अभिषेक उपाध्याय-
सूत्र- ब्यूरोक्रेसी से जुड़ी बहुत बड़ी ख़बर- मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सबसे ताकतवर IAS अधिकारी का बैंड बजा डाला।
महाभारत के ‘संजय’ की तरह सत्ता के सबसे करीब रहने वाले अपर मुख्य सचिव को बहुत बुरी तरह लताड़ा।
वो भी वीसी के दौरान सैकड़ों IAS-IPS अधिकारियों की मौजूदगी में।
मुख्यमंत्री ने पूछा- “तुम करते क्या हो पूरा टाइम? आखिर बाढ़ राहत को लेकर चल रही बातचीत के दौरान प्रमुख सचिव बाढ़ कैसे गायब हैं?
तुमने क्यों नहीं बुलाया? तुम्हें हंसी ठिठौली करते रहने के लिए अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री बना रखा है?
गृह और सूचना जैसे विभाग दे रखे हैं। तमाशा बना दिया है तुमने? निकाल बाहर करूंगा।”
मुख्यमंत्री इस कदर फायर थे कि अपर मुख्य सचिव की आवाज़ बंद हो चुकी मोटरसाइकिल में मारी जा रही किक के जवाब में ‘घर्र-घर्र’ करके निकल रही थी।
इतनी बुरी तरह बेइज्जत होने के बाद वे ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ जैसी शक्ल में पूरा टाइम नजरें झुकाए बैठे रहे।
मुख्यमंत्री इससे पिछली वाली मीटिंग में यहां तक कह चुके हैं कि वे पूरे मुख्यमंत्री कार्यालय की सर्जरी कर देंगे।
अगर मुख्यमंत्री अपनी बात पर कायम रहते हैं तो आपको जल्द ही मुख्यमंत्री कार्यालय में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
और अगर वे धन और सौंदर्य के मधु के पीछे भ्रमर की तरह नाचने वाले अपने इस अपर मुख्य सचिव की जांच करा देते हैं,
तो सत्य का हैरतअंगेज़ पोस्टर बाजा फाड़कर सामने आएगा।
गेंद मुख्यमंत्री के पाले में है।
इतिहास की आंखें उनके होने वाले फैसले पर टकटकी लगाकर बैठी हैं।
सूत्र-
“ये लॉस्ट वार्निंग है तुमको”
इन अपर मुख्य सचिव महोदय को सीएम ने करीब 150 वरिष्ठ अधिकारियों के बीच यहां तक कह दिया,
कि तुमको आखिरी बार चेतावनी दे रहा हूं।
सत्ता की दिन रात परिक्रमा करके अपनी ‘संजय’ दृष्टि से रोज़ नए महाभारत रचने वाले अपर मुख्य सचिव को जैसे सांप सूंघ गया।
इतना अपमान तो महाभारत काल में द्वौपदी के हाथों दुर्योधन का भी नहीं हुआ होगा।
मगर लोग बताते हैं कि कुछ न करने के लिए मशहूर ये अपर मुख्य सचिव अपमान के आदी हैं।
वे अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए न जाने कब से अपमान के इस विष को शैंपेन समझकर पीते आ रहे हैं।
बस फर्क ये रहा कि अबकी बार अपमान की इस शैंपेन का ढक्कन सबके सामने ओपेन हो गया।
फिर क्या था?
पूरी वीडियो कॉंफ्रेंसिग में झाग ही झाग फैल गई!!
सूत्र- इसी वीसी के दौरान मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के गोयल साहब को भी कसकर रगड़ा।
गोयल साहब मुख्यमंत्री के बेहद चहेते माने जाते हैं।
मगर बिजली विभाग का भट्ठा बिठाने में उनका वही योगदान माना जाता है, जो अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का पश्चिम एशिया में माना जाता है।
सूत्र बताते हैं कि गोयल साहब की भी सर्फ एक्सेल में घोलकर धुली गई होली वाली कमीज़ की तरह धुलाई हुई है।


