भगवाधारी गेस्ट ने मुस्लिम मेहमान को Live थप्पड़ मारा, देखें वीडियो

ग़ज़ब है आजकल की टीवी पत्रकारिता. सत्ता के भोंपू बन चुके न्यूज चैनलों के पास खबरों का इतना अकाल है कि अब टीआरपी के लिए लाइव डिबेट में थप्पड़बाजी करा रहे हैं. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

लो जी, सुदर्शन न्यूज वाले सुरेश चह्वाणके भी कर आए योगीजी का इंटरव्यू!

Ashwini Sharma : योगी जी आपसे ये उम्मीद नहीं थी… आप इस बात का तो ख्याल रखें कि आपका साक्षात्कार कौन कर रहा है… क्या आप नहीं जानते कि सुदर्शन न्यूज चैनल के मालिक सुरेश चव्हाण पर रेप का आरोप है… महिलाओं को जाल में फांसने वाले और खुद को देशभक्त बताने वाले सुरेश ने …

28 सांसदों की शिकायत के बाद राज्यसभा ने भेजा सुदर्शन न्यूज चैनल को नोटिस

हिंदू सांप्रदायिकता की आड़ में धंधेबाजी और व्यभिचार करने वाला सुरेश चह्वाणके को राज्यसभा की तरफ से नोटिस भेजा गया है. इस नोटिस में कहा गया है कि 28 सांसदों ने लिखित शिकायत की है कि सुदर्शन न्यूज चैनल ने उनकी मानहानि करते हुए धमकाया. नोटिस में 28 जुलाई तक सुदर्शन न्यूज चैनल को अपना पक्ष रखने को कहा गया है. अगर पक्ष नहीं रखा जाता है तो एकपक्षीय रूप से ही राज्यसभा के चेयरमैन इस मामले को देखकर अपना फैसला सुनाएंगे.

योगी की पुलिस ने मुस्लिमों के खिलाफ जहर उगलने वाले सुरेश चव्हाणके को गिरफ्तार किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समय रहते एक बड़ा कदम उठा लिया जिसके कारण यूपी के संभल में दंगा होते होते बच गया. दंगा करवाने की पूरी तैयारी कर चुके सुदर्शन न्यूज के मालिक और संपादक सुरेश चव्हाणके को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. सुरेश को लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ़्तार किया गया.

दंगा कराने पर आमादा सुदर्शन चैनल के मालिक सुरेश चह्वाणके के खिलाफ मुकदमा दर्ज

सुदर्शन चैनल के सीएमडी सुरेश चाहृवाणके संभल में दंगा फैलाने पर आमादा है. यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोपों से घिरे इस शख्स ने पत्रकारिता के उन बुनियादी वसूलों को तार तार कर दिया है जिसमें कहा जाता है कि मीडिया का काम शांति और अमन कायम रखना होता है. संभल को लेकर सुदर्शन न्यूज चैनल पर लगातार धार्मिक विद्वेष फैलाने वाली खबरें प्रसारित करने वाले चैनल मालिक और संपादक सुरेश चह्वाणके के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

न्यूज चैनल के इस एडिटर की भाषा देखिए… शर्म! शर्म!!

Priyabhanshu Ranjan : सुरेश चव्हाणके को जानते हैं? Sudarshan News नाम के ‘संघी’ चैनल का एडिटर है। सुना है कि ये प्रचार का बड़ा भूखा है। खैर, सुरेश चव्हाणके के नाम से ये मेसेज Swaraj Abhiyan के मीडिया ग्रुप में डाला गया है।

अवैध बूचड़खाने पर स्टोरी कर रहे पत्रकार राकेश पंडित को मिली धमकी

सुदर्शन न्यूज चैनल में कार्यरत तेजतर्रार पत्रकार राकेश पंडित ने अवैध बूचड़खानों पर कई स्टोरीज की. इसी सिलसिले में एक स्टोरी के दौरान उन्हें धमकियां मिलीं और बाद में चैनल के आफिस में धमकी भरे फोन आने लगे. इस संबंध में सुदर्शन न्यूज चैनल की तरफ से इलाकाई थाने में एक शिकायत दी गई है. शिकायत की एक कापी भड़ास के पास भी है, जिसे नीचे प्रकाशित किया जा रहा है. साथ ही राकेश पंडित की उस स्टोरी का प्रोमो भी नीचे दिया जा रहा है जिसे दिखाने के बाद चैनल के आफिस में धमकी भरे फोन आने लगे…

