अश्विनी कुमार श्रीवास्तव-

कोरोना से उबरने की तरफ़ बढ़ रही दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को यूक्रेन पर रूस के हमले ने दोबारा गहरे संकट में डाल दिया है। ग्लोबल क्रिप्टो बाजार के साथ साथ भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजार भी हमले की खबर आते ही धराशाई हो गए हैं। हालांकि हमले की आशंका लगातार बने रहने के कारण इनमें पहले से ही काफी दिनों से गिरावट नजर ही आ रही थी।
यूक्रेन को लेकर हो रहे रूस और अमेरिका के बीच टकराव और यूरोप, चीन व भारत समेत सभी ताकतवर देशों के इसमें कहीं न कहीं से एक गुट में शामिल होने के चलते वर्ल्ड वार जैसे हालात भी बनते जा रहे हैं। यूक्रेन पर कुछ ही देर पहले शुरू हुए रूस के हमले के बाद अब अमेरिका समेत सभी ताकतवर देशों की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
फिलहाल तो अमेरिका व यूरोप ने रूस पर कई तरह के आर्थिक/ व्यापारिक प्रतिबंध ही लगाए हैं लेकिन जिस तरह अमेरिका ने भी अपना सैन्य जमावड़ा यूक्रेन के आसपास बना रखा है, उससे यह आशंका भी बनी हुई है कि जल्द ही अमेरिका भी इस युद्ध में कूद सकता है।
यदि रूस के सामने अमेरिका और उसके सहायक देशों की सेनाएं यूक्रेन में दो दो हाथ करने लगीं तो चीन व भारत जैसे अन्य मजबूत देशों के लिए भी किसी न किसी खेमे में शामिल होना मजबूरी हो जाएगी।
इस युद्ध में जान- माल का सीधा नुकसान तो जो होगा, उसका आंकलन तो अभी नहीं किया जा सकता लेकिन ग्लोबल हो चुकी हर देश की अर्थव्यवस्था भी इस युद्ध के चलते तेजी से तबाह होने लगेंगी। ग्लोबल बाजार बन चुकी दुनिया के हर देश की कंपनियां किसी न किसी रूप में इंपोर्ट- एक्सपोर्ट और कच्चे तेल की कीमत पर निर्भर हैं। हमले की खबर आते ही कच्चे तेल की कीमत तो अभी से आसमान छूने लगी हैं।
यूक्रेन पर हमले की खबर आए अभी कुछ ही घंटे हुए हैं और यह कोई नहीं जानता कि यह संकट कितना और गहराएगा। लिहाजा अर्थव्यवस्था और क्रिप्टो / शेयर बाजार का क्या हाल आने वाले दिनों में होगा, यह भी कोई नहीं बता सकता।
लेकिन चंद घंटों में ही भारतीय शेयर बाजार में भारतीय निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपए की चपत लग चुकी है… जबकि क्रिप्टो के ग्लोबल बाजार में कई बिलियन डॉलर अब तक डूब चुके हैं…. इससे आप खुद ही अंदाजा लगा लीजिए कि दुनियाभर के शेयर बाजारों और अर्थव्यवस्था में यह नुकसान कितना बड़ा होगा… और युद्ध न थमा तो किस स्तर पर आर्थिक तबाही भारत व दुनिया में देखने को मिलेगी….


