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आई नेक्स्ट गोरखपुर में फिर शुरू हुई राजनीति, पिट गया लेआउट डिजाइनर

गोरखपुर। आई नेक्स्ट गोरखपुर में एक बार फिर राजनीति चरम पर है। उप संपादक उपेंद्र शुक्ला को निकालने के बाद इस बार एडिटोरियल इंचार्ज दीपक मिश्रा ने लेआउट टीम को आपस में लड़ा दिया। इसमें दो लेआउट डिजाइनर आपस में भिड़ गए और इंचार्ज संतोष कुमार गिरी पिट गए। मामला संस्था के उच्चाधिकारियों तक पहुँचते ही उसे दबाने की कोशिश शुरू हो गई है।

गोरखपुर। आई नेक्स्ट गोरखपुर में एक बार फिर राजनीति चरम पर है। उप संपादक उपेंद्र शुक्ला को निकालने के बाद इस बार एडिटोरियल इंचार्ज दीपक मिश्रा ने लेआउट टीम को आपस में लड़ा दिया। इसमें दो लेआउट डिजाइनर आपस में भिड़ गए और इंचार्ज संतोष कुमार गिरी पिट गए। मामला संस्था के उच्चाधिकारियों तक पहुँचते ही उसे दबाने की कोशिश शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार इन दिनों एडिटोरियल इंचार्ज दीपक मिश्रा के निशाने पर संस्था के कई कर्मचारी हैं। इनकी छुट्टी करने के लिए दीपक मिश्रा सभी को एक दूसरे से लड़ाने का काम कर रहे हैं। कुछ महीनों पहले ऐसी ही राजनीति कर उन्होंने उप संपादक उपेंद्र शुक्ला को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया, लेकिन इस बार उनके निशाने पर आ गई लेआउट टीम।

डिजाइनर अबुशमा ईद की छुट्टी के लिए एक दिन पहले अपने इंचार्ज संतोष कुमार को बताकर चले गए. जब अबु खान ईद के दिन कार्यालय नहीं पहुंचे तो इसे दीपक मिश्रा ने तत्काल लेआउट इंचार्ज संतोष कुमार को निर्देश दिया कि बिना लिखित सूचना के छुट्टी पर चले जाने के लिए अबु खान को नोटिस दी जाए. इस पर संतोष कुमार ने ईमेल करके तुरंत अबु खान से जवाब मांगा.

अबु खान ने मेल का जवाब दिया कि वे अपने इंचार्ज को बता कर गये हैं और ईद जैसे पर्व पर कोई उनके ऑफिस आने की उम्मीद कैसे कर सकता है. इस मामले को एडिटोरियल इंचार्ज दीपक मिश्रा ने तिल का ताड़ बना दिया. अगले दिन मंगलवार को अबु खान के ऑफिस पहुँचते ही इंचार्ज संतोष कुमार से भिड़ंत हो गई. दोनों के बीच गाली-गलौज और मारपीट हुई। इसमें संतोष कुमार पिट गये। घटना की सूचना पाते ही संस्था के जीएम और अन्य कर्मचारियों ने बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया। इस घटना के बाद से ही आई नेक्स्ट गोरखपुर का माहौल खराब चल रहा है। कर्मचारियों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से भी की है। इस घटना के बाद जल्द ही कई कर्मचारी आई नेक्स्ट को नमस्ते कर सकते हैं।

गोरखपुर से एक पत्रकार द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पर आधारित.

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1 Comment

1 Comment

  1. [email protected]

    June 30, 2017 at 12:26 pm

    संतोष गिरी – नाम के अनुरूप तो बिलकुल भी संतोष नहीं है इनमे है गिरे हुए इंसान सुरु से ही है चापलूसी इनके खून मे है शर्मिष्टा शर्मा इनकी मौसी और अलोक सवाल इनके फूफा है …. इस तरह के क्रियाकलाप मे ये बहुत पहले से ही व्यस्त रहे है बस बात कभी बहार नहीं आयी खुद को मॅनॅग्मेंट का काफी करीबी बता के और हमेरेस चापलूसी कर के लोगो का शोषण करना इनकी आदत सी है फ़िलहाल इनको इनके किया का थोड़ा बहुत प्रसाद मिला है , अब एक सवाल अबू खान से आप को किसी गिरे हुए इंसान को गिरा गिरा के मरने की क्या ज़रुरत है जब की भारतीय सविधान सभी के लिए बराबर है अगर आप को ईद की छुट्टी नहीं दी जा रही थी तो आप को इसके खिलाफ आवाज बुलंद करनी चाहिए पूरा हिन्दुस्तान आप लोगो का गुलाम है कुछ न कुछ तो हो ही जाता सेक्युलर भाई लोग आप के लिए झंड बुलंद करते है आप को उचित सलाह मशविरा भी देते चलिए कोई बात नहीं आप गोरखपुर मे है और वह योगी राज है जय हो गिरी जैसे गिरे हुए इंसान की अब और कितना गिरो गए उठो और खान शाहब से माफ़ी मागो और चुप चाप नौकरी करो वरनाकही २ पैसे की नौकरी भी नहीं मिलने वाली

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