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आगरा में NUJ के राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के पत्रकारों ने समस्याओं पर किया चिंतन!

Man in a green vest speaks at a podium during a press conference or formal event, with a large red banner in Hindi behind him and a row of officials seated on stage.

निर्मल कांत शुक्ल-

उत्तर प्रदेश के आगरा में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे) राष्ट्रीय सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पत्रकारिता को लोकतंत्र की प्राण वायु बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने में मीडिया की निर्णायक भूमिका है।

उपमुख्यमंत्री ने सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की जीवन रेखा है और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदारपूर्ण है। लोकतंत्र तभी सशक्त और जीवंत रह सकता है, जब उसके सभी स्तंभ अपनी-अपनी भूमिका का निष्पक्षता और स्वतंत्रता के साथ निर्वहन करें।

राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उपमुख्यमंत्री ने सम्मेलन में उपस्थित देश के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि पत्रकार दिन-रात समाज को जागरूक करने, जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।

मौर्य ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की कलम में अपार शक्ति होती है। यदि सरकार जनहित के कार्यों में कहीं कमी छोड़ती है तो पत्रकार उसे सामने लाने का अधिकार रखते हैं और यदि कोई अच्छा कार्य होता है तो उसे जनता तक पहुंचाने में भी मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

श्री मौर्य ने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने अभिव्यक्ति के नए अवसर प्रदान किए हैं, लेकिन इसके साथ-साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। पत्रकारिता को तथ्यों, निष्पक्षता और राष्ट्रहित के मूल्यों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों की समर्थक है तथा पत्रकारों से जुड़े विषयों और समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील है। उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों से लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने में अपनी रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी, राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप तिवारी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अरविंद सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री व कार्यक्रम संयोजक प्रमोद गोस्वामी, प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र दुबे, प्रदेश महामंत्री द्विजेंद्र शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष अरुण कुमार अवस्थी, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारीगण, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पूनिया, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, एनयूजेआई परिवार के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों की उपस्थिति रही।

डिप्टी सीएम ने पत्रकारों का किया सम्मान

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी, राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप तिवारी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अरविंद सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रमोद गोस्वामी, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र दुबे, पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सूचना आयुक्त वीरेंद्र सक्सेना, उपाध्यक्ष गोलेश स्वामी, प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मल कांत शुक्ल, संगठन के विधि परामर्शी अशोक शुक्ला, उत्तर प्रदेश महामंत्री द्विजेंद्र मोहन शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष अरुण अवस्थी, आगरा इकाई के अध्यक्ष के.पी. सिंह, महासचिव दिलीप सुराना, उपाध्यक्ष अजेंद्र सिंह चौहान एवं पीयूष जैन, उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष सुनील दत्त पांडेय, संजय तलवार, दिल्ली इकाई के अध्यक्ष राकेश थपलियाल, प्रतिभा शुक्ला, लखनऊ इकाई के अध्यक्ष आशीष मौर्य, महामंत्री पद्माकर पांडेय, उपाध्यक्ष विमल पाठक, वरिष्ठ महिला पत्रकार पूनम कुमारी, झांसी इकाई की अध्यक्ष सोनिया पांडेय, महामंत्री दीपक जौहरी, प्रभात सक्सेना, शाहजहांपुर इकाई के अध्यक्ष नरेंद्र यादव, चित्रकूट के जिलाध्यक्ष रतन पटेल, सहारनपुर इकाई के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार तथा हाथरस के नीरज चक्रपाणि और कासगंज के विक्रम पांडेय सहित तेलंगाना, उत्तराखंड, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली समेत कई राज्यों से आए वरिष्ठ पत्रकारों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

पत्रकारिता की डगर बेहद कठिन : योगेंद्र उपाध्याय

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रथम दिवस की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हर क्षेत्र का संगठन होना चाहिए। संगठित प्रयास जब किसी के कार्य के लिए होता तो उसके परिणाम भी आते हैं। पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले नारद जी थे। उन्होंने कहा कि न्यूज़ छापना तो ठीक है। लेकिन ब्यूज को न्यूज़ बना दें, यह उचित नहीं। श्री उपाध्याय ने कहा कि पत्रकारिता ने लंबा सफर तय किया है। वेद पुराण लिखे गए, जिसमें अतीत को दर्शाया गया, यह भी पत्रकारिता ही है। पुराने लोगों ने कठिनाइयों को दौर देखा है। समस्या का खात्मा नहीं हो सकता लेकिन उसका निदान होना चाहिए। इस तरह से मंथन होते रहना चाहिए। पत्रकार का बेहद कठिन जीवन है, पत्रकारिता की डगर बेहद कठिन है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री होने के नाते वह पत्रकारों की हर समस्या के समाधान के लिए संकल्पित हैं।

पुरानी पीढ़ी की पत्रकारिता के संस्कार आज भी नई पीढ़ी की ताकत हैं : डॉ एसपी सिंह बघेल

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रथम दिवस पर मुख्य अतिथि केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज राज्य मंत्री डॉ एसपी सिंह बघेल ने अपने सरकारी सेवाकाल के दौरान पत्रकारों के साथ जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संप्रेषण नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व और मूल्यों के निर्वहन का महत्वपूर्ण माध्यम है। डॉ. बघेल ने पुरानी पीढ़ी के पत्रकारों के संस्कार, समर्पण और निष्पक्षता की सराहना करते हुए कहा कि वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकारिता को एक मिशन के रूप में जिया है। उन्हीं मूल्यों और परंपराओं की झलक आज की युवा पीढ़ी के पत्रकारों में भी दिखाई देती है, जो भविष्य में और अधिक सशक्त रूप में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज और शासन-प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। कई बार ऐसी घटनाओं और जनसमस्याओं की जानकारी पत्रकारों के माध्यम से ही मिलती है, जिससे मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने और आवश्यक कार्रवाई करने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की आंख और कान हैं, इसलिए तथ्यपरक, जिम्मेदार और मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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