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28 सांसदों की शिकायत के बाद राज्यसभा ने भेजा सुदर्शन न्यूज चैनल को नोटिस

हिंदू सांप्रदायिकता की आड़ में धंधेबाजी और व्यभिचार करने वाला सुरेश चह्वाणके को राज्यसभा की तरफ से नोटिस भेजा गया है. इस नोटिस में कहा गया है कि 28 सांसदों ने लिखित शिकायत की है कि सुदर्शन न्यूज चैनल ने उनकी मानहानि करते हुए धमकाया. नोटिस में 28 जुलाई तक सुदर्शन न्यूज चैनल को अपना पक्ष रखने को कहा गया है. अगर पक्ष नहीं रखा जाता है तो एकपक्षीय रूप से ही राज्यसभा के चेयरमैन इस मामले को देखकर अपना फैसला सुनाएंगे.

हिंदू सांप्रदायिकता की आड़ में धंधेबाजी और व्यभिचार करने वाला सुरेश चह्वाणके को राज्यसभा की तरफ से नोटिस भेजा गया है. इस नोटिस में कहा गया है कि 28 सांसदों ने लिखित शिकायत की है कि सुदर्शन न्यूज चैनल ने उनकी मानहानि करते हुए धमकाया. नोटिस में 28 जुलाई तक सुदर्शन न्यूज चैनल को अपना पक्ष रखने को कहा गया है. अगर पक्ष नहीं रखा जाता है तो एकपक्षीय रूप से ही राज्यसभा के चेयरमैन इस मामले को देखकर अपना फैसला सुनाएंगे.

सांसदों की शिकायत और राज्यसभा की तरफ से भेजे गए नोटिस की कापी यूं है :

उधर, इस मामले में बेशर्म सुरेश चह्वाणके ने खुद को पीड़ित की तरह प्रस्तुत कर धार्मिक भावनाओं को भड़काते हुए पूरे मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने लगा है. सुरेश चह्वाणके का इस मामले पर कहना है-  ”नरेश अग्रवाल के ख़िलाफ़ बोलने के कारण मुझे और सुदर्शन न्यूज के ख़िलाफ़ राज्यसभा का गंभीर नोटिस मिला है। धर्म के अपमान पर आमादा व पद के मद में चूर नरेश अग्रवाल, दिग्विजय सिंह, सहित कुल 28 सांसदों ने राज्यसभा में दबाव बनाया जिसके बाद मुझे और चैनल के खिलाफ दबाव में राज्यसभा ने नरेश अग्रवाल की अवमानना का विशेषाधिकार नोटिस भेजा है. प्रभु श्रीराम के सम्मान लिए मैं मृत्यु से भी टकराने को तैयार हूँ, ये 28 सांसद तो बहुत छोटी चीज़ हैं… मुझे आशा है कि प्रभु राम के अलावा मेरे साथ आप भी हैं …. यही धर्मयुद्ध है और मैं ये चुनौती स्वीकार करता हूँ.”

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1 Comment

1 Comment

  1. Gopal

    July 26, 2017 at 3:41 pm

    सही है संरक्षण तो सिर्फ उनको मिलना चाहिए जो जिहादियों की दलाली करते हैं|और आपसे भी अच्छा सबक मिला रिपोर्टिंग करने पर किसी को सजा मिल रही हो और पत्रकारिता का दावा करने वाले भी उसी के विरोध में बोल रहे हो तो समझ में आता है कि अंदरखाने क्या चल रहा है|

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