नई दिल्ली: डिजिटल मीडिया के दौर में कई बार ऐसी प्रतिभाएं सामने आती हैं, जो बिना किसी तामझाम के अपनी अलग पहचान बना लेती हैं। Human Online की रिपोर्टर गरिमा इन दिनों कुछ ऐसा ही कर रही हैं। पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर उनकी रिपोर्टिंग की खूब चर्चा हो रही है। लोग उनके बोलने के अंदाज, सहजता और आत्मविश्वास की तारीफ कर रहे हैं।
गरिमा की खासियत उनकी अंग्रेजी में रिपोर्टिंग करने का अंदाज है। उनकी बातों में सहजता है और प्रस्तुति इतनी साफ है कि अंग्रेजी कमजोर होने के बावजूद दर्शक उनकी रिपोर्टिंग को आसानी से समझ सकते हैं। यही बात उन्हें चर्चा में ला रही है। कम उम्र में जिस आत्मविश्वास और शानदार तरीके से वह अपनी बात रखती हैं, उसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है।
गरिमा की रिपोर्टिंग उन लोगों के लिए भी एक मिसाल है, जो मानते हैं कि पत्रकारिता में प्रभावशाली दिखने के लिए भारी-भरकम शब्दों, चमकदार स्टूडियो और बनावटी अंदाज की जरूरत होती है। उनकी रिपोर्टिंग बताती है कि असली ताकत अपनी बात को सहजता से रखने, विषय पर पकड़ बनाने और दर्शकों तक उसे प्रभावी ढंग से पहुंचाने में है।
स्टूडियो में सज-धजकर बैठने वाली एंकरों को भी गरिमा की रिपोर्टिंग से सीखने की जरूरत है। कैमरे के सामने आत्मविश्वास के साथ बोलना एक बात है, लेकिन अपनी भाषा और प्रस्तुति से दर्शकों को जोड़ लेना अलग बात है। गरिमा ने अपने अंदाज से दिखाया है कि प्रतिभा उम्र या बड़े मंच की मोहताज नहीं होती।
फिलहाल सोशल मीडिया पर गरिमा की तारीफ हो रही है। उनकी रिपोर्टिंग की चर्चा यह सवाल भी उठाती है कि पत्रकारिता में असली पहचान चमक-दमक से बनती है या फिर अपने काम और प्रस्तुति से? गरिमा के मामले में दर्शकों की प्रतिक्रिया का जवाब साफ नजर आ रहा है।
ये Human Online की रिपोर्टर गरिमा हैं। पिछले दो दिनों से लोग इनकी रिपोर्टिंग देख कर हैरान हैं, इनके बोलने का अंदाज बहुत ही शानदार है। जिस सहजता और आत्मविश्वास के साथ ये रिपोर्टिंग करती हैं, अगर आपकी इंग्लिश कमजोर है फिर भी इनकी बातें आपको समझ आएंगी। अब पूरे सोशल मीडिया पर हर कोई गरिमा की तारीफ़ कर रहा है। स्टूडियो में मेकअप पोतकर बैठने वाली एंकर महोदया लोगों को गरिमा से कुछ तो जरूर सीखना चाहिए।
-जैकी यादव, इंफ्लूएंसर



