्यापक जाँच सीबीआई से कराई जाये जिससे दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही सुनिश्चित हो और अनर्गल आरोपों और झूठी ख़बरों पर विराम लग सके।
आप सभी को मैं यह भी बताना चाहता हूँ कि इस सम्बन्ध में मैं मा.प्रधानमंत्री जी और मा. मुख्यमंत्री जी को पत्र लिख रहा हूँ जिससे भ्रामक खबर चलवाने तथा राज्य सरकार की छवि धूमिल करने वालों का चेहरा उजागर हो सके।
सादर।
धनंजय सिंह
पूर्व सांसद
जौनपुर



