राजनीतिक टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर-मित्रा को न्यूज़लॉन्ड्री की महिला पत्रकारों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में दिल्ली की एक अदालत से अंतरिम राहत मिली है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) पुरुषोत्तम पाठक ने 9 जून 2026 को सुनवाई के दौरान कहा कि अभिजीत अय्यर-मित्रा की विवादित पोस्ट ‘शायरी’ के रूप में लिखी गई थीं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि उन पोस्ट में न्यूज़लॉन्ड्री की किसी पत्रकार का नाम लेकर सीधे तौर पर किसी को निशाना नहीं बनाया गया था।
अदालत ने कहा कि फिलहाल मजिस्ट्रेट के एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर रोक लगाने से किसी पक्ष को कोई नुकसान नहीं होगा। न्यायाधीश ने कहा कि पोस्ट में इस्तेमाल किए गए शब्दों और वाक्यों की बारीकी से व्याख्या दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही की जा सकती है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि पोस्ट के पीछे की मंशा (मेंस रिया) का पता लगाने के लिए पुलिस की सहायता भी आवश्यक होगी, जो दोनों पक्षों के जवाब रिकॉर्ड पर आने और उनकी दलीलें सुनने के बाद ही तय की जा सकेगी।
इस मामले में अभिजीत अय्यर-मित्रा की ओर से अधिवक्ता पर्सिवल बिलिमोरिया, जैस्मिन डैमकेवाला, प्रियंवदा पनेरू और रचिता सूद ने पैरवी की। वहीं, न्यूज़लॉन्ड्री की ओर से नंदिता राव, बानी दीक्षित, उद्धव खन्ना और ध्रुव विग अदालत में पेश हुए।
क्या है पूरा विवाद?
अप्रैल 2026 में न्यूज़लॉन्ड्री की एडिटोरियल डायरेक्टर मनीषा पांडे और संस्थान की पांच अन्य महिला पत्रकारों ने अभिजीत अय्यर-मित्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर महिला पत्रकारों के लिए अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया।
शिकायत के अनुसार, अभिजीत अय्यर-मित्रा ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट ‘Iyervval’ से कई पोस्ट किए थे। इनमें एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “दूर गांव में न्यूज़लॉन्ड्री नाम की बस्ती थी, जहां र****न सस्ती थी।” इसी टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।
इससे पहले साकेत कोर्ट ने मामले को पुलिस जांच योग्य मानते हुए मालवीय नगर थाने के एसएचओ को अभिजीत अय्यर-मित्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था और 4 मई 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।
उधर, न्यूज़लॉन्ड्री की महिला पत्रकारों ने दिल्ली हाईकोर्ट में भी अभिजीत अय्यर-मित्रा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि अय्यर-मित्रा ने न्यूज़लॉन्ड्री को “वेश्यालय” और उसकी महिला पत्रकारों को “वेश्याएं” बताकर उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई। हालांकि, अभिजीत अय्यर-मित्रा द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर किए जाने के बाद इस मामले की कार्यवाही पर भी रोक लग गई थी।
अब साकेत कोर्ट दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और विवादित पोस्ट की सामग्री की समीक्षा करने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।
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