गिरफ्तारी से बचने के लिए हाथ पांव मार रहे सुदर्शन न्यूज चैनल के मालिक को नहीं मिली राहत

अपने चैनल की महिला मीडियाकर्मी के यौन शोषण का आरोपी सुदर्शन न्यूज चैनल का मालिक सुरेश चह्वाणके गिरफ्तारी से बचने के लिए हाथ पांव मार रहा है. सुरेश ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका लगाई जिसमें उसने गिरफ्तारी पर स्टे की मांग की. माननीय अदालत ने स्टे देने से इनकार करते हुए पीड़िता और आरोपी को पांच दिसंबर तक सेटलमेंट का वक्त दिया है. सूत्रों के मुताबिक सुरेश ने पीड़िता को करीब 25 लाख रुपये देने का प्रलोभन दिया जिसे पीड़िता ने ठुकरा दिया. पीड़िता का कहना है कि वह किसी कीमत पर पैसे पर नहीं बिकेगी.

सुरेश चव्हाण साहब! भड़ास का पता तो आपके मोबाइल में है, पत्रकारों के दिल में है, आप अपने अधिवक्ता को बताते क्यों नहीं?

बड़े भाई यशवंत सिंह जी!

सादर प्रणाम,

इसमें कुछ हैरान करने वाला नहीं है कि आपको किसी मीडिया संस्थान द्वारा एक बार फिर से लीगल नोटिस भेजा गया है। कई लीगल नोटिस भेजे गए हैं आपको और कई मामले भी। कुछ ऐसा ही एक संपादक और उनकी …… द्वारा भी किया गया था। जेल यात्रा भी करनी पड़ी थी और जान-ए-मन जेल भी लोगों ने जमकर पढ़ी।

सुरेश चह्वाणके ने भड़ास को भेजा लीगल नोटिस

सुदर्शन न्यूज चैनल जो मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलने के लिए कुख्यात है, भड़ास को भेजे लीगल नोटिस में लिखता है कि भड़ास पर उनके चेयरमैन सुरेश चह्वाणके के सेक्स स्कैंडल के बारे में जो खबर छापी गई है, दरअसल वह और कुछ नहीं बल्कि जहर समान है. चार पन्नों के लीगल नोटिस में सुदर्शन चैनल और इसके मालिक सुरेश चव्हाणके के वकील ने भड़ास पर छपी सुदर्शन सेक्स स्कैंडल की खबरों का हवाला देते हुए इसे बिलकुल गलत, बकवास, बेबुनियाद और चरित्र हनन करने वाला बताया है. इस नोटिस में भड़ास के बारे में कहा गया है कि इस पोर्टल का न तो कोई आफिस है और न ही कोई संपर्क नंबर, इसलिए मेल पर नोटिस भेजा जा रहा है.

सुदर्शन में पुलिस का छापा, खुफिया बेडरूम में वीर्य के निशान, ‘काम’ पिपासु मालिक को यूं दिखाया आईना (सुनें टेप-देखें तस्वीरें)

कहने को तो सुदर्शन न्यूज चैनल हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की वकालत करता है लेकिन अंदर की बात ये है कि चैनल मालिक सुरेश चह्वाणके का मूल एजेंडा किसी तरह अय्याशी करना है. वह हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के नाम पर पैसे ऐंठने के साथ साथ चैनल में महिलाओं की नियुक्ति कर उनकी इज्जत लूटता है. चैनल में काम करने वाली एक महिला मीडियाकर्मी ने काम पिपासु अपने चैनल मालिक को कैसे आइना दिखाया, जानना हो तो इस टेप को सुनिए.

‘सुदर्शन न्यूज’ के मालिक सुरेश चव्हाणके ने अपने चैनल की महिला मीडियाकर्मी को धमकाया (सुनें टेप)

आरोपी चैनल मालिक सुरेश चौव्हाणके.

