Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

ईरानी युद्धपोत का वीडियो बनाने की कोशिश, रिपब्लिक टीवी का रिपोर्टर कैमरामैन गिरफ्तार

कोच्चि/एर्नाकुलम। केरल के कोच्चि में खड़े ईरानी नौसेना के युद्धपोत IRIS Lavan का वीडियो बनाने की कथित कोशिश के आरोप में हार्बर पुलिस ने शनिवार को रिपब्लिक टीवी के एक रिपोर्टर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए हाई-सिक्योरिटी जोन में पहुंचकर जहाज की रिकॉर्डिंग करने की कोशिश की।

गिरफ्तार किए गए लोगों में रिपब्लिक टीवी के तिरुवनंतपुरम के रिपोर्टर शंकर, कैमरामैन मणि और ड्राइवर विजयकुमार शामिल हैं। बताया जा रहा है कि तीनों सुबह नाव के जरिए जहाज के पास पहुंचे थे और वहां से वीडियो बनाने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान मौके पर तैनात CISF के जवानों ने उन्हें रोक लिया और पूछताछ के बाद हिरासत में लेकर हार्बर पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस ने जारी की सुरक्षा चेतावनी

घटना के बाद कोच्चि के डीसीपी अश्वथी जी.जी. ने सख्त सुरक्षा चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि केरल तट पर खड़े विदेशी या अन्य संवेदनशील जहाजों की फोटो या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के पास ऐसे विजुअल मौजूद हैं तो उन्हें तुरंत डिलीट कर दें। पुलिस के मुताबिक मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

तकनीकी खराबी के कारण कोच्चि में खड़ा है जहाज

ईरानी नौसेना का युद्धपोत IRIS Lavan तकनीकी खराबी आने के बाद कोच्चि तट पर लाया गया था। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इससे पहले श्रीलंका के दक्षिण में ईरानी जहाज IRIS Dena से जुड़ी एक घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई गई थी।

बताया गया है कि 28 फरवरी को ईरान ने जहाज में आई तकनीकी दिक्कतों को ठीक कराने के लिए भारत से कोच्चि पोर्ट पर डॉकिंग की अनुमति मांगी थी। समुद्री सुरक्षा और कूटनीतिक पहलुओं को देखते हुए भारत ने 1 मार्च को इसकी मंजूरी दे दी। इसके बाद जहाज 4 मार्च को कोच्चि बंदरगाह पहुंचा।

183 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाला गया

युद्धपोत पर सवार कुल 183 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। फिलहाल उन्हें कोच्चि में भारतीय नौसेना की विशेष निगरानी वाली सुविधाओं और अन्य स्थानों पर रखा गया है। सुरक्षा कारणों से उन्हें नेवी परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई है। उनके लिए आवश्यक चिकित्सा और रहने की व्यवस्था भारतीय नौसेना की देखरेख में की गई है।

रक्षा मंत्रालय के अधिकारी पूरे घटनाक्रम और जहाज की तकनीकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जहाज की मरम्मत और क्रू की वापसी से जुड़े आगे के फैसले आने वाले दिनों में लिए जा सकते हैं। भारत द्वारा ईरानी जहाज को सहायता दिए जाने को क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा सहयोग के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन