रोशन राय-
रिया चक्रवर्ती को बिना किसी सबूत के दोषी ठहराना, गिरफ्तारी की मांग करना, फांसी की मांग करना: किसने कितने शो किए ?
- अर्नब: 435
- नविका: 345
- स्मिता: 129
- अंजना: 122
मोदी सरकार की सीबीआई द्वारा उन्हें क्लीन चिट दिए जाने पर अपनी गलती स्वीकार करने के शो:
- अर्नब: 00
- नविका: 00
- स्मिता: 00
- अंजना: 00
शशि कांत त्रिपाठी-
पूंजीपतियों और संघ के गठबंधन का एक और नायब उदाहरण सामने आया है…कार्पोरेट की सुपारी मीडिया और संघ भाजपा की प्रोपोगंडा टूल्स चुनाव जीतने और विपक्ष को बदनाम करने के लिए किस हद तक गिरते हैं… उसका ताज़ा उदाहरण मुंबई के सुशांत सिंह राजपूत केस में सीबीआई द्वारा कोर्ट में दाखिल क्लोज़र रिपोर्ट हैं।
सीबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि सुशांत की मौत में किसी भी तरह की साजिश या आपराधिक षड्यंत्र के सबूत नहीं मिले हैं। जबकि मीडिया और संघी टूल्स ने सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या को हत्या बताने के लिए तरह तरह के किरदारों और झूठे थीसिस को सामने कर हत्या करार दिया था।
क्योंकि 2020 में बिहार विधानसभा का चुनाव था, बिहार के तत्कालीन भाजपा सरकार के खिलाफ़ माहौल था और मुंबई {महाराष्ट्र} में महाविकास आघाड़ी की उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार।
खुशदीप सहगल-
सुशांत सिंह राजपूत की खुदकुशी को हत्या कह कर प्रचारित करने में रिपब्लिक टीवी और इसके सर्वेसर्वा अर्णब गोस्वामी का सबसे बड़ा हाथ रहा. किस तरह उन्होंने एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती का मान मर्दन किया था, पूरी दुनिया ने देखा था.
अब सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट में सुशांत की मौत को खुदकुशी बताते हुए इसके लिए किसी बाहरी व्यक्ति को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया है. अब क्या रिया के पीछे पड़ने वाले मीडिया को उनसे माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए. रिया के वकील सतीश एल मानशिंदे ने इस तरह के मीडिया वर्ग को अपने अंदर झांकने के लिए कहा है कि उनकी इस तरह की हरकतों से किसी को कितनी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
सुना है.. जनाब अर्णब गोस्वामी को लेकर हाल में रिपोर्ट आई थी कि ग्रेटर नोएडा में 30 करोड़ रुपए में विला खरीदी है।
नीचे लिंक में देखिए उस वक्त अर्णब गोस्वामी पर अपनी एक डिबेट में रिया के ख़िलाफ कैसा उन्माद छाया था…
https://www.facebook.com/share/v/1ACTUYg6Hs
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