सुनिए एक एक्सक्लूसिव टेप। सुदर्शन चैनल का मालिक सुरेश चव्हाणके ने अपने चैनल की जिस महिला मीडियाकर्मी का यौन शोषण किया, उस महिला को धमकाते हुए कहा कि जो करना हो करो, वह कुछ न बिगाड़ पाएगी। यहाँ तक बोला कि प्रेस कांफ्रेंस कर लो, कुछ न होगा। यानि चव्हाणके को मालूम है कि चैनल मालिक होने के कारण मीडिया वाले उसके खिलाफ कवरेज करेंगे नहीं, इसलिए उसका बाल तक बांका न होगा। बस वह यह भूल गया कि मीडिया में एक भड़ास4मीडिया भी है जो मीडिया का बाप है।

सुदर्शन चैनल के मालिक की केबिन में खुफिया बेडरूम (देखें वीडियो)

यौन शोषण के आरोप में फंसे सुदर्शन न्यूज चैनल के मालिक सुरेश चव्हाणके अपने आफिस में एक खुफिया बेडरूम रखते हैं ताकि रासलीला रचाकर लिंग पूजन करा सकें. जो लोग सुदर्शन चैनल के सीएमडी सुरेश चह्वाणके से मिलने चैनल के आफिस में बनी उनकी बड़ी सी केबिन में गए होंगे उन्हें तनिक भी पता न चला होगा कि उसी केबिन में एक सीक्रेट बेडरूम का दरवाजा है जिसका इंटीरियर कुछ यूं बनवाया गया है कि किसी को इसके होने का एहसास ही नहीं हो सकता.

यौन उत्पीड़न के आरोपी सुदर्शन चैनल के मालिक सुरेश चव्हाणके के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज

अपने चैनल की वरिष्ठ महिला मीडियाकर्मी के यौन शोषण और उत्पीड़न के मामले में नोएडा पुलिस ने करीब दस दिन की देरी के बाद अंतत: एफआईआर दर्ज कर लिया है. महिला मीडियाकर्मी द्वारा लिखित कंप्लेन दिए जाने के बाद नोएडा के एसएसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने एसपी सिटी दिनेश यादव को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था. एसपी सिटी ने सुरेश चव्हाणके को आफिस तलब किया और करीब छह घंटे तक बिठाकर पूछताछ की. एसपी सिटी ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर एसएसपी को दी जिसके बाद प्रथम दृष्टया आरोपों को सच देखते हुए एसएसपी ने मुकदमा लिखने का आदेश कर दिया. एफआईआर में आसाराम के बेटे नारायण साईं को भी आरोपी बनाया गया है.

सुदर्शन न्यूज चैनल के मालिक सुरेश चव्हाणके पर यौन शोषण का आरोप

पीड़िता चैनल में लंबे समय से कार्य कर रही.. नोएडा पुलिस को दी लिखित कंप्लेन… कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने दर्ज नहीं किया एफआईआर… 

एक बड़ी खबर खुद को प्रखर राष्ट्रवादी बताने वाले न्यूज चैनल ‘सुदर्शन न्यूज’ से आ रही है. इस चैनल में काम करने वाली एक महिला मीडियाकर्मी ने चैनल के मालिक सुरेश चह्वाणके पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. महिला मीडियाकर्मी ने नोएडा के सेक्टर छह थाने में लिखित तहरीर दी है लेकिन नोएडा पुलिस न जाने किस दबाव में न तो एफआईआर दर्ज कर रही है और न ही आरोपी चैनल मालिक को गिरफ्तार कर रही है.

सुदर्शन न्यूज में काम कर रही एक लड़की ने पूरे ऑफिस के सामने महेश का भांडा फोड़ दिया (सुनें टेप)

आज मैं सुदर्शन न्यूज की एक खबर से आपको रुबरु करवाना चाहता हूं… वैसे तो खुद को राष्ट्रवादी बोलने वाले सुदर्शन न्यूज चैनल में आए दिन कुछ न कुछ घटिया-सा किस्सा होता ही रहता है.. पर अभी आपको जल्दी का ही एक किस्सा सुनाता हूं… कुछ दिन पहले सुदर्शन न्यूज से कई कर्मचारियों को निकाला गया और कई नए लोगो की नियुक्तियां भी की गईं… यह सब किया जा रहा था आउटपुट हेड महेश चतुर्वेदी के कहने पर..

