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सियासत

कॉकरोच पार्टी सिर्फ एक हवा का बुलबुला है!

Hindi Facebook post rant criticizing the Congress party and praising BJP, mentioning social media and online deception as a concern.

सुरेश चिपलुनकर-

21 मई को ही लिख दिया था, कॉकरोच पार्टी सिर्फ एक हवा का बुलबुला है.. कल की “सो कॉल्ड भारी भीड़” को देखते हुए, युवाओं का गुस्सा “ऑनलाइन” निकालने का एक साधन मात्र है यह..

इससे कुछ भी होना जाना नहीं है, यह न तो राजनैतिक आंदोलन बनेगा (क्योंकि सड़क पर उतरने लायक इन कॉकरोचों की न तो संख्या है, न इच्छा है, न औकात है), ना ही वोटों में तब्दील होकर मोदी को उखाड़ सकने लायक इनकी कोई हैसियत है..

जो सरकार किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए कंक्रीट और कीलें बिछा देती है, जो सरकार तमिलनाडु से आए किसानों को जंतर मंतर से दुत्कार कर भगा देती है, जिस सरकार के सामने पूर्व सैनिक अपने orop को लेकर जंतर मंतर पर जंग हार जाते हैं, सरकार का कोई नुमाइंदा उनसे मिलने भी नहीं आता.. यूजीसी के मुद्दे पर सवर्ण संगठनों को मोदी जंतर मंतर पर घुसने भी नहीं देते, वो मोदी सरकार “अचानक, फटाफट” इन कॉकरोचों को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति भी दे देती है (जबकि नियमानुसार 7 दिन पहले प्रदर्शन की अनुमति थाने में स्वयं उपस्थित होकर देनी पड़ती है)..

फिर बड़े आराम से “अमेरिका रिटर्न बाबूजी” एयरपोर्ट पर उतरकर, मस्ती में प्रदर्शन करते हैं.. दो, चार हजार की भीड़ एकत्रित होती है, चाय नाश्ता होता है, सरकार अमेरिका रिटर्न बाबूजी की सुरक्षा में लग जाती है.. और “अल्टीमेटम” (हा हा हा हा हा) दे दिया जाता है कि एक हफ्ते में धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे..

सोचिए, ऐसा सब कुछ इतना आराम आराम से, सहमति सहमति से,, रोज़ी रोज़ी, कोज़ी कोज़ी क्योंकर हुआ?? क्योंकि मोदी सरकार जानती है कि ये लोग कुछ नहीं उखाड़ पाएंगे.. सरकार का बाल भी बांका नहीं कर सकेंगे..

इस प्रकार जैसे ओवैसी, मुस्लिम वोट काटने वाली भाजपा की “बी” टीम है, उसी प्रकार सरकार ने इन्हें बढ़िया तरीके से मूर्ख बनाकर अपनी “अघोषित” C टीम बना लिया,, अब क्रोधित छात्रों का गुस्सा इधर उधर सड़कों पर निकल जाएगा.. वोट देते समय कॉकरोच बिखर जाएंगे, कोई आप को वोट देगा, कोई सपा को देगा, कोई बसपा को देगा, कोई चंद्रशेखर को भी दे सकता है (क्योंकि अमेरिका रिटर्न बाबूजी, जय भीम का नारा भी लगा दिए हैं)…

ऐसे बिखरे हुए वोटों, जमीन पर न उतरने वाले फर्जी कार्यकर्ताओं,, दिल्ली को पूरा देश समझने वालों,, और वामपंथियों का सहारा लेकर ये लोग मोदी सरकार को बदलने चले हैं?? ह ह ह ह ह… व्हाट अ जोक..

अब मोदी, अगले मंत्रिमंडल फेरबदल में प्रधान को यहां से हटाकर दूसरे मंत्रालय में शिफ्ट कर देंगे, जैसे स्मृति ईरानी को किया था.. काकरोच गैंग इस बात से खुश हो जाएगा कि “देखा, हमारे आंदोलन की ताकत!!” और भाजपा भी खुश.. कि चलो मामला खत्म..

जब चुनाव आएंगे,, तब तू कौन, मैं खामख्वाह.. क्योंकि चुनाव जीतना एक अलग “ट्रिक” होती है,, उसका यूजीसी, neet, cbse, कॉकरोच से कोई संबंध नहीं होता.. सोचिए, अभिजीत दीपके ने इस पूरे गेम में कहां कहां से कितनी फंडिंग उठाई होगी? क्या भाजपा से भी?

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