हेमंत बिस्वा सरमा का वीडियो तो सब ने देख लिया होगा, संवैधानिक पद पर बैठा एक चीफ़ मिनिस्टर जो अपने प्रदेश की तीस फ़ीसदी को शूट करने का एक तरह से आह्वान करता दिखाई दे रहा है, एडमिनिस्ट्रेशन से चीफ मिनिस्टर के मातहत है उससे तो कुछ होने से रहा लेकिन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को तो सो मोटो लेने का इंहेरेंट पावर है, अभी हाल ही में एक विवादित बिल पर सुप्रीम कोर्ट ने ये कहा कि इससे समाज मे बँटवारा होगा तो हेमंत बिस्वा सरमा के स्टेटमेंट से कौन सा भाईचारा मज़बूत हो रहा है? जिस अदलिया पर समाज का सबसे आख़िरी आदमी नाज़ करता था आज उस पर शर्म आ रही है, सिविल सोसाइटी आख़िरी साँसें गिन रही है, डेमोक्रेसी के ताबूत में आख़िरी कील ठोकी जा रही है, एडमिनिस्ट्रेशन अपने आका के खिलाफ कार्रवाई करने में हाँफ रहा है, चौथा खंभा उखड़ कर धूल फाँक रहा है, हम दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी का जश्न मना रहे हैं!
-सरफ़राज़ नज़ीर, अधिवक्ता

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का 17 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। मुख्यमंत्री महोदय वीडियो में बंदूक से निशाना लगाते पाए जा रहे हैं। लेकिन जिसपर निशाना लगाकर गोली चलाई वही अब विवाद का केंद्र बन गया और असम बीजेपी के एक्स हैंडल से वह ट्वीट डिलीट करना पड़ा… नीचे पढ़िए वीडियो देखिए
डॉ मुकेश कुमार-
ये विज्ञापन बीजेपी ने जारी किया है। सोचिए कितना हिंसक है और नफ़रत से भरा हुआ है। ये भी सोचिए कि बीजेपी अब कहाँ पहुँच गई है। वह सचमुच में नाजी पार्टी बन गई है। वह उसी तरह से व्यवहार कर रही है जैसे जर्मन यहूदियों के साथ कर रहे थे।
और इस मुख्यमंत्री के बारे में और भी गंभीरता से सोचना चाहिए जो विक्षिप्त हो चुका है, वहशी बन चुका है। इसका पद पर बने रहना ही नहीं, समाज में खुला घूमना भी देश के लिए ख़तरनाक़ है।
This absolutely disgusting Nazi Chief Minister is openly spreading violence against the hapless Muslim community of Assam. -आरफा खानम शेरवानी, वरिष्ठ पत्रकार
विनोद कापड़ी-
ये विज्ञापन भयावह है। भारत की सत्तारूढ़ पार्टी की तरफ़ से जारी इस वीडियो में एक राज्य का मुख्यमंत्री मुसलमानों पर गोली चलाता दिख रहा है।
नफ़रत और हिंसा के प्रचार का ये वीभत्स रूप है। बिलकुल नाजी जर्मनी जैसा घिनौना।
Just can’t believe this callousness! The silence of PM, Supreme Court, and mainstream media validates their hatred! -सतीश आचार्य, कार्टूनिस्ट
दयाशंकर मिश्रा-
असम के मुख्यमंत्री ने ट्वीट डिलीट कर दिया है। कोई माफ़ी नहीं माँगी गई। चुनाव से पहले मुसलमानों को धमकाने, डराने का यह एक और घृणित तरीक़ा है। भारत के किस अख़बार और टेलिविज़न चैनल में इस पर बात होगी? जनता को मूल मुद्दों से भटकाने में नफ़रत बार-बार इसी तरह क़ामयाब हो जाती है। क्या सुप्रीम कोर्ट में केवल ट्वीट डिलीट करना काफ़ी है?
Hate to amplify this but just exposes the depravity from the top. BJP twitter handle shares a meme of Himanta Biswa firing a bullet at Muslims while Prime Minister Modi talks about a grand reception in muslim majority, Malaysia -राणा अयूब, वरिष्ठ पत्रकार..लेखिका
असम की मुस्लिम आबादी पर एक नजर…
2021 के अनुमानों के अनुसार, असम में मुस्लिम आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 40% (लगभग 14 मिलियन या 1.4 करोड़) तक पहुँच गई है। असम देश में सबसे अधिक मुस्लिम प्रतिशत वाला राज्य है, जहाँ 11 जिलों में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं और 4 जिलों में आबादी अधिक केंद्रित है।

ये आदमी दरिंदगी पर उतर आया है। इसे बर्खास्त किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की आत्मा बची है तो उसे संज्ञान लेना चाहिए। -नवीन कुमार