इस सुदर्शन न्यूज का तो लाइसेंस कैंसल कर देना चाहिए…

Wasim Akram Tyagi : सुदर्शन नाम के चैनल की औकात सिर्फ इसलिये बढ़ गई है कि देश ने आठ सौ साल बाद कोई ‘हिंदू’ प्रधानमंत्री देखा है। उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के सलामी के मामले को चैलन अब तक चला रहा है। आज उसने फिर उसने इसी सीरीज का पार्ट – 4 चलाया है। जिसका शीर्षक है ‘हामिद अंसारी जवाब दो’। क्या जवाब दें हामिद अंसारी ? क्या यह जवाब दें हामिद अंसारी कि उनका नाम हरवीर नहीं है बल्कि हामिद है इसलिये तूल दिया गया? या फिर यह जवाब दिया जाये कि गलती तो राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री ने की थी फिर उन्हें क्यों घसीटा गया।

सुदर्शन न्यूज़ ने सैकड़ों कर्मचारियों का हक मार रखा है

खुद को संघियों का आशीर्वाद प्राप्त होने का दावा करने वाले चैनल सुदर्शन न्यूज़ ने सैकड़ों कर्मचारियों का हक मार रखा है। इस चैनल में किसी भी कर्मचारी का न पीएफ कटता है और न कभी किसी को सैलरी स्लिप मिलती है। पिछले सात-आठ साल से चल रहे इस चैनल ने करोड़ों रुपये लोन लेकर नोएडा में शानदार बिल्डिंग भी खड़ी कर ली, लेकिन कर्मचारियों का हक मारने का सिलसिला जारी है।

ब्लैकमेलिंग मामले में ‘सुदर्शन न्यूज’ चैनल के मालिकान भी संदेह के घेरे में! लीपापोती के लिए सारे घोड़े खोले!!

जिन चार लोगों को ब्लैकमेलिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है, उनसे पूछताछ और मोबाइल काल डिटेल चेक करने के बाद दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के शक के दायरे में सुदर्शन न्यूज चैनल के एक मालिकान भी आ गए हैं. चैनल के बड़े मालिक हैं सुरेश चह्वाणके. इनके छोटे भाई भी एक मालिक हैं जिनका नाम है राम चह्वाणके. सुदर्शन न्यूज की एसआईटी के लोग राम चह्वाणके के अधीन रहकर काम करते थे. सुदर्शन न्यूज के गिरफ्तार रिपोर्टरों ने क्राइम ब्रांच की पूछताछ में बताया है कि उगाही का एक हिस्सा वह चैनल के मालिक को देते थे.

सुदर्शन न्यूज चैनल की असलियत सामने आई, ब्लैकमेलिंग में रिपोर्टर समेत चार गिरफ्तार

खुद को प्रखर राष्ट्रवादी बताने वाले न्यूज चैनल सुदर्शन न्यूज की असलियत सामने आ गई है. इस चैनल की एसआईटी यानि स्पेशल इवेस्टीगेटिंग टीम के चार लोगों को ब्लैकमेलिंग में गिरफ्तार किया गया है. ये सभी नर्सिंग होम व क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टरों व पैथोलॉजी लैब मालिकों को लिंग परीक्षण के नाम पर ब्लैकमेल करते थे. आरोपियों में सुदर्शन चैनल के दो रिपोर्टर, एक महिला जो एक रिपोर्टर की पत्नी है, शामिल हैं.  चारों 50 से अधिक नर्सिग होम, लैब मालिक व डॉक्टरों को स्टिंग में फंसाकर करोड़ों रुपये की वसूली कर चुके हैं.

सुदर्शन न्यूज से मैनेजिंग एडिटर नवीन पांडेय का इस्तीफा, दैनिक भास्कर दिल्ली के संपादक राजेश उपाध्याय का तबादला

सुदर्शन न्यूज से मिली जानकारी के अनुसार नवीन पांडेय ने चैनल से इस्तीफा दे दिया है. वे मैनेजिंग एडिटर के पद पर कार्यरत थे. नवीन पांडेय कई अखबारों और चैनलों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं. सुदर्शन न्यूज से पहले वह चैनल वन और उससे पहले इंडिया टीवी में कार्यरत थे. सुदर्शन न्यूज में लगातार उठापटक चलता रहता है. यहां लोगों के आने और जाने का सिलसिला जारी रहता है. असल में प्रबंधन अपने पत्रकारों को बिजनेस टारगेट देता है, जिसके कारण यहां ठीकठाक लोग टिक नहीं पाते. साथ ही  इस चैनल में अचानक किसी की भी सेलरी आधी कर दी जाती है ताकि वह इस्तीफा दे दे या फिर कम सेलरी में काम करता रहे. चैनल में सीईओ के रूप में आरपी सिंह के आने के बाद से नवीन पांडेय के जाने की चर्चाएं शुरू हो गई थी.