यह कहना गलत नहीं होगा कि छात्रों के दिल्ली प्रदर्शन ने पूरी भाजपा सरकार को बैकफुट पर ला खड़ा किया है। कल तक जो प्रधानमंत्री अपनी बात थोपकर दाएं-बाएं हो जाते थे उनकी रातों की नींद उड़ी हुई है। यही कारण है कि कल आधी रात को प्रधानमंत्री ने सेल्फी कैमरे से खुद का वीडियो संदेश बनाकर जारी किया। लेकिन बात पूरी यहीं खत्म नहीं होती। प्रधानमंत्री के साथ कई एंकर और एंकराएं भी जाग रहे थे। जिन्होंने मोदी का वीडियो कुछ अंतराल के बाद रात में ही रिट्वीट किया। या हो ये भी सकता है कि इन सभी को मोदी का वीडियो बनने तक जगवाया गया हो। खैर, आप सभी नीचे पढ़िए और स्क्रीनशॉट देखिए…
कल से सभी दुखी थे ना की प्रोटेस्ट में टीवी पत्रकारों के साथ गलत क्यों होता है, कौन है इसके जिम्मेदार, वे सभी इस पर प्रकाश डाले! स्टूडियो में ऐसा करने के बाद ये अपने रिपोर्टर को भेजेंगे!
किसी ने इन्हें कुछ कहा? सभी चुप है! यहाँ भी इन्हें भी बोलना होगा! वहां भी गलत हो रहा है! यहाँ भी गलत हो रहा है! यह भी मीडिया नहीं है!
-नरेंद्र नाथ मिश्रा
चाटुकारों की टाइम लाइन देखिए।
-रोहिताश माथुर (लोधी)


राहुल कुमार-
रात जब मैं से सो रहा था, तब देश के प्रधानमंत्री सो नहीं पा रहे थे।
सुबह जल्दी उठने वाले मोदी जी कल रात ठीक 11:57 बजे बिल्कुल अकेले थे।
उन्होंने अपना फोन निकाला, फ्रंट कैमरा ऑन किया और देश के सामने आकर एक भावुक पोस्ट शेयर कर दी।
यह सीधे तौर पर देश के छात्रों की ताकत है जिसने सरकार को रात भर जगाए रखा।
मोदी जी ने कैमरे के सामने माना कि पेपर लीक कोई छोटी-मोटी बात नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बहुत बड़ा दर्द है।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में कई कड़े कदम उठाए गए, दोषियों को जेल भेजा गया और बच्चों का साल बचाने के लिए रिकॉर्ड समय में 22 लाख छात्रों की परीक्षा कराकर 29 तारीख को रिजल्ट भी दे दिया गया।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वह सिर्फ इतने से शांत बैठने वाले नहीं हैं, इसलिए अधिकारियों ने रात-रात भर जागकर फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का एक नया मसौदा तैयार किया है,
जिसे सोमवार को संसद में पास कराया जाएगा।
मोदी जी कानून बनाने की बात तो कर रहे हैं, लेकिन छात्रों का गुस्सा और मांग बिल्कुल सीधी है…
सर, जब तक इस पूरी नाकामी के जिम्मेदार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता, तब तक युवाओं की यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।
मोदी जी ऑंखों में ऑंसू भर कर रूआसे आवाज में आगे यह भी कहेंगे :
मेरे देश के नौजवान और बच्चे अपना घर बार छोड़कर सड़क के फुटपाथ पर बैठे हैं मैं कैसे सो सकता हूं।
पर वो ना तो देश के नौजवानों और बच्चों के पास जायेंगे और ना ही शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेंगे..इंस्लट जो होगा
-रंजन ठाकुर


