नई दिल्ली: केरल में एक नया टीआरपी घोटाला (TRP Scam) सामने आया है, जिसने पांच साल बाद एक बार फिर ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री को झकझोर दिया है। इस खुलासे की शुरुआत मलयालम न्यूज़ चैनल ट्वेंटीफोर न्यूज़ की रिपोर्ट से हुई, जिसमें टीआरपी में हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, घोटाले में एक केरल स्थित न्यूज चैनल, BARC इंडिया के एक वरिष्ठ कर्मचारी और टीआरपी से जुड़ी संवेदनशील जानकारी—जैसे BARC मीटर कहां-कहां लगे हैं, उन क्षेत्रों के पिन-कोड स्तर के डाटा—के लीक होने के आरोप शामिल हैं।
हालाँकि ट्वेंटीफोर न्यूज़ ने अपने प्रसारण में किसी चैनल का नाम नहीं लिया, लेकिन स्वतंत्र डाटा एनालिसिस यह संकेत देती है कि मामला रिपोर्टर टीवी (Reporter TV) से जुड़ा हो सकता है। चैनल पर लगे आरोपों की पुष्टि उन चार्ट्स से होती है, जिन्हें ट्वेंटीफोर न्यूज़ ने प्रसारित किया था। ये आंकड़े 2024 के सप्ताह 28 से सप्ताह 40 के बीच के हैं और इनमें संबंधित चैनल की टीआरपी में 125% की उछाल दिखायी गई है।


BARC के वास्तविक आंकड़ों से तुलना करने पर पता चला कि ट्वेंटीफोर न्यूज़ द्वारा दिखाया गया ग्राफ रिपोर्टर टीवी के आंकड़ों से मेल खाता है।
कोच्चि स्थित यह 24×7 मलयालम न्यूज चैनल रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में है, जो इमाराज ग्रुप के मीडिया नेटवर्क का हिस्सा है। चैनल के प्रमुख लोगों में एंटो ऑगस्टीन (मैनेजिंग डायरेक्टर एवं एडिटर-इन-चीफ), रोजी ऑगस्टीन (चेयरमैन) और जोजेकुट्टी ऑगस्टीन (वाइस चेयरमैन) शामिल हैं।
ट्वेंटीफोर न्यूज़ की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि चैनल मालिक ने कथित रूप से USDT क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भुगतान किया, जो ट्रस्ट वॉलेट में मौजूद BARC कर्मचारी प्रेमनाथ के अकाउंट में भेजा गया। चैनल ने दोनों के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट और कॉल रिकॉर्ड्स का भी हवाला दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक मई 2025 की एक चैट में सप्ताह का जो डेटा पहले से शेयर किया गया था, वह BARC के अंतिम आंकड़ों से हूबहू मेल खाता है। इससे इस बात पर संदेह और गहरा गया कि डाटा सिस्टम के भीतर से ही लीक हो रहा था।
इस पूरे मामले पर BARC इंडिया ने बयान जारी कर कहा—
“BARC इंडिया को मलयालम चैनल ‘ट्वेंटी-फोर’ की उस रिपोर्ट की जानकारी है जिसमें एक BARC कर्मचारी के कथित रूप से रेटिंग मैनिपुलेशन में शामिल होने का दावा किया गया है। मामले की तात्कालिक, पारदर्शी और पूरी जांच के लिए हमने एक स्वतंत्र एजेंसी को नियुक्त किया है, जो इस पूरे प्रकरण का फोरेंसिक ऑडिट कर रही है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, सभी पक्षों और मीडिया से अनुरोध है कि बिना पुष्टि के दावे या अटकलें न लगाएं।”
BARC इंडिया ने कहा है कि वह अपने सभी हितधारकों के प्रति ईमानदारी और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।


