लखनऊ/मुरादाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यूज24 के पत्रकार शहनवाज (Shahnawaz) को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा है कि अगली सुनवाई तक पत्रकार के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, बशर्ते वह जांच में पूरा सहयोग करें।
अदालती कवरेज करने वाली वेबसाइट लाइव लॉ के अनुसार, न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान और न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश मुरादाबाद में दर्ज एक एफआईआर (FIR) के मामले में दिया। एफआईआर पत्रकार शहनवाज द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वायरल वीडियो रीपोस्ट करने के बाद दर्ज की गई थी।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता अमन मुरादाबाद नगर निगम में आउटसोर्सिंग के जरिए कार्यरत सफाई कर्मचारी हैं। शिकायत में कहा गया है कि वायरल सीसीटीवी वीडियो में नगर निगम के एक अन्य संविदाकर्मी अजय को सुबह के समय एक दुकान के सामने डस्टबिन का कूड़ा फैलाते हुए दिखाया गया है।
आरोप है कि शहनवाज ने इस वीडियो को अपने एक्स अकाउंट से साझा करते हुए ऐसे तथ्यों का उल्लेख किया, जिससे नगर निगम की छवि खराब हुई और समाज में वैमनस्य फैलने की आशंका पैदा हुई। इसी आधार पर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
एफआईआर में दो अन्य एक्स यूजर्स को भी आरोपी बनाया गया है, जिन्होंने संबंधित पोस्ट पर टिप्पणी की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इन टिप्पणियों के जरिए मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई।
पत्रकार की ओर से अधिवक्ता आदर्श श्रीवास्तव और रीना पाल ने अदालत में दलील दी कि शहनवाज ने केवल एक पहले से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो को रीपोस्ट किया था। वह वीडियो के मूल स्रोत या निर्माता नहीं थे।
इस दलील पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल पत्रकार को अंतरिम राहत प्रदान की। अदालत ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष आवश्यकतानुसार उपस्थित होने और जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश भी दिया गया है।
अदालत ने राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता को मामले में निर्देश प्राप्त करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।


