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मध्य प्रदेश

लीक से हटकर काम करना है तो होना चाहिए पागलपन : आशुतोष

इंदौर। यदि आप लीग से हटकर कुछ करना चाहते हैं तो उसके लिए पागलपन जरूरी है। मैं कभी राजनीति में आना नहीं चाहता था, लेकिन मुझे लगा कि अण्णा, अरविंद जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं उससे समाज की बुराइयां मिटाई जा सकती हैं, तो मैं भी अच्छाई की राजनीति में अपना रोल निभाने कूद पड़ा। यह बात वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिज्ञ आशुतोष ने कही। वे शनिवार को वे शहर में थे। उन्होंने वर्चुअल वॉयज कॉलेज में पहले मीडिया स्टूडेंट्स की क्लास ली। उन्होंने मीडिया फील्ड में आने वाले स्टूडेंट्स को समझाइश देते हुए कहा कि यदि आप इस फील्ड में ईमानदारी से काम करेंगे तो कभी परेशान नहीं होना पड़ेगा और हमेशा आत्मसंतुष्टि महसूस करेंगे।

इंदौर। यदि आप लीग से हटकर कुछ करना चाहते हैं तो उसके लिए पागलपन जरूरी है। मैं कभी राजनीति में आना नहीं चाहता था, लेकिन मुझे लगा कि अण्णा, अरविंद जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं उससे समाज की बुराइयां मिटाई जा सकती हैं, तो मैं भी अच्छाई की राजनीति में अपना रोल निभाने कूद पड़ा। यह बात वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिज्ञ आशुतोष ने कही। वे शनिवार को वे शहर में थे। उन्होंने वर्चुअल वॉयज कॉलेज में पहले मीडिया स्टूडेंट्स की क्लास ली। उन्होंने मीडिया फील्ड में आने वाले स्टूडेंट्स को समझाइश देते हुए कहा कि यदि आप इस फील्ड में ईमानदारी से काम करेंगे तो कभी परेशान नहीं होना पड़ेगा और हमेशा आत्मसंतुष्टि महसूस करेंगे।

आशुतोष ने मीडिया के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि जर्नलिज्म एक तलाश है नई चीजों को खोजने की। उन्होंने कहा एक पत्रकार में प्रश्न पूछने की आदत होना चाहिए। सामने वाले व्यक्ति को असहज महसूस करा दे, ऐसे प्रश्न हमें पूछना आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकार भले ही पंडित न हो पर उसे जानकारी हर विषय की होना चाहिए। यदि मोदी के इंटरव्यू के बाद उसे तुरंत दीपिका पादुकोण का इंटरव्यू करने को कहा जाए तो उसे दीपिका के बारे में भी कुछ-कुछ मालूम होना चाहिए।

मीडिया स्टूडेंट्स के लिए आशुतोष ने कहा कि अच्छी कॉपी लिखना एक आर्ट है। एक व्यक्ति ने यदि पीएचडी की है तो जरूरी नहीं, कि वह अच्छी कॉपी भी लिख सकता है। संभवतः वह अच्छी कॉपी नहीं लिख पाएगा। उन्होंने कहा कि हम किसी भी फील्ड में हमेशा होमवर्क करके घर से निकलना चाहिए। स्ट्रगल भी हर फील्ड में हैं।

आशुतोष ने कहा कि अभी हमारी आम आदमी पार्टी प्रोसेस में है, संगठन तैयार हो रहा है इस दौरान कई गलतियां होंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले सौ दिन में कोई भी ऐसा काम नहीं किया, जिससे आम लोगों को राहत मिले। महंगाई वहीं के वहीं बनी हुई है। विदेश नीति में भी हम फेल हो रहे हैं। पाकिस्तान से हमले लगातार जारी हैं। जब हम दिल्ली में थे तो हर दिन सवाल किए जाते थे, अब भाजपा को भी जवाब देना होंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकार न चलाना हमारी गलती थी। अब हम दिल्ली में वापस चुनाव चाहते हैं। आप पार्टी का लक्ष्य अभी दिल्ली में ही चुनाव लड़ने का है, अन्य स्थानों पर नहीं। (साभार- वेब दुनिया)

