Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

ब्लूमबर्ग ने भारत द्वारा सोना बेचने की ख़ुद की खबर को ग़लत बताकर वापस लिया!

आरबीआई ने भी खारिज की सोना बेचने की खबर, केंद्रीय बैंक ने कहा- भारत का भौतिक स्वर्ण भंडार 880.52 टन पर यथावत, सरकार ने भी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को बताया गलत!

Portrait of a middle-aged man wearing glasses and a maroon shirt, standing in front of a purple backdrop with Hindi logos.

राजीव रंजन झा-

ब्लूमबर्ग आर्थिक पत्रकारिता के क्षेत्र में बहुत प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय एजेंसी है, जिसके समाचारों को बहुत प्रामाणिक माना जाता है। पर इसने आरबीआई की ओर से सोना बेचने की अटकलबाजी वाली जो खबर चलायी, उससे यही पता चलता है कि गलती किसी से भी हो सकती है।

Bloomberg article headline:'Bloomberg Retracts Incorrect Story on RBI Gold' by Jeanette Rodrigues, June 2, 2026 (updated/corrected).
img 8875

पिछले 2 दिनों में जितने लोगों ने सोना बिकने की खबर का रायता फैलाया, उनमें से शायद ही किसी ने आरबीआई की ओर से खंडन और स्पष्टीकरण आने के बाद भी अपने उस रायते को समेटने का कष्ट किया। जब मकसद रायता फैलाना ही हो, तो बात गलत निकल जाने पर भी रायते को समेटने की जहमत क्यों उठायें भला! फेंक जहाँ तक रायता जाये…।

ब्लूमबर्ग ने वापस ली RBI के सोना बेचने वाली रिपोर्ट, विश्लेषण में गलती मानी, RBI के खंडन के बाद ब्लूमबर्ग ने प्रकाशित किया रिट्रैक्शन, कहा- गलत विश्लेषण के आधार पर छपी थी खबर

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए सोना बेचने का दावा करने वाली ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट आखिरकार वापस ले ली गई है। ब्लूमबर्ग ने स्वीकार किया है कि उसकी 2 जून 2026 की रिपोर्ट एक गलत आर्थिक विश्लेषण पर आधारित थी और इसी कारण उसे औपचारिक रूप से रिट्रैक्ट किया जा रहा है।

ब्लूमबर्ग द्वारा प्रकाशित रिट्रैक्शन नोट में कहा गया है कि 2 जून को प्रकाशित खबर ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के एक गलत विश्लेषण पर आधारित थी। रिपोर्ट में RBI के स्वर्ण भंडार का मूल्यांकन करते समय घरेलू बाजार के उसी दिन के सोने के दामों का उपयोग किया गया था, जबकि सही गणना के लिए लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन, एलबीएमए, के पूर्व दिवस के मूल्य का उपयोग किया जाना चाहिए था। संशोधित गणना में यह पाया गया कि मई महीने के दौरान RBI की स्वर्ण होल्डिंग्स में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

गौरतलब है कि ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स ने दावा किया था कि 22 मई तक के दो सप्ताह में RBI ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचकर विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां खरीदीं और रुपये को सहारा देने की कोशिश की। इस दावे के सामने आते ही RBI ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि उसके स्वर्ण भंडार में कोई कमी नहीं आई है और ऐसी खबरें गलत हैं।  

भारत सरकार की पीआईबी फैक्ट चेक इकाई ने भी रिपोर्ट को भ्रामक बताते हुए कहा था कि RBI का भौतिक स्वर्ण भंडार 880.52 टन पर यथावत है तथा भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी घटने के बजाय बढ़ी है।  

ब्लूमबर्ग द्वारा रिपोर्ट वापस लिए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि RBI द्वारा सोना बेचने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत था। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दुनिया की सबसे प्रभावशाली वित्तीय समाचार एजेंसियों में शामिल ब्लूमबर्ग को अपनी ही प्रमुख आर्थिक रिपोर्ट वापस लेनी पड़ी।

अब सवाल यह भी उठ रहा है कि RBI द्वारा खंडन और सरकारी फैक्ट चेक के बाद भी कई भारतीय मीडिया संस्थानों ने ब्लूमबर्ग की प्रारंभिक रिपोर्ट को प्रमुखता से प्रकाशित किया, लेकिन उसके रिट्रैक्शन को उतनी प्रमुखता नहीं दी। इससे आर्थिक पत्रकारिता में स्रोतों के सत्यापन और डेटा विश्लेषण की विश्वसनीयता पर नई बहस छिड़ गई है।

ज्ञात हो, भारतीय रिजर्व बैंक ने भी उन रिपोर्टों को गलत बताया है जिनमें दावा किया गया था कि रुपये और विदेशी मुद्रा भंडार को संभालने के लिए RBI ने लगभग 12 अरब डॉलर यानी करीब 1.14 लाख करोड़ रुपये का सोना बेच दिया है। RBI ने स्पष्ट किया है कि उसके पास मौजूद भौतिक सोने का भंडार 880.52 टन पर पहले की तरह कायम है और सोना बेचने संबंधी खबरें सही नहीं हैं।

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के एक विश्लेषण में अनुमान जताया गया कि मई के दूसरे पखवाड़े में RBI ने सोना बेचकर विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां बढ़ाई होंगी। इस विश्लेषण के आधार पर कई मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खबरें प्रसारित हुईं।

हालांकि RBI ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उसके मासिक बुलेटिन में स्वर्ण भंडार की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और सोने की भौतिक मात्रा में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार की PIB फैक्ट चेक इकाई ने भी इस दावे को फर्जी बताते हुए कहा कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी हाल के महीनों में बढ़ी है, घटी नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया कि RBI ने ब्लूमबर्ग के विश्लेषण को खारिज करते हुए कहा है कि उसके स्वर्ण भंडार की मात्रा यथावत है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि RBI द्वारा बड़े पैमाने पर सोना बेचने का दावा आधिकारिक तथ्यों से पुष्ट नहीं होता। उपलब्ध सरकारी और केंद्रीय बैंक के रिकॉर्ड के अनुसार भारत का स्वर्ण भंडार पहले की तरह सुरक्षित और अपरिवर्तित है।

लेखक राजीव रंजन झा वरिष्ठ आर्थिक पत्रकार और निवेश मंथन मैग्ज़ीन के प्रधान संपादक हैं.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन