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सियासत

उच्च शिक्षा सचिव बनाए गए नरेश पाल गंगवार तो पहले से ही गंभीर आरोपी हैं!

जोशी जी को हटाकर जिन गंगवार साहब जो लाया गया है उन्हें पशुपालन विभाग का सचिव होते हुए अपनी पत्नी, पुत्र और माँ को 1.16 करोड़ रुपए की सब्सिडी देने का आरोप लगा था।

Headline announces Naresh Pal Gangwar has been given a major responsibility; photo shows a smiling man with glasses at a event.

नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्र प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया गया है, जबकि पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव रहे वरिष्ठ IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। यह फैसला सचिव स्तर के व्यापक फेरबदल का हिस्सा है।

नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति के साथ ही सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ पुराने आरोप फिर चर्चा में आ गए हैं। कई पोस्टों में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की एक सब्सिडी योजना में अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर लाभ लिया था। इन पोस्टों में उन्हें “आरोपी आईएएस” बताते हुए उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

The Indian Express article header: title 'Among beneficiaries of Centre’s scheme: wife, son, mother of IAS officer' with byline and timestamp.

दरअसल, The Indian Express ने अपनी एक खोजी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की संरक्षित खेती (Protected Cultivation) योजना के लाभार्थियों में नरेश पाल गंगवार की पत्नी, बेटे और मां के नाम भी शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, इन नामों पर खीरे की खेती के लिए लगभग 1.16 करोड़ रुपये की सब्सिडी स्वीकृत हुई थी।

हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर नरेश पाल गंगवार को इस मामले में किसी अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने या किसी आपराधिक मामले में सजा मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

उधर, सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में यह बदलाव ऐसे समय किया है, जब NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्र प्रदर्शन जारी हैं। सरकार का कहना है कि यह नियमित प्रशासनिक पुनर्गठन का हिस्सा है, जबकि विपक्ष और कई सामाजिक कार्यकर्ता इसे मौजूदा विवादों के संदर्भ में देख रहे हैं।

इन अधिकारियों के हुए तबादले

केंद्र सरकार ने अन्य मंत्रालयों और विभागों में भी वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए हैं। प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार हैं—

  • कतिकिथला श्रीनिवास को आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय से उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय का सचिव बनाया गया।
  • पीयूष गोयल को खान मंत्रालय से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का महासचिव नियुक्त किया गया।
  • सुशील कुमार लोहानी को पंचायती राज मंत्रालय से पशुपालन एवं डेयरी विभाग में विशेष कार्य अधिकारी बनाया गया।
  • अर्चना वर्मा को जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय जल मिशन का मिशन निदेशक नियुक्त किया गया।
    केशव चंद्रा को खान मंत्रालय का सचिव बनाया गया।
  • डी. थारा को आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत पूंजी विकास विभाग का सचिव नियुक्त किया गया।
  • बी. राजेंद्र लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के निदेशक पद पर बने रहेंगे।
    चंद्र भूषण कुमार को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया।
  • सतेंद्र सिंह को कैबिनेट सचिवालय से आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के शहरी विकास विभाग का सचिव बनाया गया।
  • सुचिंद्र मिश्रा को वाणिज्य विभाग से राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में सचिव नियुक्त किया गया।
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