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3 Comments

3 Comments

  1. सिकंदर हयात

    September 1, 2014 at 1:56 pm

    पहले आशुतोष साहब से चिढ सी थी मगर य भी सच हे की अब उनके जाने के बाद से उनका चेनेल विधवा सा हो गया हे

  2. sharad shukla

    September 2, 2014 at 4:08 am

    इसके जाने से कई फर्क नहीं पड़ा है। वहां से कई लोगों ने या तो इस्तीपा दिया है या फिर हटा गए हैं। नई टीम आएगी, चैनल बढ़िया चलेगा।

  3. acb

    September 5, 2014 at 10:58 am

    प्रिय महोदय,
    आपको ये बताते हुए मुझे बहुत ही दुःख हो रहा है कि पिछले कुछ महीनों में ई टी वीं न्यूज़ एक सम्मान जनक न्यूज़ चैनल होने के बाद भी रिश्वतखोरों और भ्रष्टाचारिओं का अड्डा बन गया है जहाँ पहले खबरों को प्राथमिकता दी जाती थी वही आज पैसे लेकर खबर चली जा रही है और ये पैसे किसी कंपनी या संस्था से नहीं लिए जा रहे है बल्कि ये रुपये लिए जा रहे है आपके ही चैनल में काम करने वाले स्ट्रिंगर और इंफॉर्मोर्स से जो भी व्यक्ति अरुण त्रिवेदी और निर्मल कुमार शाक्य को रुपये देता है उनकी छोटी से खबर भी फुल स्क्रीन पर ब्रेक की जाती है, कई बार तो ऎसा देखा गया है कि संपादक महोदय श्री अजय त्रिपाठी जी जो खबर रुकवा देते है वही खबर अरुण त्रिवेदी अगले दिन चलबा देते है वहीं कुछ खबरें जो स्क्रॉल में जाने लायक ही होती हैं वह खबरें भी ब्रेकिंग में चलायी जा रही हैं उदाहरण के तौर पर आप कभी रेवा इनफॉर्मर की खबर देखिएगा जो हमेशा छोटी खबर होने के बाद भी ब्रेकिंग और विसुअल भी चलवा लेता है वही हमारी बड़ी खबरें भी ड्राप कर दी जाती है जब मैंने कुछ और लोगों से बात की तो पता चला भी रीवा इनफॉर्मर और कुछ और इनफॉर्मर जैसे खजुराहो , टीकमगढ़ स्ट्रिंगर, नौगांव इनफॉर्मर आदि से अरुण त्रिवेदी और निर्मल कुमार शाक्य ( जो की भोपाल कंट्रोल रूम में कार्य करते है) ने इन सभी लोगों से २५-२५ हज़ार रुपये लिए हैं इसलिए इन सभी की छोटी खबरें भी फुल स्क्रीन चलती है,
    श्रीमान जी इस कारण से हमारी कार्य करने की मनोस्थिति पर गहरा आघात हो रहा है जी कारण हम अपनी पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर प् रहे है जैसे पहले हमारी स्पेशल स्टोरी भी चलायी जाती थी , अब स्थिति ये हैं की हम लोगों को सिर्फ रूटीन स्टोरी करने को ही कहा गया है जब भी कभी कुछ स्पेशल स्टोरी बताते है तो अरुण त्रिवेदी उन स्टोरी के लिए मना कर देते है अतः श्रीमान जी आपसे निवेदन हैं कि कृपया कर इन बिन्दुओं पर ध्यान दें। अरुण त्रिवेदी सभी उन लोगों को जिलों और तहसील स्तर पर नियुक्त कर रहे है जो भी उनको मोटी रकम देने को तैयार हो जाता महोदय ये पत्रकारिता का खुला व्यापार कृपया बंद करवाएं आपसे निवेदन है कि इस सन्दर्भ में उचित कदम उठाएं

    धन्यबाद

    आपका और चैनल का शुभ चिंतक

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